Tuesday, October 23, 2012

एप्पल ने लांच किया आईपैड मिनी



एप्ल आईपैड के मिनी संस्करण को लेकर पिछले कई माह से चर्चा जारी थी। कयास लगाए जार रहे थे कि कंपनी आईफोन 5 के साथ ही इसे पेश करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ 

23 अक्टूबर को अंततः एप्पल ने आईपैड के मिनी संस्करण आईपैड मिनी को लांच कर ही दिया। डिवायस में 7.9 इंच की स्क्रीन है। पुराने आईपैड की तरह यह भी वाई-फाई और वाई-फाई+एलटीई संस्करण पर आधारित है।

साथ ही 16/32/64 जीबी मैमोरी के साथ उपलब्ध् है। यह एपल के नवीन आपरेटिंग आईओएस 6 पर है और इसमें 1 गीगाहट्र्ज का डुअल कोर ए9 प्रोसेसर दिया गया है। डिवायस में 5 मेगापिक्सल कैमरा आटोफोकर फीचर के साथ है। 

हालांकि फिलहाल यह भारतीय बाजार में उपलब्ध् नहीं है लेकिन कुछ ही दिनो में उपलब्ध् होने की उम्मीद है। जहां तक कीमत की बात है तो एपल आईपैड मिनी वाई-फाई संस्करण की कीमत 17,000 रुपए के आस-पास होने ने की उम्मीद है। वहीं वाई-फाई+एलटीई की कीमत 30,000 रुपए तक हो सकती है। 

Saturday, October 20, 2012

'एल जी' को वीयू से आस

एल जी सोमवार को आप्टिमस वीयू को लांच करने वाले हैं। पांच इंच का यह डिवायस पिछले कई माह से सुर्खियों में था। अब कुछ ही दिनों में फैबलेट कैटेगरी का यह डिवायस भारत में उपलब्ध् होगा। परंतु एल जी का इस समय व्यू को भारत में लाना थोड़ नहीं बल्कि काफी देर कहा जाएगा। क्योंकि इससे पहले ही 'सैमसंग जी' आपना फैबलेट कैटेगरी में दो गैलेक्सी नोट और गैलेक्सी नोट 2 डिवायस पेश कर चुके हैं और उपभोक्ताओं द्वारा उसे बेहद सराहा भी गया है। ऐसे में 'एल जी' के लिए राह आसन नहीं होगी। मजबूत स्थिति में खड़े 'सैमसंग जी' को आकर किसी भी कैटेगरी में टक्कर देना।
हालांकि कंपनी को इससे बेहद आस है क्योंकि यह कंपनी द्वारा पेश किया जाने वाला यह फैबलेट फोन है और कई खासियतों से लैस है। परंतु सवाल यह है कि क्या आप्टिमस वीयू का वार गैलेक्सी नोट के एस-पेन की यह निभ तोड़ पाएगा।

Friday, October 19, 2012

"एंड्रोएड मुफ्त है, लेकिन ओपन सोर्स नहीं!"



जी हाँ, आपने सही पढ़ा - एक डेवेलपर ने अपना नाम न बताये जाने की शर्त पर हमसे ये कहा है। यह बात हुई एक एप्प डेवेलपर फोरम में जहां इस डेवेलपर ने साफ़ तौर पर यह कह डाला की एंड्रोएड और एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS में मात्र इतना फर्क है कि iOS का उपयोग करने के लिए डेवेलपर को फीस देनी पड़ती है।  इस डेवेलपर के अनुसार किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स कहलाने के लिए अपने विकास को पारदर्शी रखना चाहिए जो कि एंड्रोएड नहीं करता। "आप चाहे कितनी भी ओपन सोर्स की रट लगा लें, कोरा सच तो यह है कि एंड्रोएड पूरी तरह गूगल के कब्ज़े में है। हाँ, आप इसका इस्तेमाल बिना फीस लिए सॉफ्टवेयर बनाने और फ़ोन में लगाने के लिए कर सकते हैं। और आपका मन करे सो इसमें परिवर्तन भी कर सकते हैं, लेकिन अंत में एंड्रोएड का जो भी नया संस्करण आएगा, वो गूगल से ही आएगा, किसी डेवलपर समुदाय से नहीं," उस डेवेलपर ने कहा। 

