Monday, February 10, 2014

Transfer data from android to iphone

कैसे करें एंड्राइड ओएस से ईओएस में डाटा ट्रांसफर 

किसी भी नए मोबाइल को इस्तेमाल करने से पहले जरूरी है कि पुराने मोबाइल का डाटा जैसे कांटेक्ट, इमेज, वीडियो आदि का बैकअप बना लिया जाए। अगर आपके पास एक एंड्राइड मोबाइल फोन है तो एक  एंड्राइड मोबाइल फोन से दूसरे एंड्राइड ओएस आधरित मोबाइल फोन पर डाटा बैकअप लेना आसान है। एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम के दो अलग-अलग मोबाइल फोन पर डाटा ट्रासंफर करने के कई आसान तरीके हैं। इसमें सबसे ज्यादा आसान तरीका गूगल कांटेक्ट सिंक है। लेकिन अगर आप नए मोबाइल के साथ मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम भी बदल रहें हैं तो कांटेक्ट को ट्रांसफर करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब आप एंड्राइड ओएस से आईओएस मोबाइल में आसानी के साथ कांटेक्ट ट्रांसफर सकते हैं। एक ओएस से दूसरे ओएस मोबाइल में डाटा ट्रांसफर के लिए आप सेवइट एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लगभग सभी ओएस जैस, सिंबियन, एंड्राइड, आईओएस पर काम करती है। यह एक पेड एप्लिकेशन है जिसके द्वारा  आप मोबाइल कांटेक्ट को सुरक्षित रख सकते हैं। 


सेवइट द्वारा बैकअप बनाने के लिए निम्न स्टेप पूरे करें।
1 मोबाइल ब्राउजर में  (start.icansaveit.com) टाइप करके एप्लिकेशन डाउनलोड करें। 
2 नए एंड्राइड या आईओएस मोबाइल में सेवइट एप्लिकेशन को डाउनलोड करें। यह गूगल प्ले और आईट्यून पर उपलब्ध् है। 
3 यहां आपको पहले एक अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनाने के लिए दिशा-निर्देश को पूरा करें। 
4 एप्लिकेशन को ओपेन करके फोन का बैकअप बनाए।
5 एप्लिकेशन को ओपेन करें और अपने अकाउंट के साथ लॉगइन हो जाए। 
6 यहा आपको रिस्टोर डाटा का विकल्प मिलेगा। डाटा को रिस्टोर करें।

इस तरह आप पुराने मोबाइल का डाटा नए मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं। याद रहे कि जब तक पुराने मोबाइल का डाटा नए मोबाइल में पूरी तरह रिस्टोर न हो जाए तब तक पुराने मोबाइल से डाटा को डिलिट न करें।

Tuesday, November 26, 2013

My Mobile: नोकिया रिफोकस

My Mobile: नोकिया रिफोकस: फोटो एडिट नहीं, फोकस करेगी यह एप्लिकेशन। मोबाइल कैमरे में जितना प्रयोग नोकिया द्वारा किया गया है शायद उतना किसी और कंपनी ने नहीं किया ...

