Monday, November 19, 2012

आईफोन 5 विश्लेषण - "जब तक है जान" के अंदाज़ में!



तेरे शीशे और अलमूनियम के नज़ारे को
तेरे हीरे से चमकते शेम्फर के तारे को
निहारता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे धमाकेदार कैमरे के चित्रों से
और उसपर लगे सफायर के शीशे से 
 चमत्कृत होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे रोशन रेटीना डिस्प्ले पर
उसपर दिखते वेब, विडियो और गेमप्ले पर
फिदा होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

एंड्राइड  के उपासकों की कोरी डींगों  पर
उनके क्वाड कोर फ़ोनों के क्वाड्रांट के स्कोरों  पर
मुस्कुराता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे प्लास्टिक से बने प्रतिद्वंद्वियों की
चौड़े फ़ोन घुमाते बन्दे और बंदियों की
खिल्ली उड़ाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे ऐप्स और गेम्स के साज़ से
और सिरी की एक्सेंट-लदी आवाज़ से
ज़िन्दगी के टेक सुर सजाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तुझे देर से देश में लाने वालों को
तेरे गगनचुम्बी दामों को
कोसता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

1 comment:

  1. Badhiya Likha hai, Logo ko Technology friendly Banane mein aisi hi creativity ki zarurat hoti hai.

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