आशा करतें हैं जिन लोगों ने इसकी प्री बुकिंग करा रखी है, उनके हाथों में भी जल्द आकाश हो। हमारे हाथ में, बहरहाल ये आ गयी है, और देखिये इसके डब्बे के अन्दर आखिर क्या है।
Tuesday, December 11, 2012
Wednesday, November 28, 2012
ग़ज़ल-ए-आकाश...अर्ज़ किया है
आईपैड तो नहीं भेजा, किन्डल भी नहीं दी है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
कीमत है नहीं ज़्यादा, सब्सिडी की ये बातें हैं
इस दाम को वो क्या जाने, गैलेक्सी जिसने ही ली है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
उस टैब से नहीं मतलब, स्टोर में जो बिकती है
मतलब है उस टैबलेट से, सरकार जो थमाती है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
हर वेबसाईट टपकता है, आलोचना-ए-आकाश से
हर लेखक यही कहता है, आकाश हमें नहीं मिलती है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
आकाश के नाम का ये, भारत का एक करिश्मा है
चीनी है इंटीरियर, पर इंडियन ही तो दर्ज़ी है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
Wednesday, November 21, 2012
मोबाइल टच किए बिना भेजें मैसेज
माना
लीजिए आप एक दिन अपना मोबाइल फोन घर पर ही भूल जाते हैं और ऑफिस निकल जाते
हैं, तो क्या करेंगे? अगर आपके पास एंडराॅयड फोन है तो आपको मोबाइल के लिए
वापस घर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
एंडराॅयड यूजर्स के लिए गूगल प्ले पर एक ऐसी शानदार एप्लिकेशन भी मौजूद है
जिसके द्वारा आप घर पर रखे मोबाइल फोन के इनकामिंग मैसेज पढ़ सकते हैं।
गूगल प्ले पर माइटीटैक्स्ट के नाम से यह एप्लिकेशन आपको मिल जाएगी। आपका
मोबाइल कहीं भी हो, मोबाइल पर आने वाले मैसेज और काॅल को आप कंप्यूटर देख
सकते हैं। साथ ही मैसेज का जवाब भी दे सकते हैं। इसके लिए बस माइटीटैक्स्ट
एप्लिकेशन को मोबाइल फोन में इंस्टाल कीजिए। 20-30 मिनट में माइटीटैक्स्ट
एप्लिकेशन फ़ोन से सारे मैसेज को सिंक हो जायेंगे और फिर https://mightytext.net/app/ लिंक
पर कंप्यूटर से लाॅगइन हो जाएं। लाॅगइन होने के लिए यहां भी गूगल आईडी और
पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद आपके सारे मैसेज काॅनटेेक्ट सहित कंप्यूटर
स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इसके लिए आप फायर फाॅक्स और गूगल क्रोम ब्राउजर का
इस्तेमाल कर सकते हैं। नए आने वाले मैसेज या काॅल स्क्रीन पर पाॅपअप
नोटिफिकेशन के रूप देख सकते हैं। एसएमएस के अलावा आप एमएमएस भी भेज सकते
हैं। इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त शुल्क चुकाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर
आपने मैसेज पैक ले रखा है तो ये मैसेज आपके लिए फ्री होंगे। कमी की बात
करें तो यहां से आप किसी का नंबर डाॅयल कर सकते हैं लेकिन डाॅयल नंबर को
काटने या इनकाॅमिंग काॅल को रिसीव करने का कोई विकल्प दिखाई नहीं देता है।
इसको गूगल प्ले से फ्री डाउनलोड किया जा सकता है।
Monday, November 19, 2012
आईफोन 5 विश्लेषण - "जब तक है जान" के अंदाज़ में!
तेरे शीशे और अलमूनियम के नज़ारे को
तेरे हीरे से चमकते शेम्फर के तारे को
निहारता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे धमाकेदार कैमरे के चित्रों से और उसपर लगे सफायर के शीशे से
चमत्कृत होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे रोशन रेटीना डिस्प्ले पर
उसपर दिखते वेब, विडियो और गेमप्ले पर
फिदा होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
एंड्राइड के उपासकों की कोरी डींगों पर
उनके क्वाड कोर फ़ोनों के क्वाड्रांट के स्कोरों पर
मुस्कुराता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे प्लास्टिक से बने प्रतिद्वंद्वियों की
चौड़े फ़ोन घुमाते बन्दे और बंदियों की
खिल्ली उड़ाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे ऐप्स और गेम्स के साज़ से
और सिरी की एक्सेंट-लदी आवाज़ से
ज़िन्दगी के टेक सुर सजाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तुझे देर से देश में लाने वालों को
तेरे गगनचुम्बी दामों को
कोसता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे हीरे से चमकते शेम्फर के तारे को
निहारता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे धमाकेदार कैमरे के चित्रों से और उसपर लगे सफायर के शीशे से
चमत्कृत होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे रोशन रेटीना डिस्प्ले पर
उसपर दिखते वेब, विडियो और गेमप्ले पर
फिदा होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
एंड्राइड के उपासकों की कोरी डींगों पर
उनके क्वाड कोर फ़ोनों के क्वाड्रांट के स्कोरों पर
मुस्कुराता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे प्लास्टिक से बने प्रतिद्वंद्वियों की
चौड़े फ़ोन घुमाते बन्दे और बंदियों की
खिल्ली उड़ाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तेरे ऐप्स और गेम्स के साज़ से
और सिरी की एक्सेंट-लदी आवाज़ से
ज़िन्दगी के टेक सुर सजाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
तुझे देर से देश में लाने वालों को
तेरे गगनचुम्बी दामों को
कोसता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान
Tuesday, October 23, 2012
एप्पल ने लांच किया आईपैड मिनी
एप्ल आईपैड के मिनी संस्करण को लेकर पिछले कई माह से चर्चा जारी थी। कयास लगाए जार रहे थे कि कंपनी आईफोन 5 के साथ ही इसे पेश करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
23 अक्टूबर को अंततः एप्पल ने आईपैड के मिनी संस्करण आईपैड मिनी को लांच कर ही दिया। डिवायस में 7.9 इंच की स्क्रीन है। पुराने आईपैड की तरह यह भी वाई-फाई और वाई-फाई+एलटीई संस्करण पर आधारित है।
साथ ही 16/32/64 जीबी मैमोरी के साथ उपलब्ध् है। यह एपल के नवीन आपरेटिंग आईओएस 6 पर है और इसमें 1 गीगाहट्र्ज का डुअल कोर ए9 प्रोसेसर दिया गया है। डिवायस में 5 मेगापिक्सल कैमरा आटोफोकर फीचर के साथ है।
हालांकि फिलहाल यह भारतीय बाजार में उपलब्ध् नहीं है लेकिन कुछ ही दिनो में उपलब्ध् होने की उम्मीद है। जहां तक कीमत की बात है तो एपल आईपैड मिनी वाई-फाई संस्करण की कीमत 17,000 रुपए के आस-पास होने ने की उम्मीद है। वहीं वाई-फाई+एलटीई की कीमत 30,000 रुपए तक हो सकती है।
Saturday, October 20, 2012
'एल जी' को वीयू से आस
एल जी सोमवार को आप्टिमस वीयू को लांच करने वाले
हैं। पांच इंच का यह डिवायस पिछले कई माह से सुर्खियों में था। अब कुछ ही
दिनों में फैबलेट कैटेगरी का यह डिवायस भारत में उपलब्ध् होगा। परंतु एल जी
का इस समय व्यू को भारत में लाना थोड़ नहीं बल्कि काफी देर कहा जाएगा।
क्योंकि इससे पहले ही 'सैमसंग जी' आपना फैबलेट कैटेगरी में दो गैलेक्सी नोट
और गैलेक्सी नोट 2 डिवायस पेश कर चुके हैं और उपभोक्ताओं द्वारा उसे बेहद
सराहा भी गया है। ऐसे में 'एल जी' के लिए राह आसन नहीं होगी। मजबूत स्थिति
में खड़े 'सैमसंग जी' को आकर किसी भी कैटेगरी में टक्कर देना।
हालांकि कंपनी को इससे बेहद आस है क्योंकि यह कंपनी द्वारा पेश किया जाने वाला यह फैबलेट फोन है और कई खासियतों से लैस है। परंतु सवाल यह है कि क्या आप्टिमस वीयू का वार गैलेक्सी नोट के एस-पेन की यह निभ तोड़ पाएगा।
हालांकि कंपनी को इससे बेहद आस है क्योंकि यह कंपनी द्वारा पेश किया जाने वाला यह फैबलेट फोन है और कई खासियतों से लैस है। परंतु सवाल यह है कि क्या आप्टिमस वीयू का वार गैलेक्सी नोट के एस-पेन की यह निभ तोड़ पाएगा।
Friday, October 19, 2012
"एंड्रोएड मुफ्त है, लेकिन ओपन सोर्स नहीं!"
जी हाँ, आपने सही पढ़ा - एक डेवेलपर ने अपना नाम न बताये जाने की शर्त पर हमसे ये कहा है। यह बात हुई एक एप्प डेवेलपर फोरम में जहां इस डेवेलपर ने साफ़ तौर पर यह कह डाला की एंड्रोएड और एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS में मात्र इतना फर्क है कि iOS का उपयोग करने के लिए डेवेलपर को फीस देनी पड़ती है। इस डेवेलपर के अनुसार किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स कहलाने के लिए अपने विकास को पारदर्शी रखना चाहिए जो कि एंड्रोएड नहीं करता। "आप चाहे कितनी भी ओपन सोर्स की रट लगा लें, कोरा सच तो यह है कि एंड्रोएड पूरी तरह गूगल के कब्ज़े में है। हाँ, आप इसका इस्तेमाल बिना फीस लिए सॉफ्टवेयर बनाने और फ़ोन में लगाने के लिए कर सकते हैं। और आपका मन करे सो इसमें परिवर्तन भी कर सकते हैं, लेकिन अंत में एंड्रोएड का जो भी नया संस्करण आएगा, वो गूगल से ही आएगा, किसी डेवलपर समुदाय से नहीं," उस डेवेलपर ने कहा।
उसके अनुसार लिनक्स सच्चे मामले में ओपन सोर्स है क्योंकि उसका विकास एक पारदर्शी तरह से एक समुदाय द्वारा होता है। "कई लोग लिनक्स के अपने अपने संस्करण निकाल चुके हैं, लेकिन ऐसा एंड्रोएड के साथ नहीं हुआ है, क्योंकि उसका नियंत्रण पूरी तरह गूगल के पास है। हमें अभी भी नहीं पता है कि एंड्रोएड के अगले संस्करण में क्या आएगा और उसकी क्या तकनीकी ज़रूरतें होंगी - यह सब तो गूगल ही जानता है। ऐसे सॉफ्टवेयर को आप ओपन सोर्स की उपाधि कैसे प्रदान कर सकते हैं? ओपन सोर्स का मतलब होता है खुलापन, एक ऐसा माहौल जहां सबको एक सॉफ्टवेयर के बारे में सब पता है। लेकिन एंड्रोएड में ऐसा नहीं है," उसने कहा।
हमें कहना पड़ेगा कि यह बात हमें बड़ी रोचक लगी, खासकर क्योंकि एंड्रोएड के कई समर्थक उसके ओपन सोर्स होने को उसकी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। लेकिन क्या एक सॉफ्टवेयर जिसका विकास पूरी तरह से एक ही कंपनी के हाथ में हो, सही मायने में ओपन सोर्स कहा जा सकता है? या समय आ गया है कि फ़ोन निर्माता और डेवेलपर एंड्रोएड के अपने अपने संस्करण निकालें, जैसा कि कुछ हद तक अमेज़न ने अपनी किन्डल फायर टैबलेट के साथ किया है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। हाँ, एक बात ज़रूर है, अगली बार जब जोई एंड्रोएड को ओपन सोर्स कहेगा, तो हम आँख मूंदकर उसके कथन को सत्य नहीं मान लेंगे।
Tuesday, October 16, 2012
मीटिंग में डिस्टर्ब नहीं करेंगे टेलीकॉलर
मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल एंड ब्लाक (Mr. Number Text, Call & Block)