Sunday, May 26, 2013

Facebook Home

जब तक फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपने पत्ते नहीं खोले, तब तक लोग यही कयास लगाए बैठे थे कि फेसबुक अपना फोन लाॅन्च करेगा। खैर, ऐसा नहीं हुआ फिर भी लोगों के बीच फेसबुक फोन की चर्चा चल रही है। क्योंकि फेसबुक ने एंडराॅयड फोन को फेसबुक फोन में तब्दील करने की कोशिश की है। फेसबुक ने एक फेसबुक फोन लाॅन्च करने से अच्छा यह समझा कि एक ऐसी होम स्क्रीन को पेश किया जाए जिससे एंडराॅयड स्मार्टपफोन फेसबुक फोन बना जाएं। इसलिए फेसबुक ने इसको मुमकिन बना के लिए फेसबुक होम’ नाम से एक साॅफ्रटवेयर लाॅन्च किया है।
 क्या है फेसबुक होम
फेसबुक होम को इस्तेमाल करने पर आपको मोबाइल में काफी सारे बदलाव दिखाई देते हैं। फेसबुक होम एक तरह की स्कीन (थीम) है जो एंडराॅयड फोन पर काम करती है। इस थीम को लगाने के बाद आपका एंडराॅयड स्मार्ट फोन पूरी तरह फेसबुक के रंग-रूप में बदल जाता है। आपके मोबाइल पर फेसबुक की लाइव अपडेट दिखाई देने लगती हैं। यह अपडेट्स किसी नोटिफिशन के जरिए नहीं बल्कि फोटो और लाइव स्टेट्स की साथ मोबाइल की पूरी स्क्रीन पर दिखाई देती हैं। मोबाइल स्क्रीन लाॅक होने पर भी फोटोग्राफ और स्टेट्स दाएं से बाएं की तरह मोबाइल स्क्रीन पर लगातार मूव करते रहते हैं। आप स्क्रीन लाॅक होने पर भी फोटोग्राफ या स्टेट्स को पसंद और कमेंट कर सकते हैं। आपके अकाउंट पर आने वाला कोई भी नोटिफिशन मोबाइल होम स्क्रीन परं दिखाई देते है। इसके अलावा फेसबुक होम इस्तेमाल करने पर मोबाइल स्क्रीन अनलाॅक करना का तरीका भी बदल हुए नजर आएगा। आपके फेसबुक प्रोफाइल की फोटो एक छोटे सर्किल में स्क्रीन पर दिखाई देती है जिसकी इस्तेमाल मोबाइल स्क्रीन अनलाॅक करने के लिए किया जाता है। 
चैट हैड
नया फेसबुक मैसेंजर आपको चैटिंग का एक नया अहसास देगा। अपडेटेड फेसबुक मैसेंजर के साथ आपको बड़ा दिलचस्प विकल्प चैट हैड मिलता है। इससे पहले फेसबुक मैसेंजर में आर्काइव, डिलिटि, और मार्क ऐज स्पैम के ही आॅप्शन मौजूद थे। चैट हैड काफी कुछ बीबीएम और आईमैसेंजर जैसा दिखाई देता है। चैट हैड का इस्तेमाल आप किसी अन्य एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते समय भी कर सकते हैं। फेसबुक मैसेज बाॅक्स से दोस्तों को पाॅप आउट चैट हैड के रूप में स्क्रीन पर रख सकते हैं। इस दोस्तों से चैट करने के लिए आपको फेसबुक एप्लिकेशन को आॅन करने की कोई जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा आप किसी दूसरी एप्लिकेशन पर काम करते समय भी चैट हैड का इस्तेमाल कर सकते हैं। फेसबुक चैट हैड का इस्तेमाल करने के लिए आपको फेसबुक होम इंस्टाल करने की भी जरूरत नहीं हैं। इसके लिए बस फेसबुक मैसेंजर को अपग्रेड करने की जरूरत हैं।
कैसे करें इस्तेमाल
मोबाइल स्क्रीन तीन अलग शार्टकट्स पर अनलाॅक होती है, दाएं ओर स्वाइप करने पर आप रिसेंट एप पर जा सकते हैं, बाएं ओर फेसबुक मैंसेजर ओपेन कर सकते हैं और उपर की ओर स्क्रीन अनलाॅक करने पर आप एप मन्यू में जा सकते हैं।
अगर आप किसी दोस्त की फोटोग्राफ या स्टेट्स को लाइक करना चाहते हैं तो बस स्क्रीन पर दो बार टच करना होगा।
नोटिफिकेशन टाइल्स के रूप में स्क्रीन पर नजर आते हैं जिसको एक बार टच करने पर ओपेन किया जा सकता है।
अगर आप किसी स्टेट्स को नजरअंदाज करना चाहते हैं या अगला स्टेट्स देखना चाहते हैं तो स्क्रीन को स्वाइप करके स्टेट्स को देख सकते हैं।
मोबाइल स्क्रीन पर फोटो लार्ज और मूवमेंट करती दिखाईं देती हैं। किसी भी फोटोग्राफ को फिट टू विंडो के रूप में देखने के लिए फोटो को होल्ड करें। 
नई पोस्ट डालने के लिए स्क्रीन को एप मन्यू पर अनलाॅक करें। यहां आपको स्टेटस, फोटो और चेक इन के आप्शन मिलेंगे। 
चैट हैड इस्तेमाल करने के लिए मैसंेजर में जाकर किसी भी दोस्त की चैट को होल्ड करें और पाॅप आउट चैट हैड को चुने।
अगर आप फेसबुक होम इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको एप मन्यू में ‘मोर’ का ओप्शन मिलेगा। इसको क्लिक करते ही आपका मोबाइल पुरानी होम स्क्रीन पर काम करेगा।
अगर आप फेसबुक होम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो होम सेटिंग में जाकर इसको टर्न आॅपफ कर सकते हैं।  
फेसबुक होम की खूबियां
अब तक ऐसी कोई एप्लिकेशन नहीं थी, जो आपको सोशल मीडिया का ऐसा अहसास करती हो। 
लाॅक स्क्रीन पर भी आप लाइव अपडेट देख सकते हैं और लाइक भी कर सकते हैं। 
किसी भी फोटोग्राफ या स्टेट्स को लाइक करने के लिए स्क्रीन को दो बार क्लिक करना होता है।
चेट हैड काफी सुविधजनक है। 

फेसबुक होम की खामियां
फेसबुक होम एंडराॅयड के सभी फोन को सपोर्ट नहीं करता हैं। इसके लिए आपका स्मार्टफोन कम से कम एंडरायड ओएस 4.0 वर्जन पर होना चाहिए। एंडराॅयड ओएस 2.3 जिंजरब्रेड पर फेसबुक होम काम नहीं करेगा।
फेसबुक होम का इस्तेमाल करने पर आप होम स्क्रीन पर किसी तरह का कोई विजेट या शार्टकट नहीं लगा सकते हैं।
किसी एप्लिकेशन को ओपेन करने के लिए आपको कई क्लिक करने होते हैं।
मोबाइल की बैटरी परफाॅरमेंस पर फर्क पड़ता है।
कैसे करें इंस्टाॅल
258 केबी के इस फेसबुक होम को आप गूगल प्ले से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं। इसको इंस्टाल करने के बाद आपको पुराने पफेसबुक एप्लिकेशन को अपडेट करना होगा। इसके बाद आप इसको इस्तेमाल कर सकते हैं।