उसके अनुसार लिनक्स सच्चे मामले में ओपन सोर्स है क्योंकि उसका विकास एक पारदर्शी तरह से एक समुदाय द्वारा होता है। "कई लोग लिनक्स के अपने अपने संस्करण निकाल चुके हैं, लेकिन ऐसा एंड्रोएड के साथ नहीं हुआ है, क्योंकि उसका नियंत्रण पूरी तरह गूगल के पास है। हमें अभी भी नहीं पता है कि एंड्रोएड के अगले संस्करण में क्या आएगा और उसकी क्या तकनीकी ज़रूरतें होंगी - यह सब तो गूगल ही जानता है। ऐसे सॉफ्टवेयर को आप ओपन सोर्स की उपाधि  कैसे प्रदान कर सकते हैं? ओपन सोर्स का मतलब होता है खुलापन, एक ऐसा माहौल जहां सबको एक सॉफ्टवेयर के बारे में सब पता है। लेकिन एंड्रोएड में ऐसा नहीं है," उसने कहा

हमें कहना पड़ेगा कि यह बात हमें बड़ी रोचक लगी, खासकर क्योंकि एंड्रोएड के कई समर्थक उसके ओपन सोर्स होने को उसकी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। लेकिन क्या एक सॉफ्टवेयर जिसका विकास पूरी तरह से एक ही कंपनी के हाथ में हो, सही मायने में ओपन सोर्स कहा जा सकता है? या समय आ गया है कि फ़ोन निर्माता और डेवेलपर  एंड्रोएड के अपने अपने संस्करण निकालें, जैसा कि कुछ हद तक अमेज़न ने अपनी किन्डल फायर टैबलेट के साथ किया है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। हाँ, एक बात ज़रूर है, अगली बार जब जोई एंड्रोएड को ओपन सोर्स कहेगा, तो हम आँख मूंदकर उसके कथन को सत्य नहीं मान लेंगे

Tuesday, October 16, 2012

मीटिंग में डिस्टर्ब नहीं करेंगे टेलीकॉलर

मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल  एंड ब्लाक (Mr. Number Text, Call & Block)
ऐसा कम ही होता है कि आप फोन में एक एप्लिकेशन डाउनलोड करें और उस एप्लिकेशन का इस्तेमाल आप कई काम में कर सकें। अगर आप ऐसी एप्लिकेशन अपने फोन के लिए चाहते हैं तो गूगल प्ले पर मिस्टर नंबर के नाम से एप्लिकेशन मौजूद है। जिसके द्वारा आप अपने दोस्तों को फ्री मैसेज कर सकते हैं। अलग-अलग नंबर से एमएमएस के रूप में आने वाली पिक्चर्स को एक ही स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, कॉल व मैसेज की सारी हिस्ट्री एक ही जगह पर देख सकते हैं। और सबसे खास बात कि आप इस एप्लिकेशन की मदद से अन वॉन्डेड कॉल से भी छुटकारा पा सकते हैं। सरकार की कोशिशों के बावजूद टेलीकॉलर कंपनियां कॉल  करने से बाज नहीं आती हैं। हर दिन मैसेज और कॉल करके आपको परेशान किया जाता है। मिस्टर नंबर अब आपको इस परेशानी से निजात दिलाएगा। किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज को आप ब्लॉक कर सकते हैं। कॉल ब्लॉक करने के लिए वैसे तो कई सारी एप्लिकेशन आपको मिल जाएंगी लेकिन मिस्टर नंबर जैसी वन इन ऑल एप्लिकेशन जैसे फीचर्स होना मुश्किल है। अगर आप चाहते हैं कि आपके नंबर पर कोई भी स्पैम कॉल न आए तो ऐसी कॉल  को असानी के साथ ब्लॉक किया जा सकता है। यहां कॉल को ब्लॉक करने के अलावा आप वाइस मेल का भी विकल्प मिलता है। जिसको आप सेटिंग में जाकर एडिट कर सकते हैं। गूगल प्ले से आप मिस्टर नंबर टैक्स्ट, कॉल  एंड ब्लॉक को फ्री https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mrnumber.blocker&feature=search_result#?t=W251bGwsMSwxLDEsImNvbS5tcm51bWJlci5ibG9ja2VyIl0. डाउनलोड कर सकते हैं। यहां आपको मैसेजिंग के लिए कोई अलग से पैसे चुकने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन डाटा चार्ज देना पड़ते हैं। फ्री मैसेजिंग और कॉल ब्लॉक करने के खास फीचर्स एप्लिकेशन को शानदार बनाते हैं।  