ऐसा कम ही होता है कि आप फोन में एक एप्लिकेशन डाउनलोड करें और उस एप्लिकेशन का इस्तेमाल आप कई काम में कर सकें। अगर आप ऐसी एप्लिकेशन अपने फोन के लिए चाहते हैं तो गूगल प्ले पर मिस्टर नंबर के नाम से एप्लिकेशन मौजूद है। जिसके द्वारा आप अपने दोस्तों को फ्री मैसेज कर सकते हैं। अलग-अलग नंबर से एमएमएस के रूप में आने वाली पिक्चर्स को एक ही स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, कॉल व मैसेज की सारी हिस्ट्री एक ही जगह पर देख सकते हैं। और सबसे खास बात कि आप इस एप्लिकेशन की मदद से अन वॉन्डेड कॉल से भी छुटकारा पा सकते हैं। सरकार की कोशिशों के बावजूद टेलीकॉलर कंपनियां कॉल करने से बाज नहीं आती हैं। हर दिन मैसेज और कॉल करके आपको परेशान किया जाता है। मिस्टर नंबर अब आपको इस परेशानी से निजात दिलाएगा। किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज को आप ब्लॉक कर सकते हैं। कॉल ब्लॉक करने के लिए वैसे तो कई सारी एप्लिकेशन आपको मिल जाएंगी लेकिन मिस्टर नंबर जैसी वन इन ऑल एप्लिकेशन जैसे फीचर्स होना मुश्किल है। अगर आप चाहते हैं कि आपके नंबर पर कोई भी स्पैम कॉल न आए तो ऐसी कॉल को असानी के साथ ब्लॉक किया जा सकता है। यहां कॉल को ब्लॉक करने के अलावा आप वाइस मेल का भी विकल्प मिलता है। जिसको आप सेटिंग में जाकर एडिट कर सकते हैं। गूगल प्ले से आप मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल एंड ब्लॉक को फ्री https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mrnumber.blocker&feature=search_result#?t=W251bGwsMSwxLDEsImNvbS5tcm51bWJlci5ibG9ja2VyIl0. डाउनलोड कर सकते हैं। यहां आपको मैसेजिंग के लिए कोई अलग से पैसे चुकने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन डाटा चार्ज देना पड़ते हैं। फ्री मैसेजिंग और कॉल ब्लॉक करने के खास फीचर्स एप्लिकेशन को शानदार बनाते हैं।
ऐसा कम ही होता है कि आप फोन में एक एप्लिकेशन डाउनलोड करें और उस एप्लिकेशन का इस्तेमाल आप कई काम में कर सकें। अगर आप ऐसी एप्लिकेशन अपने फोन के लिए चाहते हैं तो गूगल प्ले पर मिस्टर नंबर के नाम से एप्लिकेशन मौजूद है। जिसके द्वारा आप अपने दोस्तों को फ्री मैसेज कर सकते हैं। अलग-अलग नंबर से एमएमएस के रूप में आने वाली पिक्चर्स को एक ही स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, कॉल व मैसेज की सारी हिस्ट्री एक ही जगह पर देख सकते हैं। और सबसे खास बात कि आप इस एप्लिकेशन की मदद से अन वॉन्डेड कॉल से भी छुटकारा पा सकते हैं। सरकार की कोशिशों के बावजूद टेलीकॉलर कंपनियां कॉल करने से बाज नहीं आती हैं। हर दिन मैसेज और कॉल करके आपको परेशान किया जाता है। मिस्टर नंबर अब आपको इस परेशानी से निजात दिलाएगा। किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज को आप ब्लॉक कर सकते हैं। कॉल ब्लॉक करने के लिए वैसे तो कई सारी एप्लिकेशन आपको मिल जाएंगी लेकिन मिस्टर नंबर जैसी वन इन ऑल एप्लिकेशन जैसे फीचर्स होना मुश्किल है। अगर आप चाहते हैं कि आपके नंबर पर कोई भी स्पैम कॉल न आए तो ऐसी कॉल को असानी के साथ ब्लॉक किया जा सकता है। यहां कॉल को ब्लॉक करने के अलावा आप वाइस मेल का भी विकल्प मिलता है। जिसको आप सेटिंग में जाकर एडिट कर सकते हैं। गूगल प्ले से आप मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल एंड ब्लॉक को फ्री https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mrnumber.blocker&feature=search_result#?t=W251bGwsMSwxLDEsImNvbS5tcm51bWJlci5ibG9ja2VyIl0. डाउनलोड कर सकते हैं। यहां आपको मैसेजिंग के लिए कोई अलग से पैसे चुकने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन डाटा चार्ज देना पड़ते हैं। फ्री मैसेजिंग और कॉल ब्लॉक करने के खास फीचर्स एप्लिकेशन को शानदार बनाते हैं।
विंडोज फोन 8 में एचटीसी का दाव
विंडोज फोन को लेकर हलचल तेज है। नए अहसास के साथ लांच होने वाले इन फोन का प्रदर्शन पहले ही किया जा चुका है। पहले सैमसंग ने उसके बाद नोकिया और फिर विंडोज का पुराना साथी एचटीसी इस दौड़ में शामिल है। यह भागमभाग तो सिर्फ फ़ोन प्रदर्शन के लिए थी, असली मज़ा तो अब आयेगा क्यूंकि अब बारी है इनके लांच की।
प्रदर्शन में तो सैमसंग बाजी मार गया और इसका अंत एचटीसी से हुआ लेकिन लांच के इस दौड़ में बाजी उलटी दिखाई दे रही है। इस बार सैमसंग और नोकिया को पीछे छोड़ एचटीसी बाजी मारने की तैयारी में है। 2 नंवबर को नोकिया ने विंडोज फोन8 लुमिया 920 को पेश करने की तैयारी की है और माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ फोन आपरेटिंग 29 अक्टूबर को लांच होना है।इससे पहले ही एचटीसी विंडोज फोन 8एक्स या 8एस में से किसी एक को लांच करने का मन बना चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एचटीसी इसी सप्ताह अपना विंडोज फोन पेश कर सकता है। फोन के नाम के बारे फिलहाल अभी कोई अता-पता नहीं है लेकिन यह तय है कि फ़ोन के स्पेसिफीकेशन में कोई बदलावा नहीं होगा और इसकी कीमत 30,000 रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद है।
ऐसा पहली बार नहीं है, एचटीसी ने विंडोज आपरेटिंग 7.5 पर रडार को भारत में सबसे पहले पेश किया था। हां, इसका लाभ कंपनी को कितना मिला था यह बताना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि उस वक्त विंडोज मैंगो आपरेटिंग इतना लोकप्रिय नहीं था जितना कि आज। ऐसे में सबसे पहले लांच करने का लाभ कंपनी को मिल सकता है।
Sunday, October 14, 2012
कब खाएंगें जेली बीन?
लगभग तीन महीन पहले ही एंडरायड के नवीन आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बीन (Android Operating System 4.1 jelly bean) को अधिकारिक तौर लौंच किया जा चुका है। बावजूद इसके आज बहुत कम ही फोन में इस आपरेटिंग पर देखने को मिल पायें हैं। भारत में फिलहाल सिर्फ कार्बन टैबलेट और सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 (Samsung Galaxy Note2 N7100) एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि गूगल ने अपने टैबलेट नेक्सस7 के लिए भी इसकी घोषणा कर दी है लेकिन अभी यह भारत में मौजूद नहीं है।
ऐसे में दिमागी घोड़े दौड़ने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो अब तक जेली बीन आपरेटिंग सिस्टम के प्रति मोबाइल निर्माता कोई खास तवज्जु नहीं दिखा रहे हैं। तीन महीने का वक्त कम नहीं होता। गैलेक्सी नोट 2 को छोड़ दें तो इन तीन महीनों में कई फोंस लांच किये जा चुके हैं लेकिन सभी डिवायस एंडरायड ओएस 4.0 आइसक्रीम सैंडविच या 2.3 जिंजर ब्रेड पर ही देखने को मिले हैं।
इस बारे में मोबाइल जगत के एक महानुभव कहते हैं एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बिन के साथ अभी कुछ समस्याएं हैं। इस वजह से फोन में बड़े पैमाने पर इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि यह बात किस आधार पर कही गई यह बताने में वे जरा कतरा रहे थे लेकिन फिलहाल जेली बीन ओएस के प्रति मोबाइल निर्माताओं की अरुचि इस बात को सत्य की साबित करती है।
ऐसे में गूगल जी से हमारा नम्र निवेदन यह है कि सर जी, जींजर ब्रेड के नास्ते से उपभोक्ता उब चुके हैं और तीनो पहर आइसक्रीम सैंडविच ही खा रहे हैं। थोड़ा स्वाद में अब बदलाव किजिए। अगर जेली बीन के साथ समस्याएं हैं तो जल्द दूर किजिए। क्योंकि अब तक दूर से उसे देखकर ही संतोष करना पड़ रहा है। जरा उपभोक्ता को जेली बीन का भी स्वाद चखने दें। नहीं तो इस देरी के चक्कर में यदि माइक्रोसोफ्ट की आठवीं खड़की (विंडोज फोन 8) खुल जाएगी तो उपभोक्ता उसमे प्रवेश कर जायेंगे फिर लोगों जेली बीन को भूल जाएंगे।
ऐसे में दिमागी घोड़े दौड़ने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो अब तक जेली बीन आपरेटिंग सिस्टम के प्रति मोबाइल निर्माता कोई खास तवज्जु नहीं दिखा रहे हैं। तीन महीने का वक्त कम नहीं होता। गैलेक्सी नोट 2 को छोड़ दें तो इन तीन महीनों में कई फोंस लांच किये जा चुके हैं लेकिन सभी डिवायस एंडरायड ओएस 4.0 आइसक्रीम सैंडविच या 2.3 जिंजर ब्रेड पर ही देखने को मिले हैं।
इस बारे में मोबाइल जगत के एक महानुभव कहते हैं एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बिन के साथ अभी कुछ समस्याएं हैं। इस वजह से फोन में बड़े पैमाने पर इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि यह बात किस आधार पर कही गई यह बताने में वे जरा कतरा रहे थे लेकिन फिलहाल जेली बीन ओएस के प्रति मोबाइल निर्माताओं की अरुचि इस बात को सत्य की साबित करती है।
ऐसे में गूगल जी से हमारा नम्र निवेदन यह है कि सर जी, जींजर ब्रेड के नास्ते से उपभोक्ता उब चुके हैं और तीनो पहर आइसक्रीम सैंडविच ही खा रहे हैं। थोड़ा स्वाद में अब बदलाव किजिए। अगर जेली बीन के साथ समस्याएं हैं तो जल्द दूर किजिए। क्योंकि अब तक दूर से उसे देखकर ही संतोष करना पड़ रहा है। जरा उपभोक्ता को जेली बीन का भी स्वाद चखने दें। नहीं तो इस देरी के चक्कर में यदि माइक्रोसोफ्ट की आठवीं खड़की (विंडोज फोन 8) खुल जाएगी तो उपभोक्ता उसमे प्रवेश कर जायेंगे फिर लोगों जेली बीन को भूल जाएंगे।
Wednesday, October 10, 2012
इन्फ्रा-रेड की वापसी!
क्या आपको मालूम है कि सैमसंग द्वारा लांच किए गए नए टैबलेट नोट 10.1 में
इन्फ्रारेड पोर्ट है! जी हां, कंपनी ने इस टैबलेट में इन्फ्रारेड पोर्ट का
उपयोग किया है जिसके माध्यम से आप गैलेक्सी नोट 10.1 का उपयोग टीवी और एसी
के रिमोट के लिए भी कर सकते हैं।
वर्ष 2007-08 तक इन्प्रफारेड पोर्ट तकनीक मोबाल फोन में बेहद ही लोकप्रिय थी। खासकर सोनी एरिक्सन के फोन में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर देखा जा सकता था। जहां डाटा ट्रांसफर के लिए लोग इसका उपयोग करते थे। परंतु पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल फोन से यह गायब ही हो गई थी। अब एक बार फिर से सैमसंग ने इसका उपयोग किया है।
हालांकि ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है जब सैमसंग पुराने तकनीक को नए रूप में पेश कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी कई बार ऐसा कर चुकी है और खास कर नोट सीरीज में तो अक्सर ऐसा कुछ देखने को मिलता ही है। आपको याद होगा जब नोट को स्टायलस के साथ लांच किया गया था और यह वह दौर था जब कंपनिया कपैसिटिव स्क्रीन तो छोड़ रजीस्टीव स्क्रीन के साथ भी स्टालस का प्रयोग बंद कर चुकी थी।
वर्ष 2007-08 तक इन्प्रफारेड पोर्ट तकनीक मोबाल फोन में बेहद ही लोकप्रिय थी। खासकर सोनी एरिक्सन के फोन में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर देखा जा सकता था। जहां डाटा ट्रांसफर के लिए लोग इसका उपयोग करते थे। परंतु पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल फोन से यह गायब ही हो गई थी। अब एक बार फिर से सैमसंग ने इसका उपयोग किया है।
हालांकि ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है जब सैमसंग पुराने तकनीक को नए रूप में पेश कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी कई बार ऐसा कर चुकी है और खास कर नोट सीरीज में तो अक्सर ऐसा कुछ देखने को मिलता ही है। आपको याद होगा जब नोट को स्टायलस के साथ लांच किया गया था और यह वह दौर था जब कंपनिया कपैसिटिव स्क्रीन तो छोड़ रजीस्टीव स्क्रीन के साथ भी स्टालस का प्रयोग बंद कर चुकी थी।
आसूस पैडफ़ोन - अमां एक फ़ोन से क्या-क्या करवाओगे?