Saturday, April 27, 2013

Transfer data from android to iphone


                  कैसे करें एंड्राइड ओएस से ईओएस में डाटा ट्रांसफर 


किसी भी नए मोबाइल को इस्तेमाल करने से पहले जरूरी है कि पुराने मोबाइल का डाटा जैसे कांटेक्ट, इमेज, वीडियो आदि का बैकअप बना लिया जाए। अगर आपके पास एक एंड्राइड मोबाइल फोन है तो एक  एंड्राइड मोबाइल फोन से दूसरे एंड्राइड ओएस आधरित मोबाइल फोन पर डाटा बैकअप लेना आसान है। एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम के दो अलग-अलग मोबाइल फोन पर डाटा ट्रासंफर करने के कई आसान तरीके हैं। इसमें सबसे ज्यादा आसान तरीका गूगल कांटेक्ट सिंक है। लेकिन अगर आप नए मोबाइल के साथ मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम भी बदल रहें हैं तो कांटेक्ट को ट्रांसफर करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब आप एंड्राइड ओएस से आईओएस मोबाइल में आसानी के साथ कांटेक्ट ट्रांसफर सकते हैं। एक ओएस से दूसरे ओएस मोबाइल में डाटा ट्रांसफर के लिए आप सेवइट एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह लगभग सभी ओएस जैस, सिंबियन, एंड्राइड, आईओएस पर काम करती है। यह एक पेड एप्लिकेशन है जिसके द्वारा  आप मोबाइल कांटेक्ट को सुरक्षित रख सकते हैं।


सेवइट द्वारा बैकअप बनाने के लिए निम्न स्टेप पूरे करें।
1 मोबाइल ब्राउजर में  
(start.icansaveit.com) टाइप करके एप्लिकेशन डाउनलोड करें। 
2 नए एंड्राइड या आईओएस मोबाइल में सेवइट एप्लिकेशन को डाउनलोड करें। यह गूगल प्ले और आईट्यून पर उपलब्ध् है। 
3 यहां आपको पहले एक अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनाने के लिए दिशा-निर्देश को पूरा करें। 
4 एप्लिकेशन को ओपेन करके फोन का बैकअप बनाए।

5 एप्लिकेशन को ओपेन करें और अपने अकाउंट के साथ लॉगइन हो जाए।
6 यहा आपको रिस्टोर डाटा का विकल्प मिलेगा। डाटा को रिस्टोर करें।


इस तरह आप पुराने मोबाइल का डाटा नए मोबाइल में इस्तेमाल कर सकते हैं। याद रहे कि जब तक पुराने मोबाइल का डाटा नए मोबाइल में पूरी तरह रिस्टोर न हो जाए तब तक पुराने मोबाइल से डाटा को डिलिट न करें।

Friday, February 15, 2013

चुपके-चुपके रात दिन चार्जर लगाना याद है


चुपके-चुपके रात दिन चार्जर लगाना याद है
हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

तुझसे मिलते ही वो कुछ बेबाक हो जाना मेरा
और बिना सिम कार्ड कटाए फ़ोन चलाना याद है

हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

चोरी चोरी हम जो करते थे तुम्ही पर कब कहाँ
मुद्दतें गुजरीं पर टेक्सटों का ज़माना याद है

हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

दोपहर की धुप में एक टेक्स्ट पढने के लिए
वो बिना तकलीफ के डिस्प्ले पर पढना याद है

हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

खींच लेना वो मेरा मोबाइल का कवर दफ्फतन
और बैटरी खींच के रीस्टार्ट कराना याद है

हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

चुपके-चुपके रात दिन चार्जर लगाना याद है
हमको दिन भर बैटरी चलने का ज़माना याद है

Thursday, January 31, 2013

काहे को फैबलेट बनाई ...



सेलफोन बनाने वाले
क्या तेरे मन में समाई
काहे को फैबलेट  बनाई
तूने काहे को फैबलेट  बनाई