विंडोज फोन 8 में एचटीसी का दाव



विंडोज फोन को लेकर हलचल तेज है। नए अहसास के साथ लांच होने वाले इन फोन का प्रदर्शन पहले ही किया जा चुका है। पहले सैमसंग ने उसके बाद नोकिया और फिर विंडोज का पुराना साथी एचटीसी इस दौड़ में शामिल है। यह भागमभाग तो सिर्फ फ़ोन प्रदर्शन के लिए थी, असली मज़ा तो अब आयेगा क्यूंकि अब बारी है इनके लांच की।

प्रदर्शन में तो सैमसंग बाजी मार गया और इसका अंत एचटीसी से हुआ लेकिन लांच के इस दौड़ में बाजी उलटी दिखाई दे रही है। इस बार सैमसंग और नोकिया को पीछे छोड़ एचटीसी बाजी मारने की तैयारी में है। 2 नंवबर को नोकिया ने विंडोज फोन8  लुमिया 920 को पेश करने की तैयारी की  है और माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ फोन आपरेटिंग 29 अक्टूबर को लांच होना है।इससे पहले ही एचटीसी विंडोज फोन 8एक्स या 8एस में से किसी एक को लांच करने का मन बना चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एचटीसी इसी सप्ताह अपना विंडोज फोन पेश कर सकता है। फोन के नाम के बारे फिलहाल अभी कोई अता-पता नहीं है लेकिन यह तय है कि फ़ोन के स्पेसिफीकेशन में कोई बदलावा नहीं होगा और इसकी कीमत 30,000 रुपए से ज्यादा होने की उम्मीद है।

ऐसा  पहली बार नहीं है, एचटीसी ने विंडोज आपरेटिंग 7.5 पर रडार को भारत में सबसे पहले पेश किया था। हां, इसका लाभ कंपनी को कितना मिला था यह बताना थोड़ा मुश्किल है लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि उस वक्त विंडोज मैंगो आपरेटिंग इतना लोकप्रिय नहीं था जितना कि आज। ऐसे में सबसे पहले लांच करने का लाभ कंपनी को मिल सकता है।

Sunday, October 14, 2012

कब खाएंगें जेली बीन?

लगभग तीन महीन पहले ही एंडरायड के नवीन आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बीन (Android Operating System 4.1 jelly bean) को अधिकारिक तौर लौंच  किया जा चुका है। बावजूद इसके आज बहुत कम ही फोन में इस आपरेटिंग पर देखने को मिल पायें हैं। भारत में फिलहाल सिर्फ कार्बन टैबलेट और सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 (Samsung Galaxy Note2 N7100) एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि गूगल ने अपने टैबलेट नेक्सस7 के लिए भी इसकी घोषणा कर दी है लेकिन अभी यह भारत में मौजूद नहीं है।

ऐसे में दिमागी घोड़े दौड़ने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो अब तक जेली बीन आपरेटिंग सिस्टम के प्रति मोबाइल निर्माता कोई खास तवज्जु नहीं दिखा रहे हैं। तीन महीने का वक्त कम नहीं होता। गैलेक्सी नोट 2 को छोड़ दें तो इन तीन महीनों में कई फोंस लांच किये जा चुके हैं लेकिन सभी डिवायस एंडरायड ओएस  4.0 आइसक्रीम सैंडविच या 2.3 जिंजर ब्रेड पर ही देखने को मिले हैं।

इस बारे में मोबाइल जगत के एक महानुभव कहते हैं एंडरायड आपरेटिंग सिस्टम 4.1 जेली बिन के साथ अभी कुछ समस्याएं हैं। इस वजह से फोन में बड़े पैमाने पर इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि यह बात किस आधार पर कही गई यह बताने में वे जरा कतरा रहे थे लेकिन फिलहाल जेली बीन ओएस के प्रति मोबाइल निर्माताओं की अरुचि इस बात को सत्य की साबित करती है।