हमने अनेक उपकरण देखे हैं लेकिन इनमे से कुछ ही बहुत यादगार होते हैं। और हम बिना हिचके यह कह सकते हैं कि इनमे से एक आसूस का पैडफ़ोन है। एक अकेले फ़ोन को इतनी मेहनत करते हुए तो हमने कभी नहीं देखा है। ज़रा सोचिये, पहले तो बिचारा फ़ोन का काम करता है AMOLED डिस्प्ले, आठ मेगापिक्सेल के कैमरे, एंड्रोएड ४.० (आईस क्रीम सैंडविच), और डूअल कोर प्रोसेसर के साथ।
उसके बात यह टैबलेट का काम करता है जब इसे डाला जाता है दस इंच के डिस्प्ले के टैबलेट के अन्दर - और जी हाँ, इस दौरान भी आप इससे फ़ोन कॉल कर सकते हैं।
और इससे भी अगर काम नहीं बने तो आप इसमें लगा सकते हैं एक कीबोर्ड डॉक और टाईप कर सकते हैं एकदम लैपटॉप की तरह।
और यही नहीं, अभी और है - आप इसके साथ मिले स्टाईलस के साथ न ही केवल टैबलेट और फ़ोन पर लिख सकते हैं और चित्र बना सकते हैं, बल्कि इसका उपयोग हेडफ़ोन के रूप में भी कर सकते हैं।
और सरकार, अभी किस्सा ख़त्म कहाँ हुआ है - पैडफ़ोन में हैं पूरी तीन बैटरियाँ: एक फ़ोन के अन्दर, एक टैबलेट में, और एक कीबोर्ड में। तो आप सोच सकते हैं कि यह उपकरण एक बार चार्ज करने से कितनी देर तक चल सकेगा - अजी घंटों की नहीं, दिनों की बात कीजिये।
अब हम ये नहीं कहेंगे कि यह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उपकरण है - इसके कुल मिलाकर (टैबलेट और कीबोर्ड के साथ) भार लगभग डेढ़ किलो है, सारे सॉफ्टवेयर टैबलेट और फ़ोन पर एक समान काम नहीं करते, और लगभग पैसंठ हज़ार रुपयों का इसका दाम कुछ ज्यादा ही है (उतने में तो आप एक नया आईपैड, एक स्मार्टफ़ोन और एक कीबोर्ड खरीद सकते हैं) - लेकिन हाँ, इस बात की ज़रूर दाद देनी होगी कि आसूस ने एक फ़ोन से ज़बरदस्त मेहनत करवाई है।
आसूस पैडफ़ोन बिक्री के नए रिकॉर्ड तो नहीं बनायेगे, लेकिन उसने यह ज़रूर सिद्ध कर दिया है कि एक स्मार्टफोन क्या-क्या कर सकता है। अब इसमें और क्या लगोगे, आसूस?
Sunday, October 7, 2012
प्रोसेसर भैया, आपके कोर कर रहे हैं बोर!
कुछ साल पहले की बात है - सारे कंप्यूटर दिखने में लगभग एक जैसे होते थे. फर्क होता था तो सिर्फ उनके प्रोसेसर और RAM में । अब वही गंगा स्मार्टफ़ोनों की दुनिया में भी बह रही है, और ख़ास कर एंड्रोएड फ़ोनों के मामले में । जब कोई नया एंड्रोएड फोन बाज़ार गर्माता है, तो उसमे ज़्यादातर वही गुण होते हैं जो अन्य उच्च कोटि के एंड्रोएड उपकरणों में होते हैं - बड़ा और शानदार डिस्प्ले, एंड्रोएड का ख़ास संस्करण, अच्छा कैमरा, इत्यादि । जब हम सवाल उठाते हैं की भई, आखिर इसमें कौन सा नया पैंतरा है, तो दस बार में से आठ बार जवाब आता है - हुज़ूर, इसमें फलां कोर का प्रोसेसर है जो हर काम ज़्यादा तेज़ी से करता है ।
शुरू शुरू में यह बात हजम हो जाती थी, लेकिन आजकल हमें इसे पचाने के लिए टेक हाजमोला की ज़रूरते पड़ रही है । क्योंकि सच बात तो यह है कि हमें इन महा कोर युक्त प्रोसेसरों का फायदा पता नहीं चल रहा - चोटी के एंड्रोएड फ़ोन लगभग अब भी उसी गति से दौड़ रहे हैं जितना की दो साल पहले । और उनके कार्यक्षेत्र में कुछ ख़ास विस्तार भी नहीं हुआ है - ज़्यादातर लोग इन फ़ोनों का इस्तेमाल अभी भी इन्टरनेट ब्राउज़िंग, ई-मेल, फेसबुक, ट्विट्टर, खबर बताने वाले ऐप्प्स और कुछ हलके-फुल्के खेलों के लिए ही करते हैं । जिन भारी भरकम कार्यों के लिए डूअल और क्वाड कोर प्रोसेसर बने हैं (HD वीडियो संपादन, भारी ग्राफिक्स वाले खेल) उनका इस्तेमाल अधिक नहीं होता । और क्योंकि संसार के ज़्यादातर एंड्रोएड फ़ोन तेज़ प्रोसेसरों के साथ नहीं आते, अधिकतर सॉफ्टवेयर बनाने वाले भी ऐप्प्स इन्ही के लिए बनाते हैं - आखिर रोटी का सवाल है!
कुल मिलाकर हमने देखा है कि एक हद के बाद अधिक कोर या गति के प्रोसेसर से हमें कुछ ख़ास फायदा नहीं होता है । हाँ, हम डींग ज़रूर हाँक सकते हैं कि भई हमारे फ़ोन में इतने कोर का प्रोसेसर है जो पलक झपकते फलां काम कर सकता है, लेकिन अगर आप ध्यान से देखें तो इतनी गति आपको धीमे दिखने वाले प्रोसेसर से भी मिल सकती है । कहने का मतलब यह नहीं है कि तेज़ और कई कोर के युक्त प्रोसेसर के फायदे नहीं होते - लेकिन इनका लाभ उठाने के लिए सीमित सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध हैं । क्वाड कोर प्रोसेसर युक्त फ़ोन का हाल आजकल वही है जो दिल्ली के यातायात में फँसी फेरारी कार का है - वह दिखने और चलने में शानदार है, लेकिन उसे चलाने के लिए सड़क ही नहीं है ! पांच साल पहले आपको पता भी नहीं था कि आपके नोकिया फ़ोन में कौन सा प्रोसेसर है - अजी पहले आईफोन के प्रोसेसर की गति भी किसी को नहीं पता थी। लेकिन वो बढ़िया काम करते थे!
जब भी कोई निर्माता अपने उपकरण के प्रोसेसर का भजन जपते हुए आता है, हमें याद आते हैं विश्वप्रसिद्ध प्रोसेसर निर्माता इंटेल के ही माइकल बेल के शब्द: "मैं अपने कंप्यूटर में क्वाड कोर प्रोसेसर इस्तेमाल नहीं करता हूँ, तो फ़ोन में भला क्यों करूंगा?" सोचने की बात है, न?
Saturday, October 6, 2012
फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे
एप्पल के स्टीव जोब्स को चाहे आप देवता समझें या दानव एक बात को नकारा नहीं जा सकता - उनको उपकरण दिखाने की अदा बखूबी आती थी। उनको ज़रुरत कभी नहीं पड़ी फिल्म स्टारों की या किसी शोर शराबे की। बस फ़ोन ही उनका सबसे बड़ा हीरो था। और उनका आत्मविश्वास दर्शकों को भी यह यकीन दिला देता था कि वो एक मामूली उपकरण नहीं बल्कि कोई दैवीय चीज़ देख रहे हैं। काश हमारे भारतीय CEO भी कुछ ऐसा आलम जमा पाते - उनके पास शानदार उपकरण तो ज़रूर होते हैं लेकिन बड़ी हस्तियों से लैस लौन्चों के शोर शराबे में ये कई बार खो जाते हैं। इस सब शोर में बेचारे कंपनी वाले भी उपकरण को यूँ प्रदर्शित करते हैं जैसे कि यह उनकी मजबूरी है।
अगर यकीन नहीं होता तो चित्र देखें और अपना अपना सबक सीखें - एक तरफ हैं सितारे और कंपनी के उच्चतम अधिकारी और उनके साथ है एक उपकरण और औपचारिक मुस्कानें।
दूसरी तरफ एक अकेला इंसान, एक उपकरण और उसका जुनून ।
आखिर फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे!
दो दो हाथ आईफ़ोन ५ के साथ!
जी हाँ, भले ही आईफ़ोन ५ ने भारत में कदम नहीं रखा हो, हमने आखिर उसके दर्शन कर ही लिये। धन्य हैं हमारे एक मित्र, मनिंदर पाल सिंह जी, जिन्होंने हमें यह मौका दिया। मात्र आधे घंटे के अनुभव से हम फ़ोन के बारे में तो ज़्यादा टिपण्णी नहीं कर पायेंगे, लेकिन हाँ, हमें यह बेहिचक कह सकते हैं की बनावट के मामले में हमने इतना शानदार फ़ोन पहले कभी नहीं देखा देखा है।
और हाँ, जो सज्जन सोचते हैं कि यह कुछ ज्यादा हि लम्बा है, वो पूरी तरह गलत हैं - लम्बाई में आईफ़ोन ५ पिछले आईफ़ोन से बहुत ज़रा सा ही लम्बा है और हमारे हाथ और जेब दोनों में ही बड़े आराम से समा गया। और यह काफी हल्का भी है - इतना हल्का कि आपको लगेगा आप गुज़रे ज़माने का नोकिया ११०० पकडे हैं. और दस पंद्रह मिनट के प्रयोग के दौरान यह द्रुतगति से काम कर रहा था। यह भारत कब आएगा? यह हो हमें अभी भी पता नहीं - लेकिन इतना ज़रूर कह सकते हैं कि एप्पल ने पुनः डिजाईन के मामले में बाकी खिलाडियों से बाज़ी मार ली है।
हाँ, इसका दाम पचास हज़ार के आस पास ही होगा लेकिन यह लगता उसके लायक है - काश यह हम कई प्लास्टिक-युक्त दामी फ़ोनों के बारे में कह सकते!