काहे बनाये तूने
भैंस जैसे डिस्प्ले
दैत्यों के हाथों लायक
प्लास्टिक के टुकड़े

काहे पकाया तूने फ़ोन-टेबलेट का हलवा
और उसपर दिखाया फिर से स्टाइलस का जलवा

छुप कर पैसे बटोरे
वाह रे तेरी चतुराई

काहे को फैबलेट  बनाई
तूने काहे को फैबलेट  बनाई

हर ग्राहक  तडपा होगा
इसका बड़ा दाम अदा कर 
और इसके बाद जबरन
अपनी  जेब में घुसाकर

न काटे टेबलेट का और न फ़ोन का पत्ता 
टेक्नोलॉजी के घाटों का यह धोबी का कुत्ता

जब भी इसको चेहरे पर रखें
सब सोचें दाँतों में पीड़ा लहराई

काहे को फैबलेट  बनाई
तूने काहे को फैबलेट  बनाई

Wednesday, January 30, 2013

अनजान कालर का नाम बताएगी यह एप्लीकेशन

अकसर ऐसा होता है कि आपके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से मैसेज या कॉल आती है। काॅल करने वाला आपको खुद का नाम नहीं बताता है और अपनी बात कह कर फोन रख देता है। अब आप दिन भर इस बात को सोचते रहते हैं कि आखिर यह नंबर किसका था? जो खुद की पहचान नहीं बता रहा है। लेकिन अब आप किसी भी अनजान कॉलर का नाम जान सकतें हैं।  अगर आपके पास एक स्मार्ट फ़ोन है तो अनजान कॉल करने वाले कॉलर का नाम जान सकते हैं। गूगल प्ले, एप्पल एप्स स्टोर, एप्स वर्ल्ड  और विंडोज  पर ट्रूकॉलर(true caller)-ग्लोबल डिक्शनरी नाम से एक ऐसी एप्लिकेशन मौजूद है जिसके द्वारा आप कॉल करने वाले का नाम, आॅपरेटर का नाम, सर्किल आदि की जानकारी तुरंत मिल सकती है। इस एप्लिकेशन के द्वारा आप स्पैम नंबर को ब्लाॅक भी कर सकते हैं, साथ ही, सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी एक्टिव रह सकते हैं जबकि आप दोस्त से फोन पर बात कर रहे होंगे। अगर आपके मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से कॉल आती है तो इसका जवाब देने से पहले ही आप कॉलर का नाम जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल फोन में 3जी या वाई-फाई कनेक्शन होना जरूरी है। इस एप्लिकेशन को आप फ्री डाउनलोड कर सकते हैं। खूबी की बात करें तो एप्लिकेशन बहुत अच्छा काम करती है अधिकतर सही नाम इस एप के द्वारा पता कर सकते हैं। लेकिन 2जी नेटवर्क के साथ थोड़ी सी देरी लगती है।

Friday, January 18, 2013

मंदिर पथ (Temple Run) - पद्य समीक्षा



वृक्ष हों भले खड़े 
पीछे तेरे बन्दर पड़े 
एक क्षण रुकने की भी 
सोच मत सोच मत सोच मत 
 
मंदिर पथ मंदिर पथ मंदिर पथ 
 
तू न रुकेगा कभी 
तू न थकेगा कभी 
गर हाथ बंदरों के आया कभी 
तो कर देंगे  तेरी मरम्मत मरम्मत मरम्मत 
 
मंदिर पथ मंदिर पथ मंदिर पथ 
 
मुड़ जा जब रास्ता मुड़े 
उठा ले पथ में पैसे पड़े 
भाग, कूद झूल जब ज़रुरत पड़े 
वरना आ जायेगी तेरी शामत, तेरी शामत तेरी शामत 
 
मंदिर पथ मंदिर पथ मंदिर पथ  
 
यह महान दृश्य है 
भाग रहा मनुष्य है 
बंदरों से दर कर 
फटाफट फटाफट फटाफट 
 
मंदिर पथ मंदिर पथ मंदिर पथ 
 

Tuesday, December 11, 2012

छू लिया आकाश

 
आशा करतें हैं जिन लोगों ने इसकी प्री बुकिंग करा रखी है, उनके हाथों में भी जल्द आकाश हो।  हमारे हाथ में, बहरहाल ये आ गयी है, और देखिये इसके डब्बे के अन्दर आखिर क्या है।


Wednesday, November 28, 2012

ग़ज़ल-ए-आकाश...अर्ज़ किया है

हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है
आईपैड तो नहीं भेजा, किन्डल भी नहीं दी है 
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है

कीमत है नहीं ज़्यादा, सब्सिडी की ये बातें हैं
इस दाम को वो क्या जाने, गैलेक्सी जिसने ही ली है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है

उस टैब से नहीं मतलब, स्टोर में जो बिकती है
मतलब है उस टैबलेट से, सरकार जो थमाती है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है

हर वेबसाईट टपकता है, आलोचना-ए-आकाश से
हर लेखक यही कहता है, आकाश हमें नहीं मिलती है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है

आकाश के नाम का ये, भारत का एक करिश्मा है
चीनी है इंटीरियर, पर इंडियन ही तो दर्ज़ी है
हंगामा है क्यों बरपा टैबलेट ही तो एक दी है

