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Wednesday, January 30, 2013

अनजान कालर का नाम बताएगी यह एप्लीकेशन

अकसर ऐसा होता है कि आपके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से मैसेज या कॉल आती है। काॅल करने वाला आपको खुद का नाम नहीं बताता है और अपनी बात कह कर फोन रख देता है। अब आप दिन भर इस बात को सोचते रहते हैं कि आखिर यह नंबर किसका था? जो खुद की पहचान नहीं बता रहा है। लेकिन अब आप किसी भी अनजान कॉलर का नाम जान सकतें हैं।  अगर आपके पास एक स्मार्ट फ़ोन है तो अनजान कॉल करने वाले कॉलर का नाम जान सकते हैं। गूगल प्ले, एप्पल एप्स स्टोर, एप्स वर्ल्ड  और विंडोज  पर ट्रूकॉलर(true caller)-ग्लोबल डिक्शनरी नाम से एक ऐसी एप्लिकेशन मौजूद है जिसके द्वारा आप कॉल करने वाले का नाम, आॅपरेटर का नाम, सर्किल आदि की जानकारी तुरंत मिल सकती है। इस एप्लिकेशन के द्वारा आप स्पैम नंबर को ब्लाॅक भी कर सकते हैं, साथ ही, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी एक्टिव रह सकते हैं जबकि आप दोस्त से फोन पर बात कर रहे होंगे। अगर आपके मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से कॉल आती है तो इसका जवाब देने से पहले ही आप कॉलर का नाम जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल फोन में 3जी या वाई-फाई कनेक्शन होना जरूरी है। इस एप्लिकेशन को आप फ्री डाउनलोड कर सकते हैं। खूबी की बात करें तो एप्लिकेशन बहुत अच्छा काम करती है अधिकतर सही नाम इस एप के द्वारा पता कर सकते हैं। लेकिन 2जी नेटवर्क के साथ थोड़ी सी देरी लगती है।

Saturday, October 6, 2012

फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे




एप्पल के स्टीव जोब्स को चाहे आप देवता समझें या दानव   एक बात को नकारा नहीं जा सकता - उनको उपकरण दिखाने की अदा बखूबी आती थी। उनको ज़रुरत कभी नहीं पड़ी फिल्म स्टारों की या किसी शोर शराबे की। बस फ़ोन ही उनका सबसे बड़ा हीरो था। और उनका आत्मविश्वास दर्शकों को भी यह यकीन दिला देता था कि वो एक मामूली उपकरण नहीं बल्कि कोई दैवीय चीज़ देख रहे हैं। काश हमारे भारतीय CEO भी कुछ ऐसा आलम जमा पाते - उनके पास शानदार उपकरण तो ज़रूर होते हैं लेकिन बड़ी हस्तियों से लैस लौन्चों के शोर शराबे में ये कई बार खो जाते हैं। इस सब शोर में बेचारे कंपनी वाले भी उपकरण को यूँ प्रदर्शित करते हैं जैसे कि यह उनकी मजबूरी है।  

अगर यकीन नहीं होता तो चित्र देखें और अपना अपना सबक सीखें - एक तरफ हैं  सितारे और कंपनी के उच्चतम अधिकारी और उनके साथ है एक उपकरण और औपचारिक मुस्कानें। 

दूसरी तरफ एक अकेला इंसान, एक उपकरण और उसका जुनून । 

आखिर फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे

दो दो हाथ आईफ़ोन ५ के साथ!


जी हाँ, भले ही आईफ़ोन ५ ने भारत में कदम नहीं रखा हो, हमने आखिर उसके दर्शन कर ही लिये। धन्य हैं हमारे एक मित्र, मनिंदर पाल सिंह जी, जिन्होंने हमें यह मौका दिया। मात्र आधे घंटे के अनुभव से हम फ़ोन के बारे में तो ज़्यादा  टिपण्णी नहीं कर पायेंगे, लेकिन हाँ, हमें यह बेहिचक कह सकते हैं की बनावट के मामले में हमने इतना शानदार फ़ोन पहले कभी नहीं देखा देखा है। 

 और हाँ, जो सज्जन सोचते हैं कि यह कुछ ज्यादा हि लम्बा है, वो पूरी तरह गलत हैं - लम्बाई में आईफ़ोन ५ पिछले आईफ़ोन से बहुत ज़रा सा ही लम्बा है और हमारे हाथ और जेब दोनों में ही बड़े आराम से समा गया। और यह काफी हल्का भी है - इतना हल्का कि आपको लगेगा आप गुज़रे ज़माने का नोकिया ११०० पकडे हैं.  और दस पंद्रह मिनट के प्रयोग के दौरान यह द्रुतगति से काम कर रहा था। यह भारत कब आएगा? यह हो हमें अभी भी पता नहीं - लेकिन इतना ज़रूर कह सकते हैं कि एप्पल ने पुनः डिजाईन के मामले में बाकी खिलाडियों से बाज़ी मार ली है।

हाँ, इसका दाम पचास हज़ार के आस पास ही होगा लेकिन यह लगता उसके लायक है - काश यह हम कई प्लास्टिक-युक्त दामी फ़ोनों के बारे में कह सकते!