Friday, October 5, 2012
दोहरा सिम स्मार्टफ़ोन
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| Nokia Asha 305 |
कुछ वर्ष पहले तक दोहरा सिम में स्मार्टफोन नहीं थे लेकिन आज हर बजट में दोहरा सिम स्मार्ट फोन देखे जा सकते हैं।
नोकिया आशा 305- नोकिया आशा 305 को कंपनी ने आरंभिक स्तर में स्मार्टफोन के तौर पर लांच किया है। फोन में दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है जहां एक सिम हाट स्वेपेबल है। टच आधरित इस फोन को कपैसिटिव टच स्क्रीन के साथ पेश किया गया है। फोन में दोनो सिम से डाटा का उपयोग किया जा सकता है। इसमें 10 एमबी इंटरनल मैमोरी के अलावा 64 एमबी का रोम 32 एमबी की रैम दी गई है। इसके अलावा मैमोरी 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। फोन में कमी की बात करें तो 3जी सपोर्ट नहीं है और वाई-फाई भी नहीं दिया गया है। हालांकि बावजूद इसके जीपीआरएस कनेक्टिविटी बेहतर है और 40 लाख गाने डाउनलोड कर सकते हैं। फोन में 2.0 मेगापिक्सल का कैमरा और 1110 एमएएच की बैटरी दी गई है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत 4,600 रुपए है।
खूबी- हाट स्वेपेबल सिम, बेहतर इंटरनेट, स्टाइलिश लुक
खामी- 3जी नदारद, वाई-फाई नहीं, कम एप्लिकेशन
माइक्रोमैक्स निंजा3-
दोहरा सिम स्मार्टफोन सेग्मेंट में माइक्रोमैक्स निंजा3 ए57 देखा जा सकता है। इसमें 3.5 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है। फोन को एंडरायड आपरेटिंग 2.3 पर पेश किया गया है। दोहरा सिम आधरित इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का प्रोसेसर और 3.0 मेगापिक्सल कैमरा है। फोन में दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है।
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| Micromax Ninja 3 A57 |
खूबी- दो जीएसम सपोर्ट, एसएनएस इंटीग्रेशन, 1गीगाहट्र्ज
प्रोसेसर।
खामी- एक ही सिम पर 3जी सपोर्ट, पुराना आपरेटिंग।
स्माइस एमआई 280-
दोहरे सिम स्मार्टफोन में स्पाइस एमआई 280 भी देखा जा सकता है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधरित इस फोन में 2.8 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है। एमआई280 की इंटरनल मैमोरी 134 एमबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से बढ़ाई जा सकती है।
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| Spice MI-280 |
खूबी- 3जी और वाई-फाई, 3.15 एमपी कैमरा, कपैसिटिव स्क्रीन।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम इंटरनल मैमोरी, कम प्रोसेसर।
बजट 10,000
सैमसंग गैलेक्सी वाई डुओज लाइट
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| Samsung-Galaxy-S-Duos S7562 |
खूबी- कपैसिटिव स्क्रीन, 3जी सपोर्ट, क्वाडबैंड।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम प्रोसेसर, 2.0 मेगापिक्सल कैमरा।
माइक्रोमैक्स ए100
हाल में माइक्रोमैक्स ने दोहरा सिम स्मार्ट फोन के तहत ए100 माडल को पेश किया है। फोन की खासियत है इसकी 5.0 इंच की स्क्रीन। कपैसिटिव टच तकनीक के साथ उपलब्ध इस फोन की स्क्रीन मल्टीटच सपोर्ट करने में सक्षम है।
फोन में 4 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है और 512 एमबी का रैम है। इसके
अलावा फोन में 5.0 मेगापिक्सल का कैमरा फ्रलैश के साथ उपलब्ध् है। वहीं
मुख्य पैनल में वीडियो कालिंग के लिए वीजीए कैमरा है। एंडरायड 4.0 आधारित
इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का डुअलकोर प्रोसेसर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। इसके अलावा फेसबुक, ट्विटर और जी टाक जैसी एप्लिकेशन प्रीलोडेड हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 9,650 रुपए है।
खूबी- 5.0 इंच स्क्रीन, 5.0 एमपी कैमरा, डुअल कोर प्रोसेसर।
खामी- एक सिम पर 3जी सपोर्ट, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।
एलजी आप्टिमस एल3 डुअल ई405
एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस
डिवायस में 800 मेगाहट्र्ज का कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और 384 एमबी की रैम
है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 3जी, वाई-फाई और ब्लूटूथ है। वहीं बेहतर
ग्राफिक्स के लिए एड्रिनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर है। फोन में एक्सलेरो
मीटर, प्रोक्सीमिटी सेंसर और जीपीएस सपोर्ट है। इसके अलावा 3.0 मेगापिक्सल
का कैमरा आटोफोकस फीचर के साथ है। कैमरे के साथ फ्रलैश नहीं है। म्यूजिक
के लिए आडियो प्लेयर और एफएम रेडियो दिया गया है। भारतीय बाजार में पफोन की
कीमत 8,600 रुपए है। खूबी- दो जीएसएम सपोर्ट, 3.15 मेगापिक्सल कैमरा, 3जी सपोर्ट।
खामी- कम स्क्रीन रेजल्यूशन, पुरानी आपरेटिंग, कैमरे के साथ फ्लश नदारद।
सैमसंग गैलेक्सी वाई डुओज लाइट-
हाल में दोहरे सिम स्मार्ट फोन सेग्मेंट में सैमसंग ने गैलेक्सी वाई डुओज लाइट को पेश किया है। फोन में 2.8 इंच की स्क्रीन दी गई है 320X240 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है।
क्वाडबैंड आधारित इस फोन में 3जी सपोर्ट भी है जहां
आप तेज इंटरनेट का लाभ ले सकते हैं। डुओज लाइट की इंटरनल मैमोरी 2 जीबी है
जो माइक्रोएसडी के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। इसमें 2
मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है साथ ही म्यूजिक प्लेयर और एपफएम रेडियो भी
है। इसमें मेल सपोर्ट है और जीटाक जैसे एप्लिकेशन भी प्रीलोडेट हैं। भारतीय
बाजार में फोन की कीमत 6,990 रुपए है। खूबी- कपैसिटिव स्क्रीन, 3जी सपोर्ट, क्वाडबैंड।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम प्रोसेसर, 2.0 मेगापिक्सल कैमरा।
माइक्रोमैक्स ए100
हाल में माइक्रोमैक्स ने दोहरा सिम स्मार्ट फोन के तहत ए100 माडल को पेश किया है। फोन की खासियत है इसकी 5.0 इंच की स्क्रीन। कपैसिटिव टच तकनीक के साथ उपलब्ध् इस फोन की स्क्रीन मल्टीटच सपोर्ट करने में सक्षम है। फोन में 4 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है और 512 एमबी का रैम है। इसके अलावा 5.0 मेगापिक्सल का कैमरा फ्रलैश के साथ उपलब्ध् है। वहीं मुख्य पैनल में वीडियो कालिंग के लिए वीजीए कैमरा है। एंडरायड 4.0 आधारित इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का डुअलकोर प्रोसेसर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। इसके अलावा फेसबुक, ट्विटर और जी टाक जैसी एप्लिकेशन प्रीलोडेड हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 9,650 रुपए है।
खूबी- 5.0 इंच स्क्रीन, 5.0 एमपी कैमरा, डुअल कोर प्रोसेसर।
खामी- एक सिम पर 3जी सपोर्ट, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।
स्पाइस स्टेलर एमआई 425
हाल में स्पाइस ने 1 गीगाहट्र्ज क्वालकाम स्नैप ड्रैगन प्रोसेसर के साथ स्टेलर एमआई 425 माडल भारतीय बाजार में पेश किया है।
इसके अलावा इसमें 4.0 इंच की
बड़ी सी स्क्रीन दी गई है जो उपयोग में बेहतर है। स्टेलर एमआई425 की
इंटरनल मैमोरी 149 एमबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई
जा सकती है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में एक्सलेरो मीटर,
प्रोक्सीमिटी सेंसर कंपास है। इसके साथ ही गूगल स्विट प्री इंस्टाल है।
इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ दिया गया है। फोन में एसएनएस
इंटीग्रेशन है और मेल सपोर्ट भी है। म्यूजिक के लिए आडियो प्लेयर के साथ
एफएम रेडियो है। फोन की कीमत 9,600 रुपए है।
खूबी- 4.0 इंच स्क्रीन, 5.0 मेगापिक्सल कैमरा, 1 गीगाहट्र्ज प्रोसेसर।
खामी- पुराना एंडरायड, कम इंटरनल मैमोरी।
कार्बन ए9
दोहरा सिम एंडरायड स्मार्टफोन में कार्बन ने ए9 माडल पेश किया है। फोन में 3.8 इंच की कपैसिटिव टच स्क्रीन है जो मल्टीटच स्पोर्ट करने में सक्षम है।
एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन की इंटरनल मैमोरी 512 एमबी है। हालांकि
मैमोरी कार्ड के माध्यम से इसे 32 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। मल्टीमीडिया
के लिए इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ दिया गया है। इसके अलावा
वीडियो रिकार्डिंग और प्ले बैक भी सपोर्ट है। बेहतर प्रोसेसिंग के लिए
इसमें 1 गीगाहट्र्ज का प्रोसेसेर है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, 3जी और
ब्लूटूथ है। इसके अलावा फोन में पफेसबुक, ट्विटर और पुश मेल जैसे एप्लिकेशन
प्रीइंस्टाल हैं। फोन 8,900 रुपए में भारतीय बाजार में उपलब्ध् है। खूबी- 3.8 इंच स्क्रीन, 5.0 मेगापिक्सल कैमरा, 1गीगाहट्र्ज प्रोसेसर।
खामी- पुराना एंडरायड, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।
बजट 15,000
मोटोरोला डिफाई मिनी एक्सटी320
दोहरे सिम स्मार्ट फोन के तहत मोटोरोला ने डिफाई मिनी पेश किया है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 600 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर दिया गया है। बार डिजाइन में उपलब्ध् इस फोन में 3.2 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन है।
फोन
स्क्रीन गोरिल्ला ग्लास कोटेड है जो रगड़ से बेअसर है। इसके अलावा 512 एमबी
रैम ओर 512 एमबी रोम दिया गया है। फोन में 3.15 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के
साथ दिया गया है। वहीं अच्छी बात यह है कि वीडियो कालिंग के लिए इसमें
सेकेंडरी कैमरा भी है। पफोन में जीपीएस, एजीपीएस सपोर्ट के साथ है। वहीं
कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, ब्लूटूथ के अलावा 3जी सपोर्ट है। फोन की कीमत
11,300 रुपए है। खूबी- डुअल कैमरा, गोरिल्ला ग्लास कोटेड, कपैसिटिव स्क्रीन।
खामी- कम प्रोसेसर, पुराना एंडरायड, छोटी स्क्रीन।
सोनी एक्सपीरिया टीपो डुअल
सोनी मोबाइल्स ने एक्सपीरिया टीपो डुअल के साथ दोहरे सिम स्मार्टफोन सेग्मेंट में दस्तक दी है।
फोन में 3.2 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है जो रगड़
अवरोध्क है। एंडरायड आपरेटिंग 4.0 आधारित इस फोन की इंटरनल मैमोरी 2.9 जीबी
है जो माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। फोन में एचएसडीपीए सपोर्ट
है जहां यह 7.2 एमबीपीएस की गति से डाटा का हस्तांतरण करने में सक्षम है।
फोन में 800 मेगाहट्र्ज कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और एड्रिनो 200 ग्राफिक्स