Wednesday, November 21, 2012

मोबाइल टच किए बिना भेजें मैसेज

माना लीजिए आप एक दिन अपना मोबाइल फोन घर पर ही भूल जाते हैं और ऑफिस निकल जाते हैं, तो क्या करेंगे? अगर आपके पास एंडराॅयड फोन है तो आपको मोबाइल के लिए वापस घर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।  एंडराॅयड यूजर्स के लिए गूगल प्ले पर एक ऐसी शानदार एप्लिकेशन भी मौजूद है जिसके द्वारा आप घर पर रखे मोबाइल फोन के इनकामिंग मैसेज पढ़ सकते हैं। गूगल प्ले पर माइटीटैक्स्ट के नाम से यह एप्लिकेशन आपको मिल जाएगी। आपका मोबाइल कहीं भी हो, मोबाइल पर आने वाले मैसेज और काॅल को आप कंप्यूटर देख सकते हैं। साथ ही  मैसेज का जवाब भी दे सकते हैं। इसके लिए बस माइटीटैक्स्ट एप्लिकेशन को मोबाइल फोन में इंस्टाल कीजिए। 20-30 मिनट में  माइटीटैक्स्ट एप्लिकेशन फ़ोन से सारे मैसेज को सिंक हो जायेंगे  और फिर  https://mightytext.net/app/ लिंक पर कंप्यूटर से लाॅगइन हो जाएं। लाॅगइन होने के लिए यहां भी गूगल आईडी और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद आपके सारे मैसेज काॅनटेेक्ट सहित कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इसके लिए आप फायर फाॅक्स और गूगल क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं। नए आने वाले मैसेज या काॅल स्क्रीन पर पाॅपअप नोटिफिकेशन के रूप देख सकते हैं। एसएमएस के अलावा आप एमएमएस भी भेज सकते हैं। इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त शुल्क चुकाने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपने मैसेज पैक ले रखा है तो ये मैसेज आपके लिए फ्री होंगे। कमी की बात करें तो यहां से आप किसी का नंबर डाॅयल कर सकते हैं लेकिन डाॅयल नंबर को काटने या इनकाॅमिंग काॅल को रिसीव करने का कोई विकल्प दिखाई नहीं देता है। इसको गूगल प्ले से फ्री डाउनलोड किया जा सकता है।

Monday, November 19, 2012

आईफोन 5 विश्लेषण - "जब तक है जान" के अंदाज़ में!



तेरे शीशे और अलमूनियम के नज़ारे को
तेरे हीरे से चमकते शेम्फर के तारे को
निहारता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे धमाकेदार कैमरे के चित्रों से
और उसपर लगे सफायर के शीशे से 
 चमत्कृत होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे रोशन रेटीना डिस्प्ले पर
उसपर दिखते वेब, विडियो और गेमप्ले पर
फिदा होता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

एंड्राइड  के उपासकों की कोरी डींगों  पर
उनके क्वाड कोर फ़ोनों के क्वाड्रांट के स्कोरों  पर
मुस्कुराता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे प्लास्टिक से बने प्रतिद्वंद्वियों की
चौड़े फ़ोन घुमाते बन्दे और बंदियों की
खिल्ली उड़ाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तेरे ऐप्स और गेम्स के साज़ से
और सिरी की एक्सेंट-लदी आवाज़ से
ज़िन्दगी के टेक सुर सजाता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

तुझे देर से देश में लाने वालों को
तेरे गगनचुम्बी दामों को
कोसता रहूँगा मैं
जब तक है जान
जब तक है जान

Tuesday, October 23, 2012

एप्पल ने लांच किया आईपैड मिनी



एप्ल आईपैड के मिनी संस्करण को लेकर पिछले कई माह से चर्चा जारी थी। कयास लगाए जार रहे थे कि कंपनी आईफोन 5 के साथ ही इसे पेश करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

23 अक्टूबर को अंततः एप्पल ने आईपैड के मिनी संस्करण आईपैड मिनी को लांच कर ही दिया। डिवायस में 7.9 इंच की स्क्रीन है। पुराने आईपैड की तरह यह भी वाई-फाई और वाई-फाई+एलटीई संस्करण पर आधारित है।

साथ ही 16/32/64 जीबी मैमोरी के साथ उपलब्ध् है। यह एपल के नवीन आपरेटिंग आईओएस 6 पर है और इसमें 1 गीगाहट्र्ज का डुअल कोर ए9 प्रोसेसर दिया गया है। डिवायस में 5 मेगापिक्सल कैमरा आटोफोकर फीचर के साथ है। 

हालांकि फिलहाल यह भारतीय बाजार में उपलब्ध् नहीं है लेकिन कुछ ही दिनो में उपलब्ध् होने की उम्मीद है। जहां तक कीमत की बात है तो एपल आईपैड मिनी वाई-फाई संस्करण की कीमत 17,000 रुपए के आस-पास होने ने की उम्मीद है। वहीं वाई-फाई+एलटीई की कीमत 30,000 रुपए तक हो सकती है। 

Saturday, October 20, 2012

'एल जी' को वीयू से आस

एल जी सोमवार को आप्टिमस वीयू को लांच करने वाले हैं। पांच इंच का यह डिवायस पिछले कई माह से सुर्खियों में था। अब कुछ ही दिनों में फैबलेट कैटेगरी का यह डिवायस भारत में उपलब्ध् होगा। परंतु एल जी का इस समय व्यू को भारत में लाना थोड़ नहीं बल्कि काफी देर कहा जाएगा। क्योंकि इससे पहले ही 'सैमसंग जी' आपना फैबलेट कैटेगरी में दो गैलेक्सी नोट और गैलेक्सी नोट 2 डिवायस पेश कर चुके हैं और उपभोक्ताओं द्वारा उसे बेहद सराहा भी गया है। ऐसे में 'एल जी' के लिए राह आसन नहीं होगी। मजबूत स्थिति में खड़े 'सैमसंग जी' को आकर किसी भी कैटेगरी में टक्कर देना।
हालांकि कंपनी को इससे बेहद आस है क्योंकि यह कंपनी द्वारा पेश किया जाने वाला यह फैबलेट फोन है और कई खासियतों से लैस है। परंतु सवाल यह है कि क्या आप्टिमस वीयू का वार गैलेक्सी नोट के एस-पेन की यह निभ तोड़ पाएगा।

Friday, October 19, 2012

"एंड्रोएड मुफ्त है, लेकिन ओपन सोर्स नहीं!"



