एप्पल के स्टीव जोब्स को चाहे आप देवता समझें या दानव एक बात को नकारा नहीं जा सकता - उनको उपकरण दिखाने की अदा बखूबी आती थी। उनको ज़रुरत कभी नहीं पड़ी फिल्म स्टारों की या किसी शोर शराबे की। बस फ़ोन ही उनका सबसे बड़ा हीरो था। और उनका आत्मविश्वास दर्शकों को भी यह यकीन दिला देता था कि वो एक मामूली उपकरण नहीं बल्कि कोई दैवीय चीज़ देख रहे हैं। काश हमारे भारतीय CEO भी कुछ ऐसा आलम जमा पाते - उनके पास शानदार उपकरण तो ज़रूर होते हैं लेकिन बड़ी हस्तियों से लैस लौन्चों के शोर शराबे में ये कई बार खो जाते हैं। इस सब शोर में बेचारे कंपनी वाले भी उपकरण को यूँ प्रदर्शित करते हैं जैसे कि यह उनकी मजबूरी है।
अगर यकीन नहीं होता तो चित्र देखें और अपना अपना सबक सीखें - एक तरफ हैं सितारे और कंपनी के उच्चतम अधिकारी और उनके साथ है एक उपकरण और औपचारिक मुस्कानें।
दूसरी तरफ एक अकेला इंसान, एक उपकरण और उसका जुनून ।
आखिर फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे!

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