प्रोसेसर है। दोहरा सिम आधारित इस फोन में 2 जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है।
फोटोग्राफी के लिए 3.15 मेगापिक्सल कैमरा है लेकिन सेकेंडरी कैमरा नदारद
है। फोन की कीमत 10,290 रुपए है। खूबी- एंडरायड आपरेटिंग 4.0, 3जी, रगड़ अवरोधक स्क्रीन।
खामी- कम प्रोसेसर, छोटी स्क्रीन, 3.2 एमपी कैमरा।
सैमसंग गैलेक्सी एस डुओज एस6702
दोहरा सिम स्मार्टफोन में सैमसंग एस डुओज माडल भी बेहतर है।
फोन में 3.5 इंच की
कपैसिटिव स्क्रीन है जिसे 320X480 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया
है। बेहतर यूजर इंटरफेस के लिए इसे टचविच यूआई से लैस किया गया है। फोन की
इंटरनल मैमोरी 3 जीबी है और जो माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 32 जीबी तक
बढ़ाई जा सकती है। फोन में 3जी सपोर्ट है जहां 7.2 एमबीपीएस की गति से डाटा
का हस्तांतरण कर सकते हैं। वहीं अन्य आधुनिक फीचर से भी यह लैस है जैसे
वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 832
मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर है। लोकेशन सेवा के लिए जीपीएस ए-जीपीएस सपोर्ट के
साथ उपलब्ध् है। फोन में 1300 एमएएच की बैटरी दी गई। भारतीय बाजार में फोन
की कीमत 11,900 रुपए है। खूबी- 3.5 इंच स्क्रीन, 3जीबी इंटरनल मैमोरी, 3जी सपोर्ट।
खामी- पुराना आपरेटिंग, साधरण स्क्रीन रेजल्यूशन।
Thursday, October 4, 2012
मैजिक पोर्टल्स फ्री Magic Portals Free
मैजिक पोर्टल एक ऐसी जादुई ताकत है जिसका इस्तेमाल करके आप एक जगह से दूसरी
जगह जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल आप किसी ऑब्जेक्ट को इधर से उधर करने के
लिए भी कर सकते हैं। यह एक पजल गेम है इसलिए आपको खेलने के लिए थोड़ी अकल
लगानी होगी। कुछ लेवल दिमाग की अच्छी खासी कसरत भी करेंगे। अगर आप किसी
लेवल में फंस जाते हैं तो इस लिंक http://asanteegames.com/magic-portals/walk-through/ पर क्लिक करके समस्या को दूर कर सकते हैं। गेम के सभी लेवल लॉक हैं। एक लेवल को पार
करके आप दूसरे को अनलॉक तो कर सकते हैं लेकिन नए चैप्टर को अनलॉक करने के
लिए आपको कम से कम 60 प्रतिशत परफोर्मेंस की जरूरत पड़ेगी। हालांकि यहां
मैजिक पोर्टल बनाने की कोई सीमा नहीं है लेकिन कम से कम पोर्टल का इस्तेमाल
करने पर हाई स्कोर मिलता है। जिसके आधार पर आपको गोल्ड, सिल्वर और कांस्य
पद भी मिलते हैं। गेम में अभी 3 चैप्टर है। एक चैप्टर में 31 नर्मल लेवल और
एक ड्रेगन लेवल है। यहां जंप का कोई विकल्प मौजूद नहीं है जो गेम और भी
दिलचस्प बनता है। गेम का साउंड और ग्राफिक्स शानदार हैं। डार्क बैकग्राउंड
में लाइट्स का काफी शानदार इस्तेमाल किया गया है। इसको आप गूगल प्ले से
फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।
Friday, September 28, 2012
पिंपल पोपर
खूबसूरत से चेहरे पर यदि पिंपल हो जाएं तो सारी खूबसूरती
खत्म हो जाती है। जी चाहता है कि इसे अभी निकालकर खत्म कर दूं। क्या आप भी
ऐसा कर सकते हैं? किसी खूबसूरत हसीना के चेहरे पर कई पिंपल हैं। उन्हें
हटाकर उसकी खूबसूरती में निखार लाना है। पिंपल कितनी अच्छी तरह हटाते हैं
यह आप पर निर्भर
करेगा।
पिंपल पोपर नाम से उपलब्ध इस गेम को क्लासिक, शूटर और ग्लोइंग सर्किल सहित तीन भागों में बांटा गया है। क्लासिक भाग में एक सुंदर-सी लड़की स्क्रीन पर आएगी जिसके चेहरे पर पिंपल होंगे। उन पिंपल को आपको सावधनी से हटाना है। चूंकि स्क्रीन छोटी होती है ऐसे में आप जूम फीचर का उपयोग कर पिंपल देख सकते हैं। आपको फोन में उसी तरीके से पिंपल हटाना है जैसा कि अपने चेहरे से उंगलियों से दबाकर हटाते हैं।
लेकिन याद रहे कि यहां आप स्क्रीन पर हाथ चला रहे होते हैं इसलिए ज्यादा जोर से दबाव नहीं दे सकते। अन्यथा स्क्रीन खराब हो सकती है। आराम-आराम से पिंपल खत्म करना है। यह कार्य जैसे ही पूरा करते हैं वैसे ही दूसरा कार्य भी आपके लिए हाजिर होगा। लड़की के बाद लड़के के चेहरे से भी पिंपल हटाना है।
वहीं दूसरे भाग में बबल गेम के समान स्क्रीन के उपरी भाग में कई रंग के पिंपल आते हैं और आपको उनकी तिकड़ी बनानी है। तिकड़ी बनते ही यह खत्म हो जाता है। एक-एक कर आपको पूरी तिकड़ी खत्म करनी है।
तीसरे और अंतिम भाग में स्क्रीन पर अलग-अलग रंग के पिंपल तैरते रहेंगे। आपको एक ही रंग के पिंपल की एक सर्किल बनानी है जिससे वे धीरे-धीरे बड़े होते रहेंगे। इस तरह आप भाग पार कर सकते हैं।
पिंपल का यह गेम बेहतर है और खेलने के दौरान आपको लगेगा कि वास्तव में पिंपल ही खत्म कर रहे हैं। खासकर पहले भाग में जहां चेहरे से पिंपल हटाना है। पिंपल फटता है तो बहुत ही घिनौना लगेगा लेकिन फिर भी आप उसे खेलेंगे। कमी यह कही जा सकती है कि एक बार आगे बढ़ जाने के बाद फिर दोबारा पिछले भाग पर आप नहीं जा सकते। जैसे-जैसे भाग में बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे पिंपल की संख्या बढ़ती जाती है।
करेगा।
पिंपल पोपर नाम से उपलब्ध इस गेम को क्लासिक, शूटर और ग्लोइंग सर्किल सहित तीन भागों में बांटा गया है। क्लासिक भाग में एक सुंदर-सी लड़की स्क्रीन पर आएगी जिसके चेहरे पर पिंपल होंगे। उन पिंपल को आपको सावधनी से हटाना है। चूंकि स्क्रीन छोटी होती है ऐसे में आप जूम फीचर का उपयोग कर पिंपल देख सकते हैं। आपको फोन में उसी तरीके से पिंपल हटाना है जैसा कि अपने चेहरे से उंगलियों से दबाकर हटाते हैं।
लेकिन याद रहे कि यहां आप स्क्रीन पर हाथ चला रहे होते हैं इसलिए ज्यादा जोर से दबाव नहीं दे सकते। अन्यथा स्क्रीन खराब हो सकती है। आराम-आराम से पिंपल खत्म करना है। यह कार्य जैसे ही पूरा करते हैं वैसे ही दूसरा कार्य भी आपके लिए हाजिर होगा। लड़की के बाद लड़के के चेहरे से भी पिंपल हटाना है।
वहीं दूसरे भाग में बबल गेम के समान स्क्रीन के उपरी भाग में कई रंग के पिंपल आते हैं और आपको उनकी तिकड़ी बनानी है। तिकड़ी बनते ही यह खत्म हो जाता है। एक-एक कर आपको पूरी तिकड़ी खत्म करनी है।
तीसरे और अंतिम भाग में स्क्रीन पर अलग-अलग रंग के पिंपल तैरते रहेंगे। आपको एक ही रंग के पिंपल की एक सर्किल बनानी है जिससे वे धीरे-धीरे बड़े होते रहेंगे। इस तरह आप भाग पार कर सकते हैं।
पिंपल का यह गेम बेहतर है और खेलने के दौरान आपको लगेगा कि वास्तव में पिंपल ही खत्म कर रहे हैं। खासकर पहले भाग में जहां चेहरे से पिंपल हटाना है। पिंपल फटता है तो बहुत ही घिनौना लगेगा लेकिन फिर भी आप उसे खेलेंगे। कमी यह कही जा सकती है कि एक बार आगे बढ़ जाने के बाद फिर दोबारा पिछले भाग पर आप नहीं जा सकते। जैसे-जैसे भाग में बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे पिंपल की संख्या बढ़ती जाती है।
सैमसंग गैलेक्सी नोट या नोट 2
सैमसंग ने नोट सीरीज में नोट 2 को पेश किया है। बड़ी स्क्रीन और बड़े फीचर के साथ फोन की कीमत भी पुराने नोट की अपेक्षा काफी बड़ी है। जहां सैमसंग गैलेक्सी नोट एन7000 (Samsung Galaxy Note N7000) भारतीय बाजार में 30,500 रुपए के आसपास है। वहीं नए नोट2 एन7100 (Samsung Galaxy Note II N7100) की कीमत 39,900 रुपए है। नोट 2 लगभग 9,000 रुपए महंगा है। तो सवाल यह है कि पुराने नोट की अपेक्षा नए नोट में इतने फीचर हैं जिसके लिए उपभोक्ता 9000 रुपए ज्यादा चुकाए, जितने में आज एक अच्छा स्मार्टफोन उपलब्ध हैI
डिजाइन
सैमसंग गैलेक्सी नोट को खास तौर से इसके बड़ी स्क्रीन की वजह से उपभोक्ताओं द्वारा पसंद किया गया था। फोन में 5.3 इंच की स्क्रीन थी वहीं नए नोट में स्क्रीन साइज पहले की अपेक्षा थोड़ी बड़ी की गई है। नोट2 एन7100 में 5.5 इंच की स्क्रीन है। भारतीय बाज़ार में नोट 2 काले और सफ़ेद दो रंगों में उपलब्ध हैI
हार्डवेयर
हार्डवेयर के मामले में भी नया नोट आगे है। गैलेक्सी नोट में 1.4 गीगाहट्र्ज का एआरएम कोर्टेक्स ए9 डुअल कोर प्रोसेसर है। नोट2 को 1.6 गीगाहट्र्ज के क्वाडकोर प्रोसेसर के साथ पेश किया गया है। हालांकि ग्राफिक्स के लिए दोनो फोन में माली 400 एमपी जीपीयू है लेकिन रैम मैमारी नए नोट में ज्यादा है। नोट2 में 2जीबी का रैम दिया गया है। इसके अलावा जहां पहला नोट 16 और 32 जीबी के मैमोरी के साथ उपलब्ध था। वहीं नोट 16,32 और 64 जीबी मैमोरी में पेश किया गया है। हालांकि पहले भी सिर्फ 16 जीबी मैमोरी क्षमता वाला नोट ही भारत में उपलब्ध हो पाया था और इस बार भी कुछ ऐसा ही है।
साफटवेयर
साफटवेयर की बात आती है तो नोट में सबसे खास फीचर है एस-पेन। नए नोट में एस-पेन बेहद ही स्मार्ट हो गया है। जहां पहले एसपेन के माध्यम से सिर्फ स्क्रीनशाट ले सकते थे और स्कैच कर सकते थे वहीं अब इसे एयर व्यूव और पापअप नोट जैसे फीचर से लैस किया गया है। जैसे ही आप स्टायलस निकालेंगे वैसे ही पापअप नोट फीचर एप्लिकेशन को आन कर देगा जहां आप नोट बना सकते हो। इसी तरह एयर व्यूव के माध्यम से आप वीडियो फाइल को बढ़ा कर पापअप में देख सकते हैं। वहीं सैमसंग गैलेक्सी नोट एंडरायड आपरेटिंग 2.3 पर है जबकि नोट2 एंडरायड 4.1 जेलीबीन पर पेश किया गया है।
मल्टीमीडिया
मल्टीमीडिया के मामले में दोनो फोन में कुछ खास अंतर नहीं है। दोनो में 8.0 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ उपलब्ध हैं। वहीं म्यूजिक प्लेयर और एफएम रेडियो भी दिया गया है। डाटा कनेक्टिविटी भी समान है और दोनो फोन के स्क्रीन सूपर एमोलेड हैं। हां नोट2 में सेकेंडरी कैमरा 1.9 एमपी है जबकि नोट में 2 मेगपिक्सल का दिया गया है।
क्या यह बेहतर सौदा है?
सैमसंग गैलेक्सी नोट एन7000 और सैमसंग गैलेक्सी एन7100 की कीमत में लगभग दस हजार रुपए का अंतर है। जो की बड़ा अंतर कहा जा सकता है। स्क्रीन और हार्डवेयर में नोट2 पुराने की अपेक्षा ज्यादा ताकतवर है जबकि मैमोरी क्षमता समान है। वहीं नोट की सबसे खास एप्लिकेशन एस-पेन फीचर को पहले से ज्यादा अडवांस कर दिया गया है जो मजेदार कहा जा सकता है। अगर मल्टीमीडिया को छोड़ दें तो कहा जा सकता है कि नोट2 को पुराने नोट से बिल्कुल नए अवतार में पेश किया गया है। ऐसे में यदि आप नोट खरीदने का मन बना रहे हैं तो नोट2 एन7100 बेहतर होगा। हालांकि पुराने नोट से लगभग दस हजार महंगा है लेकिन फोन में नया औपरेटिंग, नया एप्लिकेशन, बड़ी स्क्रीन, ताकतवर हार्डवेयर और बड़ी बैटरी दी गई है।
Monday, September 10, 2012
भूल जाइए ब्लूटूथ, तस्वीर को एक फ़ोन से दूसरे पर भेजें - बस छू कर!