जी हाँ, आपने सही पढ़ा - एक डेवेलपर ने अपना नाम न बताये जाने की शर्त पर हमसे ये कहा है। यह बात हुई एक एप्प डेवेलपर फोरम में जहां इस डेवेलपर ने साफ़ तौर पर यह कह डाला की एंड्रोएड और एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS में मात्र इतना फर्क है कि iOS का उपयोग करने के लिए डेवेलपर को फीस देनी पड़ती है।  इस डेवेलपर के अनुसार किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स कहलाने के लिए अपने विकास को पारदर्शी रखना चाहिए जो कि एंड्रोएड नहीं करता। "आप चाहे कितनी भी ओपन सोर्स की रट लगा लें, कोरा सच तो यह है कि एंड्रोएड पूरी तरह गूगल के कब्ज़े में है। हाँ, आप इसका इस्तेमाल बिना फीस लिए सॉफ्टवेयर बनाने और फ़ोन में लगाने के लिए कर सकते हैं। और आपका मन करे सो इसमें परिवर्तन भी कर सकते हैं, लेकिन अंत में एंड्रोएड का जो भी नया संस्करण आएगा, वो गूगल से ही आएगा, किसी डेवलपर समुदाय से नहीं," उस डेवेलपर ने कहा। 

उसके अनुसार लिनक्स सच्चे मामले में ओपन सोर्स है क्योंकि उसका विकास एक पारदर्शी तरह से एक समुदाय द्वारा होता है। "कई लोग लिनक्स के अपने अपने संस्करण निकाल चुके हैं, लेकिन ऐसा एंड्रोएड के साथ नहीं हुआ है, क्योंकि उसका नियंत्रण पूरी तरह गूगल के पास है। हमें अभी भी नहीं पता है कि एंड्रोएड के अगले संस्करण में क्या आएगा और उसकी क्या तकनीकी ज़रूरतें होंगी - यह सब तो गूगल ही जानता है। ऐसे सॉफ्टवेयर को आप ओपन सोर्स की उपाधि  कैसे प्रदान कर सकते हैं? ओपन सोर्स का मतलब होता है खुलापन, एक ऐसा माहौल जहां सबको एक सॉफ्टवेयर के बारे में सब पता है। लेकिन एंड्रोएड में ऐसा नहीं है," उसने कहा।

हमें कहना पड़ेगा कि यह बात हमें बड़ी रोचक लगी, खासकर क्योंकि एंड्रोएड के कई समर्थक उसके ओपन सोर्स होने को उसकी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। लेकिन क्या एक सॉफ्टवेयर जिसका विकास पूरी तरह से एक ही कंपनी के हाथ में हो, सही मायने में ओपन सोर्स कहा जा सकता है? या समय आ गया है कि फ़ोन निर्माता और डेवेलपर  एंड्रोएड के अपने अपने संस्करण निकालें, जैसा कि कुछ हद तक अमेज़न ने अपनी किन्डल फायर टैबलेट के साथ किया है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। हाँ, एक बात ज़रूर है, अगली बार जब जोई एंड्रोएड को ओपन सोर्स कहेगा, तो हम आँख मूंदकर उसके कथन को सत्य नहीं मान लेंगे।

Tuesday, October 16, 2012

मीटिंग में डिस्टर्ब नहीं करेंगे टेलीकॉलर

मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल  एंड ब्लाक (Mr. Number Text, Call & Block)
ऐसा कम ही होता है कि आप फोन में एक एप्लिकेशन डाउनलोड करें और उस एप्लिकेशन का इस्तेमाल आप कई काम में कर सकें। अगर आप ऐसी एप्लिकेशन अपने फोन के लिए चाहते हैं तो गूगल प्ले पर मिस्टर नंबर के नाम से एप्लिकेशन मौजूद है। जिसके द्वारा आप अपने दोस्तों को फ्री मैसेज कर सकते हैं। अलग-अलग नंबर से एमएमएस के रूप में आने वाली पिक्चर्स को एक ही स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, कॉल व मैसेज की सारी हिस्ट्री एक ही जगह पर देख सकते हैं। और सबसे खास बात कि आप इस एप्लिकेशन की मदद से अन वॉन्डेड कॉल से भी छुटकारा पा सकते हैं। सरकार की कोशिशों के बावजूद टेलीकॉलर कंपनियां कॉल  करने से बाज नहीं आती हैं। हर दिन मैसेज और कॉल करके आपको परेशान किया जाता है। मिस्टर नंबर अब आपको इस परेशानी से निजात दिलाएगा। किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज को आप ब्लॉक कर सकते हैं। कॉल ब्लॉक करने के लिए वैसे तो कई सारी एप्लिकेशन आपको मिल जाएंगी लेकिन मिस्टर नंबर जैसी वन इन ऑल एप्लिकेशन जैसे फीचर्स होना मुश्किल है। अगर आप चाहते हैं कि आपके नंबर पर कोई भी स्पैम कॉल न आए तो ऐसी कॉल  को असानी के साथ ब्लॉक किया जा सकता है। यहां कॉल को ब्लॉक करने के अलावा आप वाइस मेल का भी विकल्प मिलता है। जिसको आप सेटिंग में जाकर एडिट कर सकते हैं। गूगल प्ले से आप मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल  एंड ब्लॉक को फ्री https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mrnumber.blocker&feature=search_result#?t=W251bGwsMSwxLDEsImNvbS5tcm51bWJlci5ibG9ja2VyIl0. डाउनलोड कर सकते हैं। यहां आपको मैसेजिंग के लिए कोई अलग से पैसे चुकने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन डाटा चार्ज देना पड़ते हैं। फ्री मैसेजिंग और कॉल ब्लॉक करने के खास फीचर्स एप्लिकेशन को शानदार बनाते हैं।  

