Saturday, October 6, 2012

दो दो हाथ आईफ़ोन ५ के साथ!


जी हाँ, भले ही आईफ़ोन ५ ने भारत में कदम नहीं रखा हो, हमने आखिर उसके दर्शन कर ही लिये। धन्य हैं हमारे एक मित्र, मनिंदर पाल सिंह जी, जिन्होंने हमें यह मौका दिया। मात्र आधे घंटे के अनुभव से हम फ़ोन के बारे में तो ज़्यादा  टिपण्णी नहीं कर पायेंगे, लेकिन हाँ, हमें यह बेहिचक कह सकते हैं की बनावट के मामले में हमने इतना शानदार फ़ोन पहले कभी नहीं देखा देखा है। 

 और हाँ, जो सज्जन सोचते हैं कि यह कुछ ज्यादा हि लम्बा है, वो पूरी तरह गलत हैं - लम्बाई में आईफ़ोन ५ पिछले आईफ़ोन से बहुत ज़रा सा ही लम्बा है और हमारे हाथ और जेब दोनों में ही बड़े आराम से समा गया। और यह काफी हल्का भी है - इतना हल्का कि आपको लगेगा आप गुज़रे ज़माने का नोकिया ११०० पकडे हैं.  और दस पंद्रह मिनट के प्रयोग के दौरान यह द्रुतगति से काम कर रहा था। यह भारत कब आएगा? यह हो हमें अभी भी पता नहीं - लेकिन इतना ज़रूर कह सकते हैं कि एप्पल ने पुनः डिजाईन के मामले में बाकी खिलाडियों से बाज़ी मार ली है।

हाँ, इसका दाम पचास हज़ार के आस पास ही होगा लेकिन यह लगता उसके लायक है - काश यह हम कई प्लास्टिक-युक्त दामी फ़ोनों के बारे में कह सकते!

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