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Sunday, October 7, 2012

प्रोसेसर भैया, आपके कोर कर रहे हैं बोर!



कुछ साल पहले की बात है - सारे कंप्यूटर दिखने में लगभग एक जैसे होते थे. फर्क होता था तो सिर्फ उनके प्रोसेसर और RAM में । अब वही गंगा स्मार्टफ़ोनों की दुनिया में भी बह रही है, और ख़ास कर एंड्रोएड फ़ोनों के मामले में । जब कोई नया एंड्रोएड फोन बाज़ार गर्माता है, तो उसमे ज़्यादातर वही गुण होते हैं जो अन्य उच्च कोटि के एंड्रोएड उपकरणों में होते हैं - बड़ा और शानदार डिस्प्ले, एंड्रोएड का ख़ास संस्करण, अच्छा कैमरा, इत्यादि । जब हम सवाल उठाते हैं की भई, आखिर इसमें कौन सा नया पैंतरा है, तो दस बार में से आठ बार जवाब आता है - हुज़ूर, इसमें फलां कोर का प्रोसेसर है जो हर काम ज़्यादा तेज़ी से करता है ।

शुरू शुरू में यह बात हजम हो जाती थी, लेकिन आजकल हमें इसे पचाने के लिए टेक हाजमोला की ज़रूरते पड़ रही है । क्योंकि सच बात तो यह है कि हमें इन महा कोर युक्त प्रोसेसरों का फायदा पता नहीं चल रहा - चोटी के एंड्रोएड फ़ोन लगभग अब भी उसी गति से दौड़ रहे हैं जितना की दो साल पहले । और उनके कार्यक्षेत्र में कुछ ख़ास विस्तार भी नहीं हुआ है - ज़्यादातर लोग इन फ़ोनों का इस्तेमाल अभी भी इन्टरनेट ब्राउज़िंग, ई-मेल, फेसबुक, ट्विट्टर, खबर बताने वाले ऐप्प्स और कुछ हलके-फुल्के खेलों के लिए ही करते हैं । जिन भारी भरकम कार्यों के लिए डूअल और क्वाड कोर प्रोसेसर बने हैं (HD वीडियो संपादन, भारी ग्राफिक्स वाले खेल) उनका इस्तेमाल अधिक नहीं होता । और क्योंकि संसार के ज़्यादातर एंड्रोएड फ़ोन तेज़ प्रोसेसरों के साथ नहीं आते, अधिकतर सॉफ्टवेयर बनाने वाले भी ऐप्प्स इन्ही के लिए बनाते हैं - आखिर रोटी का सवाल है!

 कुल मिलाकर हमने देखा है कि एक हद के बाद अधिक कोर या गति के प्रोसेसर से हमें कुछ ख़ास फायदा नहीं होता है । हाँ, हम डींग ज़रूर हाँक सकते हैं कि भई हमारे फ़ोन में इतने कोर का प्रोसेसर है जो पलक झपकते फलां काम कर सकता है, लेकिन अगर आप ध्यान से देखें तो इतनी गति आपको धीमे दिखने वाले प्रोसेसर से भी मिल सकती है । कहने का मतलब यह नहीं है कि तेज़ और कई कोर के युक्त प्रोसेसर के फायदे नहीं होते - लेकिन इनका लाभ उठाने के लिए सीमित सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध हैं । क्वाड कोर प्रोसेसर युक्त फ़ोन का हाल आजकल वही है जो दिल्ली के यातायात में फँसी फेरारी कार का है  - वह दिखने और चलने में शानदार है, लेकिन उसे चलाने के लिए सड़क ही नहीं है ! पांच साल पहले आपको पता भी नहीं था कि आपके नोकिया फ़ोन में कौन सा प्रोसेसर है - अजी पहले आईफोन के प्रोसेसर की गति भी किसी को नहीं पता थी। लेकिन वो बढ़िया काम करते थे!

जब भी कोई निर्माता अपने उपकरण के प्रोसेसर का भजन जपते हुए आता है, हमें याद आते हैं विश्वप्रसिद्ध प्रोसेसर निर्माता इंटेल के ही माइकल बेल के शब्द: "मैं अपने कंप्यूटर में क्वाड कोर प्रोसेसर इस्तेमाल नहीं करता हूँ, तो फ़ोन में भला क्यों करूंगा?" सोचने की बात है, न?