विंडोज फोन 8 में एचटीसी का दाव



विंडोज फोन को लेकर हलचल तेज है। नए अहसास के साथ लांच होने वाले इन फोन का प्रदर्शन पहले ही किया जा चुका है। पहले सैमसंग ने उसके बाद नोकिया और फिर विंडोज का पुराना साथी एचटीसी इस दौड़ में शामिल है। यह भागमभाग तो सिर्फ फ़ोन प्रदर्शन के लिए थी, असली मज़ा तो अब आयेगा क्यूंकि अब बारी है इनके लांच की।

प्रदर्शन में तो सैमसंग बाजी मार गया और इसका अंत एचटीसी से हुआ लेकिन लांच के इस दौड़ में बाजी उलटी दिखाई दे रही है। इस बार सैमसंग और नोकिया को पीछे छोड़ एचटीसी बाजी मारने की तैयारी में है। 2 नंवबर को नोकिया ने विंडोज फोन8  लुमिया 920 को पेश करने की तैयारी की  है और माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ फोन आपरेटिंग 29 अक्टूबर को लांच होना है।इससे पहले ही एचटीसी विंडोज फोन 8एक्स या 8एस में से किसी एक को लांच करने का मन बना चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एचटीसी इसी सप्ताह अपना विंडोज फोन पेश कर सकता है। फोन के नाम के बारे फिलहाल अभी कोई अता-पता नहीं है लेकिन यह तय है कि फ़ोन के स्पेसिफीकेशन में कोई बदलावा नहीं होगा और इसकी कीमत 30,000 रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद है।

ऐसा  पहली बार नहीं है, एचटीसी ने विंडोज आपरेटिंग 7.5 पर रडार को भारत में सबसे पहले पेश किया था। हां, इसका लाभ कंपनी को कितना मिला था यह बताना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि उस वक्त विंडोज मैंगो आपरेटिंग इतना लोकप्रिय नहीं था जितना कि आज। ऐसे में सबसे पहले लांच करने का लाभ कंपनी को मिल सकता है।

Sunday, October 14, 2012

कब खाएंगें जेली बीन?

लगभग तीन महीन पहले ही एंडरायड के नवीन आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बीन (Android Operating System 4.1 jelly bean) को अधिकारिक तौर लौंच  किया जा चुका है। बावजूद इसके आज बहुत कम ही फोन में इस आपरेटिंग पर देखने को मिल पायें हैं। भारत में फिलहाल सिर्फ कार्बन टैबलेट और सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 (Samsung Galaxy Note2 N7100) एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि गूगल ने अपने टैबलेट नेक्सस7 के लिए भी इसकी घोषणा कर दी है लेकिन अभी यह भारत में मौजूद नहीं है।

ऐसे में दिमागी घोड़े दौड़ने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो अब तक जेली बीन आपरेटिंग सिस्टम के प्रति मोबाइल निर्माता कोई खास तवज्जु नहीं दिखा रहे हैं। तीन महीने का वक्त कम नहीं होता। गैलेक्सी नोट 2 को छोड़ दें तो इन तीन महीनों में कई फोंस लांच किये जा चुके हैं लेकिन सभी डिवायस एंडरायड ओएस  4.0 आइसक्रीम सैंडविच या 2.3 जिंजर ब्रेड पर ही देखने को मिले हैं।

इस बारे में मोबाइल जगत के एक महानुभव कहते हैं एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बिन के साथ अभी कुछ समस्याएं हैं। इस वजह से फोन में बड़े पैमाने पर इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि यह बात किस आधार पर कही गई यह बताने में वे जरा कतरा रहे थे लेकिन फिलहाल जेली बीन ओएस के प्रति मोबाइल निर्माताओं की अरुचि इस बात को सत्य की साबित करती है।

ऐसे में गूगल जी से हमारा नम्र निवेदन यह है कि सर जी, जींजर ब्रेड के नास्ते से उपभोक्ता उब चुके हैं और तीनो पहर आइसक्रीम सैंडविच ही खा रहे हैं। थोड़ा स्वाद में अब बदलाव किजिए। अगर जेली बीन के साथ समस्याएं हैं तो जल्द दूर किजिए। क्योंकि अब तक दूर से उसे देखकर ही संतोष करना पड़ रहा है। जरा उपभोक्ता को जेली बीन का भी स्वाद चखने दें। नहीं तो इस देरी के चक्कर में यदि माइक्रोसोफ्ट की आठवीं खड़की (विंडोज फोन 8) खुल जाएगी तो उपभोक्ता उसमे प्रवेश कर जायेंगे फिर लोगों जेली बीन को भूल जाएंगे।

Wednesday, October 10, 2012

इन्फ्रा-रेड की वापसी!