हमने अनेक तरह के एप्प इस्तेमाल किया हैं, लेकिन ऐसे कुछ गिने-चुने ही हैं, जो हमें अपने अंदाज़ और उपयोगिता से भौंचक्का छोड़ देते हैं। और उनमें से एक है बम्प। ज़रा सोचिये, अगर आप अपने फ़ोन या टैबलेट से किसी दुसरे फ़ोन अथवा टैबलेट को एक चित्र, फ़ोटो या कौंटैक्ट भेजना चाहते हों, तो आप क्या करते हैं? अगर आपके पास काफी समय है तो आप ई-मेल का प्रयोग करेंगे, या शायद SMS या MMS का। लेकिन अगर आप थोडा जल्दी में हैं तो आप शायद इस्तेमाल करेंगे ब्लूटूथ का, जो बिना किसी तार की झंझट से आपकी तस्वीर एक फ़ोन से दूसरे फ़ोन तक पहुँचा देती है। लेकिन इसको इस्तेमाल करने में काफी झंझट होती है - ब्लूटूथ ऑन करना पड़ता है, दूसरे फ़ोन से ब्लूटूथ द्वारा संपर्क बनाने की आज्ञा देनी पड़ती है, और इस सबके बाद आप इस के द्वारा अपनी फाईल एक फ़ोन से दूसरे फ़ोन तक भेज सकते हैं।
और अगर हम आपको कहें कि यह सब करने की जगह आप एक फ़ोटो एक फ़ोन से दूसरे फ़ोन तक भेज सकते है, मात्र एक दोनों फ़ोनों को एक दूसरे से हलके से भिड़ा के? जी, यही है कमाल बम्प नाम के एक एप्प का। इसे आप डाउनलोड करें - यह एंड्रोएड और आईओएस (iOS) दोनों पर काम करता है - और दोनों फ़ोनों पर इसे चालू करके, अपने चित्र का चयन करिए - और फिर एक फ़ोन को दूसरे फ़ोन से बस छू दीजिये, हल्के से। बस, इतना ही करने से आपका चित्र एक फ़ोन से दूसरे फ़ोन तक पहुँच जाएगा - है न कमाल की बात। यह सब जादू है आजकल अधिकतर फ़ोनों में पाए जानेवाले सेनसर्स (sensors) और फ़ोन में लगे GPRS/3G कनेक्शन का। और इन दोनों मोबाईल इन्टरनेट सुविधाओं का दाम भी आजकल काफी कम है - सौ रुपयों से कम में आप अपने फ़ोन पर इन दोनों का महीने भर इस्तेमाल कर सकते हैं।
तो अगर आपके पास एंड्रोएड उपकरण या आईफोन या आईपैड है, तो आज ही बम्प डाउनलोड करें और बड़े ही आराम से अपने चित्रों को एक फ़ोन से दूसरे तक भेजें - आराम से, मात्र छू कर।
और सबसे बड़ी बात तो हम बताना ही भूल गए - यह एप्प पूरी तरह निःशुल्क है। तो, इंतज़ार किस बात का? डाउनलोड करिए इसको https://bu.mp/ से।
Tuesday, September 4, 2012
माइक्रोमैक्स एक्स292: मुवि मस्ती और धमाल
1400 एमएएच बैटरी और 8 जीबी एक्सपेंडेबल मैमोरी
अपने मल्टीमीडिया सेग्मेंट में माइक्रोमैक्स एक्स292 (Micromax X292) को पेश किया है। फोन के साथ मुवि व गाने प्रीलोडेड दिए जा रहे हैं। बार डिजाइन में उपलब्ध इस फोन में मैसेजिंग व टाइपिंग के लिए अल्फान्यूमेरिक कीपैड दिया गया है।
माइक्रोमैक्स एक्स292 में 1400 एमएएच की बैटरी है और कंपनी 4.5 घंटे टाक टाइम और 220 घंटे स्टैंडबाई टाइम का दावा करती है। फोन में म्यूजिक प्लेयर और एफएम रेडियो है। वहीं कंपनी द्वारा फोन के साथ 15 फिल्म, 10 वीडियो गाने और 5 एमपी 3 गाने मुफ्त दिए जा रहे हैं।
फोटोग्राफी के लिए एक्स 292 में वीजीए कैमरा है जिसे डिजिटल जूम फीचर के साथ पेश किया गया है। वीडियो प्ले के लिए यह एमपी4 फार्मेट सपोर्ट करने में सक्षम हैं। पफोन में एफएम रेडियो रिकार्डिंग फीचर के साथ दिया गया है।
कनेक्टिविटी की बात करें तो इसमें जीपीआरएस, ब्लूटूथ और वाई-फाई है। इसके अलावा टोर्च लाइट, हिंदी भाषा सपोर्ट और काल रिकार्डिंग फीचर भी दिए गए हैं। हालांकि इसे खास तौर से मल्टीमीडिया फोन के तौर पर लांच किया है लेकिन इसमें मात्रा 2.6 इंच की स्क्रीन दी गई है। जो वीडियो के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।
माइक्रोमैक्स एक्स292 की कीमत फ़िलहाल उपलब्ध नहीं है। लेकिन भारतीय बाजार में फोन की कीमत लगभग 2,500 रुपए होने की उम्मीद है।
अपने मल्टीमीडिया सेग्मेंट में माइक्रोमैक्स एक्स292 (Micromax X292) को पेश किया है। फोन के साथ मुवि व गाने प्रीलोडेड दिए जा रहे हैं। बार डिजाइन में उपलब्ध इस फोन में मैसेजिंग व टाइपिंग के लिए अल्फान्यूमेरिक कीपैड दिया गया है।
माइक्रोमैक्स एक्स292 में 1400 एमएएच की बैटरी है और कंपनी 4.5 घंटे टाक टाइम और 220 घंटे स्टैंडबाई टाइम का दावा करती है। फोन में म्यूजिक प्लेयर और एफएम रेडियो है। वहीं कंपनी द्वारा फोन के साथ 15 फिल्म, 10 वीडियो गाने और 5 एमपी 3 गाने मुफ्त दिए जा रहे हैं।
फोटोग्राफी के लिए एक्स 292 में वीजीए कैमरा है जिसे डिजिटल जूम फीचर के साथ पेश किया गया है। वीडियो प्ले के लिए यह एमपी4 फार्मेट सपोर्ट करने में सक्षम हैं। पफोन में एफएम रेडियो रिकार्डिंग फीचर के साथ दिया गया है।
कनेक्टिविटी की बात करें तो इसमें जीपीआरएस, ब्लूटूथ और वाई-फाई है। इसके अलावा टोर्च लाइट, हिंदी भाषा सपोर्ट और काल रिकार्डिंग फीचर भी दिए गए हैं। हालांकि इसे खास तौर से मल्टीमीडिया फोन के तौर पर लांच किया है लेकिन इसमें मात्रा 2.6 इंच की स्क्रीन दी गई है। जो वीडियो के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।
माइक्रोमैक्स एक्स292 की कीमत फ़िलहाल उपलब्ध नहीं है। लेकिन भारतीय बाजार में फोन की कीमत लगभग 2,500 रुपए होने की उम्मीद है।
Monday, September 3, 2012
सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज
आरंभिक स्तर में दोहरा सिम स्मार्ट फोन
सैमसंग ने आरंभिक स्तर स्मार्टफोन सेग्मेंट में गैलेक्सी पाकेट डुओज 5302 को पेश करने की घोषणा की है। हालांकि फिलहाल यह फोन भारत में उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ ही सप्ताह में आने की उम्मीद है। सैमसंग द्वारा लांच किया गया यह सबसे सस्ता दोहरा सिम स्मार्टफोन है। इससे पहले सैमसंग ने गैलेक्सी पाकेट लांच किया था जो आरंभिक स्तर में एंडरायड आधारित फोन है लेकिन इसमें एक ही सिम कनेक्टिविटी है।
गैलेक्सी पाकेट डुओज एस5302 में दो जीएसएम
नेटवर्क सपोर्ट है। बार डिजाइन में पेश किए गए इस फोन में 2.8 इंच की
स्क्रीन की कपैसिटिव स्क्रीन है।
एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 832 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर 3जीबी की इंटरनल मैमोरी है। वहीं उपयोग में बेहतर बनाने के लिए इसमें सैमसंग ब्रांड टचविज यूजर इंटरफेस है। सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज एस5302 में 3 जीबी की इंटरनल मैमोरी है और माइक्रोएसडी के माध्यम से इसे 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है।
सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज में गैलेक्सी में 2.0 मेगापिक्सल कैमरा है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग वीजीए रेजल्यूशन पर किया जा सकता है। हालांकि 3जी के बावजूद वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं है। वहीं मनोरंजन के लिए म्यूजिक प्लेयर और एपफएम रेडियो है।
डाटा और इंटरनेट के लिए इसमें वाई-फाई के साथ 3जी है। 3जी के लिए फोन एचएसडीपीए नेटवर्क सपोर्ट है जहां 3.6 एमबीपीएस तक की गति से डाटा का हस्तांतरण कर सकते हैं। भारतीय बाजार में पफोन की कीमत 8,000 रुपए तक होने की उम्मीद है।
सैमसंग ने आरंभिक स्तर स्मार्टफोन सेग्मेंट में गैलेक्सी पाकेट डुओज 5302 को पेश करने की घोषणा की है। हालांकि फिलहाल यह फोन भारत में उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ ही सप्ताह में आने की उम्मीद है। सैमसंग द्वारा लांच किया गया यह सबसे सस्ता दोहरा सिम स्मार्टफोन है। इससे पहले सैमसंग ने गैलेक्सी पाकेट लांच किया था जो आरंभिक स्तर में एंडरायड आधारित फोन है लेकिन इसमें एक ही सिम कनेक्टिविटी है।
एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 832 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर 3जीबी की इंटरनल मैमोरी है। वहीं उपयोग में बेहतर बनाने के लिए इसमें सैमसंग ब्रांड टचविज यूजर इंटरफेस है। सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज एस5302 में 3 जीबी की इंटरनल मैमोरी है और माइक्रोएसडी के माध्यम से इसे 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है।
सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज में गैलेक्सी में 2.0 मेगापिक्सल कैमरा है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग वीजीए रेजल्यूशन पर किया जा सकता है। हालांकि 3जी के बावजूद वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं है। वहीं मनोरंजन के लिए म्यूजिक प्लेयर और एपफएम रेडियो है।
डाटा और इंटरनेट के लिए इसमें वाई-फाई के साथ 3जी है। 3जी के लिए फोन एचएसडीपीए नेटवर्क सपोर्ट है जहां 3.6 एमबीपीएस तक की गति से डाटा का हस्तांतरण कर सकते हैं। भारतीय बाजार में पफोन की कीमत 8,000 रुपए तक होने की उम्मीद है।
सैमसंग नोट 2 की प्री बुकिंग शुरू
इन्फिबीम आन लाइन स्टोर से 38,500 रूपए में की प्रीबुकिंग कर सकते हैं
हाल ही बर्लीन में आयोजित आईएफए समारोह के दौरान गैलेक्सी नोट2 का प्रदर्शन किया गया। फोन में पुराने नोट की अपेक्षा बड़ी स्क्रीन और बेहतर हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन हैं। हालांकि फिलहाल भारत में यह फोन उपलब्ध नहीं है लेकिन इन्फिबीम डाट काम से इसे 38,500 रुपए में प्रीबुक किया जा सकता है।
पुराना नोट में जहां 5.5 इंच की स्क्रीन थी वहीं नए नोट में 5.8 इंच की स्क्रीन दी गई है।
सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 एंडरायड आपरेटिंग 4.1 पर पेश किया गया है। वहीं इसमें 1.6 गीगाहट्र्ज का क्वाडकोर ए9 प्रोसेसर है। सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 में मुख्य कैमरा 8 मेगापिक्सल है जबकि सेकेंडरी कैमरा 1.9 मेगापिक्सल का दिया गया हैं जो वीडियो कालिंग के लिए है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है। 3जी के लिए इसमें एचएसडीपीए 21 एमबीपीएस तक सपोर्ट है। नोट 2 में एप्लिकेशन की भी भरमार है। पुराने नोट की तरह इसमें भी स्टायलस है और साथ ही एसपेन फीचर भी मिलेगा। इसके अलवा गूगल स्विट और एसएनएस जैसे फीचर से भी इसे लैस किया गया है। पावर बैकअप के लिए इसमें 3100 एमएएच की बैटरी दी गई है।
हाल ही बर्लीन में आयोजित आईएफए समारोह के दौरान गैलेक्सी नोट2 का प्रदर्शन किया गया। फोन में पुराने नोट की अपेक्षा बड़ी स्क्रीन और बेहतर हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन हैं। हालांकि फिलहाल भारत में यह फोन उपलब्ध नहीं है लेकिन इन्फिबीम डाट काम से इसे 38,500 रुपए में प्रीबुक किया जा सकता है।
पुराना नोट में जहां 5.5 इंच की स्क्रीन थी वहीं नए नोट में 5.8 इंच की स्क्रीन दी गई है।
सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 एंडरायड आपरेटिंग 4.1 पर पेश किया गया है। वहीं इसमें 1.6 गीगाहट्र्ज का क्वाडकोर ए9 प्रोसेसर है। सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 में मुख्य कैमरा 8 मेगापिक्सल है जबकि सेकेंडरी कैमरा 1.9 मेगापिक्सल का दिया गया हैं जो वीडियो कालिंग के लिए है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है। 3जी के लिए इसमें एचएसडीपीए 21 एमबीपीएस तक सपोर्ट है। नोट 2 में एप्लिकेशन की भी भरमार है। पुराने नोट की तरह इसमें भी स्टायलस है और साथ ही एसपेन फीचर भी मिलेगा। इसके अलवा गूगल स्विट और एसएनएस जैसे फीचर से भी इसे लैस किया गया है। पावर बैकअप के लिए इसमें 3100 एमएएच की बैटरी दी गई है।
नए आकाश में कालिंग फीचर भी।
बहुत जल्द भारत सरकार का आकाश नए रंगरूप और
फीचर्स के साथ बाजार में आने वाला है। नए आकाश में सिम सपोर्ट भी है।
कालिंग फीचर के साथ यह विश्व का सबसे सस्ता कालिंग फीचर वाला टैबलेट बन गया
है। 7 इंच रेजिस्टिव टच स्क्रीन की जगह कपैसिटिव टच स्क्रीन का इस्तेमाल
किया जा रहा है। 366 मेगाहर्ट्ज़ को 1 गीगाहर्ट्ज़ प्रोसेसर के साथ और
पावरफुल बना दिया है। आकाश 2.5 के अन्य फीचर्स की बात करें तो वाई-फाई,
इंटरनेट डोंगल सपोर्ट, सिम सपोर्ट, 256 एमबी रेम, 2 जीबी इंटरनल मैमोरी, 32
जीबी तक एक्सटर्नल, 3200 एमएएच बैटरी है। आकाश 2.5 के फीचर्स नए हैं लेकिन
कीमत 2276 रुपए ही है। इन सारे फीचर्स के आधार पर हम कहे सकते हैं कि आकाश
पर जमी गर्द साफ हो रही है।
एलजी आप्टिमस एल5 डुअल
एंडरायड आपरेटिंग आधारित इस फोन में 4.0 इंच की स्क्रीन है।
हाल ही में दोहरे सिम एंडरायड स्मार्टफोन सेग्मेंट एलजी ने आप्टिमस एल3 (Optimus L3) को पेश किया था। आप्टिमस एल3 आरंभिक स्तर का फोन है जिसमें एंडरायड आपरेटिंग के साथ दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए कंपनी ने एलजी आप्टिमस एल5 डुअल ई 615 (LG Optimus L5 Dual E615) को पेश करने का मन बनाया है।
फोन में 4.0 इंच की स्क्रीन दी गई है जिसे आईपीएस एलसीडी टेक्नोलाजी के साथ पेश किया गया है। फोन की इंटरनल मैमारी 2.6 जीबी है और 512 एमबी का रैम स्टोरेज दिया गया है। माइक्रोएसडी के माध्यम से फोन मैमोरी को 32 जीबी तक एक्सपेंड किया जा सकता है। एलजी आप्टिमस 5 में 800 मेगाहटर्ज कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और एड्रीनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर यूनिट दिया गया है।
मल्टीमीडिया की बात करें तो इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा एलईडी फ्लैश के साथ उपलब्ध है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग और वीडियो प्लेबैक है लेकिन वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं दिया गया है।
एलजी आप्टिमस एल5 में गूगल स्विट के अलावा एसएनएस इंटीग्रेशन भी है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई और ब्लूटूथ है। फोन में एचएसडीपीए सपोर्ट है और डाटा ट्रांस्फर के लिए यह 7.2 एमबीपीएस तक की गति से डाटा हस्तांरण करने में सक्षम है। फोन में आडियो प्लेयर ओर एफएम रेडियो दिया गया है।
एंडरायड आपरेटिंग 4.0 आइसक्रीम सैंडविच (Android Operating 4.0 Icecream Sandwich) आधारित इस फोन को आप्टिमस यूआई 3.0 (LG Optimus UI) से लैस किया गया है। वहीं बेहतर पावार बैकअप के लिए इसमें 1540 एमएएच की बैटरी दी गई हैं। कंपनी 10 घंटे बैटरी बैकअप का दावा करती है। फोन की कीमत 12,9990 रुपए होने की उम्मीद है।
हाल ही में दोहरे सिम एंडरायड स्मार्टफोन सेग्मेंट एलजी ने आप्टिमस एल3 (Optimus L3) को पेश किया था। आप्टिमस एल3 आरंभिक स्तर का फोन है जिसमें एंडरायड आपरेटिंग के साथ दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए कंपनी ने एलजी आप्टिमस एल5 डुअल ई 615 (LG Optimus L5 Dual E615) को पेश करने का मन बनाया है।
फोन में 4.0 इंच की स्क्रीन दी गई है जिसे आईपीएस एलसीडी टेक्नोलाजी के साथ पेश किया गया है। फोन की इंटरनल मैमारी 2.6 जीबी है और 512 एमबी का रैम स्टोरेज दिया गया है। माइक्रोएसडी के माध्यम से फोन मैमोरी को 32 जीबी तक एक्सपेंड किया जा सकता है। एलजी आप्टिमस 5 में 800 मेगाहटर्ज कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और एड्रीनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर यूनिट दिया गया है।
मल्टीमीडिया की बात करें तो इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा एलईडी फ्लैश के साथ उपलब्ध है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग और वीडियो प्लेबैक है लेकिन वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं दिया गया है।
एलजी आप्टिमस एल5 में गूगल स्विट के अलावा एसएनएस इंटीग्रेशन भी है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई और ब्लूटूथ है। फोन में एचएसडीपीए सपोर्ट है और डाटा ट्रांस्फर के लिए यह 7.2 एमबीपीएस तक की गति से डाटा हस्तांरण करने में सक्षम है। फोन में आडियो प्लेयर ओर एफएम रेडियो दिया गया है।
एंडरायड आपरेटिंग 4.0 आइसक्रीम सैंडविच (Android Operating 4.0 Icecream Sandwich) आधारित इस फोन को आप्टिमस यूआई 3.0 (LG Optimus UI) से लैस किया गया है। वहीं बेहतर पावार बैकअप के लिए इसमें 1540 एमएएच की बैटरी दी गई हैं। कंपनी 10 घंटे बैटरी बैकअप का दावा करती है। फोन की कीमत 12,9990 रुपए होने की उम्मीद है।
Tuesday, August 7, 2012
स्मार्ट प्रेज़न्टेशन के लिए
प्रोजेक्टर को लेकर सैमसंग गैलेक्सी बीम खास चर्चा में है। और होना भी
चाहिए क्योंकि इस फोन की यूएसपी इसकी प्रोजेक्टर तकनीकी है। जिसका इस्तेमाल
इनडोर और आउटडोर के लिए किया जा सकता है। इस प्रोजेक्टर फोस से न सिर्फ घर
में बल्कि बाहर भी तस्वीरों और वीडियो को प्रजेंटेशन के तौर पर देखा जा
सकता है। सैमसंग गैलेक्सी बीम एक खास बात यह भी है कि टॉप पैनल पर
प्रोजेक्टर लैंस के बावजूद भी फोन की मोटाई 12.5 एमएम है जो नोकिया प्योर
व्यू से कम ही है। यह एंडरायड 2.3 ओएस ;जिंजरब्रेड और 1 गीगाहर्ट्ज़ का
डुअल कोर प्रोसेसर पर काम करता है। इसके मल्टीमीडिया फीचर्स देंखे तो फ्लैश
सहित 5 मेगापिक्सल ऑटो फोकस कैमरा और 1.3 मेगापिक्सल सेकेंडरी कैमरे की
सुविधा दी गई है। 720पी एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग कई सारे आडियो/वीडियो
फारर्मेंट को सपोर्ट करता है। इसके अलावा 768 एमबी रेम, 8जीबी इंटरनल
मैमोरी, 32 जीबी एक्पेंडेबल मैमोरी सपोर्ट है। कनेक्टिविटी के लिए 3.0+
एचएस ब्लूटूथ, वाईफाई, एचएसडीपीए व एचएसयूपीए सपोर्ट करता है। इसकी बैटरी
2000 एमएएच की है। 4.0 इंच स्क्रीन के इस फोन की कीमत 29,990 रुपए है।
Monday, July 30, 2012
गाड़ी बुला रही है...
खिलाड़ी कृपया ध्यान दें। अगर आप मोबाइल में एक ट्रेन गेम का इंतजार कर रहे थे तो यह इंतजार खत्म हो चुका है।
कुछ समय पहले गूगल प्ले पर ब्रेन एंड पजल श्रेणी में ट्रेक माय ट्रेन पजल गेम पेश किया गया है। अगर आपने व्हेअर इज माय वाटर या शूट द एप्पल पसंद किया तो निश्चित रूप से आपको ट्रेक माय ट्रेन दिलचस्प लगेगा। ट्रेन को समय के साथ सुरक्षित और सही स्थान पर पहुंचने की ज़िम्मेदारी आप पर है। इसको आप छह एपिसोड तक फ्री खेल सकते हैं। प्रत्येक एपिसोड में 12 लेवल हैं। सभी लेवल काफी अच्छे और दिलचस्प हैं। इसमें रेल को सही दिशा देने के लिए आपको सही रेल ट्रक को जोड़ना होगा। जैसे-जैसे आप खेल के साथ आगे बढ़ते जाएंगे। खेल और भी रोचक होता जाता है। अंतिम एपिसोड में मल्टी ट्रेन के साथ आपको ट्रैक पर नियंत्रण करना होगा। ट्रेन आपस में भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं, इसलिए आपको ट्रेन की गति पर भी नियंत्रण रखना होगा। गति पर नियंत्रण करने के लिए स्क्रीन के बाईं ओर दिए गए प्ले बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन रोकने के लिए रेलवे ट्रेक पर लगे सिग्नल का भी उपयोग कर सकते हैं। ट्रेक माय ट्रेन एक पजल गेम है छोटे बच्चों को इसे खेलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन यही परेशानी आपको हल करने में जरूर अच्छी लगेगी। गेम के ग्राफिक्स बहुत अच्छे तो नहीं कहे जा सकते हैं लेकिन साउंड इफेक्ट जैसे कि रेलगाड़ी की आवाज काफी सही है। गेम लगभग सभी एंडरायड फोन को सपोर्ट करता है।
कुछ समय पहले गूगल प्ले पर ब्रेन एंड पजल श्रेणी में ट्रेक माय ट्रेन पजल गेम पेश किया गया है। अगर आपने व्हेअर इज माय वाटर या शूट द एप्पल पसंद किया तो निश्चित रूप से आपको ट्रेक माय ट्रेन दिलचस्प लगेगा। ट्रेन को समय के साथ सुरक्षित और सही स्थान पर पहुंचने की ज़िम्मेदारी आप पर है। इसको आप छह एपिसोड तक फ्री खेल सकते हैं। प्रत्येक एपिसोड में 12 लेवल हैं। सभी लेवल काफी अच्छे और दिलचस्प हैं। इसमें रेल को सही दिशा देने के लिए आपको सही रेल ट्रक को जोड़ना होगा। जैसे-जैसे आप खेल के साथ आगे बढ़ते जाएंगे। खेल और भी रोचक होता जाता है। अंतिम एपिसोड में मल्टी ट्रेन के साथ आपको ट्रैक पर नियंत्रण करना होगा। ट्रेन आपस में भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं, इसलिए आपको ट्रेन की गति पर भी नियंत्रण रखना होगा। गति पर नियंत्रण करने के लिए स्क्रीन के बाईं ओर दिए गए प्ले बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन रोकने के लिए रेलवे ट्रेक पर लगे सिग्नल का भी उपयोग कर सकते हैं। ट्रेक माय ट्रेन एक पजल गेम है छोटे बच्चों को इसे खेलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन यही परेशानी आपको हल करने में जरूर अच्छी लगेगी। गेम के ग्राफिक्स बहुत अच्छे तो नहीं कहे जा सकते हैं लेकिन साउंड इफेक्ट जैसे कि रेलगाड़ी की आवाज काफी सही है। गेम लगभग सभी एंडरायड फोन को सपोर्ट करता है।
Monday, July 2, 2012
कैसी कैसी स्क्रीन
एमोलेडः एमोलेड का आशय है एक्टिव मैट्रिक्स ऑर्गैनिक लाइट-इमेटिंग
डायोट। इस तकनीक का उपयोग टीवी और मोबाइल डिसप्ले के लिए किया जाता है। आज
ज्यादातर स्मार्ट फोन के डिसप्ले में इसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
सर्वप्रथम इसका उपयोग सैमसंग के फोन में देखने को मिला था। आम स्क्रीन की
अपेक्षा इसमें चीजें 20 फीसदी तक ज्यादा स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसके साथ
ही बैटरी खपत भी अन्य स्क्रीन की अपेक्षा कम है। इसका विकास खासकर टच आधरित
बड़े स्क्रीन वाले फोन के लिए किया गया है। आज सैमसंग, नोकिया, एलजी,
सोनी एरिक्सन और एचटीसी सहित कई कंपनियों द्वारा एमोलेड स्क्रीन का उपयोग
किया जा रहा है।