क्या आपको मालूम है कि सैमसंग द्वारा लांच किए गए नए टैबलेट नोट 10.1 में इन्फ्रारेड पोर्ट है! जी हां, कंपनी ने इस टैबलेट में इन्फ्रारेड पोर्ट का उपयोग किया है जिसके माध्यम से आप गैलेक्सी नोट 10.1 का उपयोग टीवी और एसी के रिमोट के लिए भी कर सकते हैं।

वर्ष 2007-08 तक इन्प्रफारेड पोर्ट तकनीक मोबाल फोन में बेहद ही लोकप्रिय थी। खासकर सोनी एरिक्सन के फोन में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर देखा जा सकता था। जहां डाटा ट्रांसफर के लिए लोग इसका उपयोग करते थे। परंतु पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल फोन से यह गायब ही हो गई थी। अब एक बार फिर से सैमसंग ने इसका उपयोग किया है।

हालांकि ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है जब सैमसंग पुराने तकनीक को नए रूप में पेश कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी कई बार ऐसा कर चुकी है और खास कर नोट सीरीज में तो अक्सर ऐसा कुछ देखने को मिलता ही है। आपको याद होगा जब नोट को स्टायलस के साथ लांच किया गया था और यह वह दौर था जब कंपनिया कपैसिटिव स्क्रीन तो छोड़ रजीस्टीव स्क्रीन के साथ भी स्टालस का प्रयोग बंद कर चुकी थी। 

आसूस पैडफ़ोन - अमां एक फ़ोन से क्या-क्या करवाओगे?




हमने अनेक उपकरण देखे हैं लेकिन इनमे से कुछ ही बहुत यादगार होते हैं। और हम बिना हिचके यह कह सकते हैं कि इनमे से एक आसूस का पैडफ़ोन है। एक अकेले फ़ोन को इतनी मेहनत करते हुए तो हमने कभी नहीं देखा है। ज़रा सोचिये, पहले तो बिचारा फ़ोन का काम करता है AMOLED डिस्प्ले, आठ मेगापिक्सेल के कैमरे, एंड्रोएड ४.० (आईस क्रीम सैंडविच), और डूअल कोर प्रोसेसर के साथ। 
 उसके बात यह टैबलेट का काम करता है जब इसे डाला जाता है दस इंच के डिस्प्ले के टैबलेट के अन्दर - और जी हाँ, इस दौरान भी आप इससे फ़ोन कॉल कर सकते हैं। 

और इससे भी अगर काम नहीं बने तो आप इसमें लगा सकते हैं एक कीबोर्ड डॉक और टाईप कर सकते हैं एकदम लैपटॉप की तरह। 


और यही नहीं, अभी और है - आप इसके साथ मिले स्टाईलस के साथ न ही केवल टैबलेट और फ़ोन पर लिख सकते हैं और चित्र बना सकते हैं, बल्कि इसका उपयोग हेडफ़ोन के रूप में भी कर सकते हैं। 


और सरकार, अभी किस्सा ख़त्म कहाँ हुआ है - पैडफ़ोन में हैं पूरी तीन बैटरियाँ: एक फ़ोन के अन्दर, एक टैबलेट में, और एक कीबोर्ड में। तो आप सोच सकते हैं कि यह उपकरण एक बार चार्ज करने से कितनी देर तक चल सकेगा - अजी घंटों की नहीं, दिनों की बात कीजिये।

 अब हम ये नहीं कहेंगे कि यह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उपकरण है - इसके कुल मिलाकर (टैबलेट और कीबोर्ड के साथ) भार लगभग डेढ़ किलो है, सारे सॉफ्टवेयर टैबलेट और फ़ोन पर एक समान काम नहीं करते, और  लगभग पैसंठ हज़ार रुपयों का  इसका दाम कुछ ज्यादा ही है (उतने में तो आप एक नया आईपैड, एक स्मार्टफ़ोन और एक कीबोर्ड खरीद सकते हैं) - लेकिन हाँ, इस बात की ज़रूर दाद देनी होगी कि आसूस ने एक फ़ोन से ज़बरदस्त मेहनत करवाई है। 

आसूस पैडफ़ोन बिक्री के नए रिकॉर्ड तो नहीं बनायेगे, लेकिन उसने यह ज़रूर सिद्ध कर दिया है कि एक स्मार्टफोन क्या-क्या कर सकता है। अब इसमें और क्या लगोगे, आसूस?