सुपर एमोलेडः एमोलेड तकनीक का यह उन्नत संस्करण है। इसका उपयोग खासतौर से मोबाइल फोन में देखने को मिलता है। भारत में सैमसंग गैलेक्सी एस पहली डिवायस है जिसमें सुपर एमोलेड डिसप्ले का उपयोग किया गया था। यह तकनीक एमोलेड से ज्यादा एडवांस है और धूप में भी चीजें स्पष्ट दिखाई देती हैं। साधारण स्क्रीन तकनीक से 30 फीसदी तक पावर खपत कम करने में सक्षम है। सुपर एमोलेड के बाद इसका एचडी संस्करण का उपयोग सैमसंग नोट में देखने को मिला है।
सुपर एमोलेड प्लसः जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह तकनीक एमोलेड और सुपर एमोलेड से ज्यादा एडवांस है। यह न सिर्फ बेहतर डिसप्ले में सक्षम है बल्कि सुपर एमोलेड की अपेक्षा 18 फीसदी तक बैटरी बचत करने में सक्षम है। वहीं सूर्य की रोशनी में भी चीजें बेहतर तरीके से देखी जा सकती हैं। सैमसंग गैलेक्सी एस टू में इसका उपयोग पहली बार देखा गया है।
रेटिना डिसप्लेः डिसप्ले की इस तकनीक का उपयोग खासतौर से एपल डिवायस में देखने को मिला है। सबसे पहले आईफोन 4 में इसका उपयोग किया गया था जिसमें 3.5 इंच का डिसप्ले है। इस तकनीक के तहत डिसप्ले में एक इंच में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। कंपनी दावा करती है कि मनुष्य की आंख के रेटिना में किसी तस्वीर निर्माण में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। इस वजह से यह साधारण डिवायस की अपेक्षा ज्यादा बेहतर तरीके से चीजों के प्रदर्शन में सक्षम है। इसके अलावा 80 डिग्री तक स्क्रीन के घुमाव की स्थिति में भी आप चीजों को बेहतर तरीके से देख सकते हैं।
आईपीएसः आईपीएस का आशय है इन प्लान स्विचिंग। कई कंपनियों द्वारा डिसप्ले के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। हिताची लिमिटेड द्वारा यह तकनीक विकसित की गई थी। यह खासतौर से बेहतर डिसप्ले और स्क्रीन घुमाव की स्थिति में भी चीजों के प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।
नोवा डिसप्लेः नोवा डिसप्ले का उपयोग सबसे पहले एलजी आप्टिमस ब्लैक में देखने को मिला था। कंपनी दावा करती है कि यह साधरण डिसप्ले से 50 फीसदी तक बैटरी खपत कम करने में सक्षम है। इसकी बेहतर ब्राइटनेस क्षमता डिसप्ले को और भी शानदार बनाती है जिससे ब्राउजिंग क्षमता और डाक्यूमेंट इत्यादि पढ़ने में आपको आसानी हो। साथ ही सूर्य की तेज रोशनी में भी स्क्रीन पर चीजों का प्रदर्शन साफ और स्पष्ट होता है।
क्लिर ब्लैक डिसप्लेः हाल ही में डिसप्ले की यह तकनीक भी बेहद चर्चा में रही है। हाल में नोकिया लुमिया 800 और लुमिया 710 में इस तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक स्क्रीन पर एक ब्लैक लेयर बनाती है जो बाहर से डिवायस पर पड़ रही किरणों के रिफ्रलेक्शन को रोकती है। जिससे स्क्रीन तेज धूप में भी बेहतर प्रदर्शन कर सके। वहीं ब्लैक लेयर सफेद की अपेक्षा बैटरी खपत को भी कम करता है।
गोरिल्ला ग्लासः गोरिल्ला ग्लास तकनीक को कोर्निंग कंपनी द्वारा तैयार किया गया है। इसका प्रयोग खासतौर से पोर्टेबल इलेक्ट्रानिक डिवायस के लिए किया जाता है। यह स्क्रीन को मजबूती प्रदान करता है जिससे कि गिरने के दौरान टूटे-फूटे न।
ओलियोफोबिक कोटः इस तकनीक का उपयोग स्मार्ट टचस्क्रीन फोन में देखने को मिल रहा है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह एक प्रकार की कोटिंग है जो स्क्रीन पर की जाती है। इससे साधरण स्क्रीन के मुकाबले ओलियोफोबिक स्क्रीन थोड़ी सख्त हो जाती है जो स्क्रीन पर बाहरी प्रभाव से हो रहे नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। जैसे यह टूटने, रगड़ लगने और उंगलियों के निशान इत्यादि को रोकती है।
सुपर एमोलेडः एमोलेड तकनीक का यह उन्नत संस्करण है। इसका उपयोग खासतौर से मोबाइल फोन में देखने को मिलता है। भारत में सैमसंग गैलेक्सी एस पहली डिवायस है जिसमें सुपर एमोलेड डिसप्ले का उपयोग किया गया था। यह तकनीक एमोलेड से ज्यादा एडवांस है और धूप में भी चीजें स्पष्ट दिखाई देती हैं। साधारण स्क्रीन तकनीक से 30 फीसदी तक पावर खपत कम करने में सक्षम है। सुपर एमोलेड के बाद इसका एचडी संस्करण का उपयोग सैमसंग नोट में देखने को मिला है।
सुपर एमोलेड प्लसः जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह तकनीक एमोलेड और सुपर एमोलेड से ज्यादा एडवांस है। यह न सिर्फ बेहतर डिसप्ले में सक्षम है बल्कि सुपर एमोलेड की अपेक्षा 18 फीसदी तक बैटरी बचत करने में सक्षम है। वहीं सूर्य की रोशनी में भी चीजें बेहतर तरीके से देखी जा सकती हैं। सैमसंग गैलेक्सी एस टू में इसका उपयोग पहली बार देखा गया है।
रेटिना डिसप्लेः डिसप्ले की इस तकनीक का उपयोग खासतौर से एपल डिवायस में देखने को मिला है। सबसे पहले आईफोन 4 में इसका उपयोग किया गया था जिसमें 3.5 इंच का डिसप्ले है। इस तकनीक के तहत डिसप्ले में एक इंच में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। कंपनी दावा करती है कि मनुष्य की आंख के रेटिना में किसी तस्वीर निर्माण में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। इस वजह से यह साधारण डिवायस की अपेक्षा ज्यादा बेहतर तरीके से चीजों के प्रदर्शन में सक्षम है। इसके अलावा 80 डिग्री तक स्क्रीन के घुमाव की स्थिति में भी आप चीजों को बेहतर तरीके से देख सकते हैं।
आईपीएसः आईपीएस का आशय है इन प्लान स्विचिंग। कई कंपनियों द्वारा डिसप्ले के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। हिताची लिमिटेड द्वारा यह तकनीक विकसित की गई थी। यह खासतौर से बेहतर डिसप्ले और स्क्रीन घुमाव की स्थिति में भी चीजों के प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।
नोवा डिसप्लेः नोवा डिसप्ले का उपयोग सबसे पहले एलजी आप्टिमस ब्लैक में देखने को मिला था। कंपनी दावा करती है कि यह साधरण डिसप्ले से 50 फीसदी तक बैटरी खपत कम करने में सक्षम है। इसकी बेहतर ब्राइटनेस क्षमता डिसप्ले को और भी शानदार बनाती है जिससे ब्राउजिंग क्षमता और डाक्यूमेंट इत्यादि पढ़ने में आपको आसानी हो। साथ ही सूर्य की तेज रोशनी में भी स्क्रीन पर चीजों का प्रदर्शन साफ और स्पष्ट होता है।
क्लिर ब्लैक डिसप्लेः हाल ही में डिसप्ले की यह तकनीक भी बेहद चर्चा में रही है। हाल में नोकिया लुमिया 800 और लुमिया 710 में इस तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक स्क्रीन पर एक ब्लैक लेयर बनाती है जो बाहर से डिवायस पर पड़ रही किरणों के रिफ्रलेक्शन को रोकती है। जिससे स्क्रीन तेज धूप में भी बेहतर प्रदर्शन कर सके। वहीं ब्लैक लेयर सफेद की अपेक्षा बैटरी खपत को भी कम करता है।
गोरिल्ला ग्लासः गोरिल्ला ग्लास तकनीक को कोर्निंग कंपनी द्वारा तैयार किया गया है। इसका प्रयोग खासतौर से पोर्टेबल इलेक्ट्रानिक डिवायस के लिए किया जाता है। यह स्क्रीन को मजबूती प्रदान करता है जिससे कि गिरने के दौरान टूटे-फूटे न।
ओलियोफोबिक कोटः इस तकनीक का उपयोग स्मार्ट टचस्क्रीन फोन में देखने को मिल रहा है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह एक प्रकार की कोटिंग है जो स्क्रीन पर की जाती है। इससे साधरण स्क्रीन के मुकाबले ओलियोफोबिक स्क्रीन थोड़ी सख्त हो जाती है जो स्क्रीन पर बाहरी प्रभाव से हो रहे नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। जैसे यह टूटने, रगड़ लगने और उंगलियों के निशान इत्यादि को रोकती है।
Tuesday, June 19, 2012
नोकिया प्योरव्यू ने बहाई ज़ूम की उल्टी गंगा
हम पिछले कुछ दिनों से नोकिया का नया प्योरव्यू फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। और एक बात हमें समझ में आ गयी है - यह फोन उन प्राणियों के लिए है जो फोटो खींचने के बाद उसके साथ खींच-तान करते हैं। नहीं, हम यह नहीं कह रहे की इसका इकतालीस मेगापिक्सेल का भारी भरकम कैमरा बेकार है - वह तो वाकई में शानदार तसवीरें खींचता है। लेकिन अगर आप इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको ज़ूम का दीवाना होना पड़ेगा। बाकी कैमरों में आपने ध्यान दिया होगा कि आप चित्र खींचने से पहले ज़ूम करते हैं। प्योरव्यू में कुछ उल्टी गंगा बहती है - यहाँ फायदा चित्र खींचने के बाद ज़ूम करने में है। और वह इसलिए क्योंकि प्योरव्यू की शानदार लेंस इतने सारे तत्त्व साफ़-साफ़ उभार के लाती है कि हमें तो लगता है कि इस फ़ोन से इंसान को फोटो पहले खींचनी चाहिए और तब बैठ कर तय करना चाहिए कि फोटो में क्या रखा जाए, और क्या दफा कर दिया जाए। ऐसा कम से कम एक दर्जन बार हुआ है कि हमने फोटो ली किसी की है लेकिन बाद में देखे पर हमें उसमे कुछ और ही पसंद आया है - और धन्य है प्योरव्यू का सेंसर जिसके कारण हम उसी को फोटो में उभार के ला पाए हैं।
तो अगर आपके पास प्योरव्यू है तो हमारी मानिये और दनादन फोटो खींचिए। अरे, सेंसर इतना सारी चीज़ें आपको चित्रों में दिखायेगा कि आपको कुछ न कुछ पसंद ज़रूर ही आ जाएगा, चाहे आपको चित्र का मुख्य विषय पसंद आये या नहीं!
नोकिया प्योरव्यू ने बहाई ज़ूम की उल्टी गंगा
हम पिछले कुछ दिनों से नोकिया का नया प्योरव्यू फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। और एक बात हमें समझ में आ गयी है - यह फोन उन प्राणियों के लिए है जो फोटो खींचने के बाद उसके साथ खींच-तान करते हैं। नहीं, हम यह नहीं कह रहे की इसका इकतालीस मेगापिक्सेल का भारी भरकम कैमरा बेकार है - वह तो वाकई में शानदार तसवीरें खींचता है। लेकिन अगर आप इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको ज़ूम का दीवाना होना पड़ेगा। बाकी कैमरों में आपने ध्यान दिया होगा कि आप चित्र खींचने से पहले ज़ूम करते हैं। प्योरव्यू में कुछ उल्टी गंगा बहती है - यहाँ फायदा चित्र खींचने के बाद ज़ूम करने में है। और वह इसलिए क्योंकि प्योरव्यू की शानदार लेंस इतने सारे तत्त्व साफ़-साफ़ उभार के लाती है कि हमें तो लगता है कि इस फ़ोन से इंसान को फोटो पहले खींचनी चाहिए और तब बैठ कर तय करना चाहिए कि फोटो में क्या रखा जाए, और क्या दफा कर दिया जाए। ऐसा कम से कम एक दर्जन बार हुआ है कि हमने फोटो ली किसी की है लेकिन बाद में देखे पर हमें उसमे कुछ और ही पसंद आया है - और धन्य है प्योरव्यू का सेंसर जिसके कारण हम उसी को फोटो में उभार के ला पाए हैं।
तो अगर आपके पास प्योरव्यू है तो हमारी मानिये और दनादन फोटो खींचिए। अरे, सेंसर इतना सारी चीज़ें आपको चित्रों में दिखायेगा कि आपको कुछ न कुछ पसंद ज़रूर ही आ जाएगा, चाहे आपको चित्र का मुख्य विषय पसंद आये या नहीं!
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