ऐसे में गूगल जी से हमारा नम्र निवेदन यह है कि सर जी, जींजर ब्रेड के नास्ते से उपभोक्ता उब चुके हैं और तीनो पहर आइसक्रीम सैंडविच ही खा रहे हैं। थोड़ा स्वाद में अब बदलाव किजिए। अगर जेली बीन के साथ समस्याएं हैं तो जल्द दूर किजिए। क्योंकि अब तक दूर से उसे देखकर ही संतोष करना पड़ रहा है। जरा उपभोक्ता को जेली बीन का भी स्वाद चखने दें। नहीं तो इस देरी के चक्कर में यदि माइक्रोसोफ्ट की आठवीं खड़की (विंडोज फोन 8) खुल जाएगी तो उपभोक्ता उसमे प्रवेश कर जायेंगे फिर लोगों जेली बीन को भूल जाएंगे।

Wednesday, October 10, 2012

इन्फ्रा-रेड की वापसी!

क्या आपको मालूम है कि सैमसंग द्वारा लांच किए गए नए टैबलेट नोट 10.1 में इन्फ्रारेड पोर्ट है! जी हां, कंपनी ने इस टैबलेट में इन्फ्रारेड पोर्ट का उपयोग किया है जिसके माध्यम से आप गैलेक्सी नोट 10.1 का उपयोग टीवी और एसी के रिमोट के लिए भी कर सकते हैं।

वर्ष 2007-08 तक इन्प्रफारेड पोर्ट तकनीक मोबाल फोन में बेहद ही लोकप्रिय थी। खासकर सोनी एरिक्सन के फोन में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर देखा जा सकता था। जहां डाटा ट्रांसफर के लिए लोग इसका उपयोग करते थे। परंतु पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल फोन से यह गायब ही हो गई थी। अब एक बार फिर से सैमसंग ने इसका उपयोग किया है।

हालांकि ऐसा नहीं है कि यह पहली बार है जब सैमसंग पुराने तकनीक को नए रूप में पेश कर रहा है। इससे पहले भी कंपनी कई बार ऐसा कर चुकी है और खास कर नोट सीरीज में तो अक्सर ऐसा कुछ देखने को मिलता ही है। आपको याद होगा जब नोट को स्टायलस के साथ लांच किया गया था और यह वह दौर था जब कंपनिया कपैसिटिव स्क्रीन तो छोड़ रजीस्टीव स्क्रीन के साथ भी स्टालस का प्रयोग बंद कर चुकी थी। 

आसूस पैडफ़ोन - अमां एक फ़ोन से क्या-क्या करवाओगे?




हमने अनेक उपकरण देखे हैं लेकिन इनमे से कुछ ही बहुत यादगार होते हैं। और हम बिना हिचके यह कह सकते हैं कि इनमे से एक आसूस का पैडफ़ोन है। एक अकेले फ़ोन को इतनी मेहनत करते हुए तो हमने कभी नहीं देखा है। ज़रा सोचिये, पहले तो बिचारा फ़ोन का काम करता है AMOLED डिस्प्ले, आठ मेगापिक्सेल के कैमरे, एंड्रोएड ४.० (आईस क्रीम सैंडविच), और डूअल कोर प्रोसेसर के साथ। 
 उसके बात यह टैबलेट का काम करता है जब इसे डाला जाता है दस इंच के डिस्प्ले के टैबलेट के अन्दर - और जी हाँ, इस दौरान भी आप इससे फ़ोन कॉल कर सकते हैं। 

और इससे भी अगर काम नहीं बने तो आप इसमें लगा सकते हैं एक कीबोर्ड डॉक और टाईप कर सकते हैं एकदम लैपटॉप की तरह। 


और यही नहीं, अभी और है - आप इसके साथ मिले स्टाईलस के साथ न ही केवल टैबलेट और फ़ोन पर लिख सकते हैं और चित्र बना सकते हैं, बल्कि इसका उपयोग हेडफ़ोन के रूप में भी कर सकते हैं। 


और सरकार, अभी किस्सा ख़त्म कहाँ हुआ है - पैडफ़ोन में हैं पूरी तीन बैटरियाँ: एक फ़ोन के अन्दर, एक टैबलेट में, और एक कीबोर्ड में। तो आप सोच सकते हैं कि यह उपकरण एक बार चार्ज करने से कितनी देर तक चल सकेगा - अजी घंटों की नहीं, दिनों की बात कीजिये।

 अब हम ये नहीं कहेंगे कि यह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ उपकरण है - इसके कुल मिलाकर (टैबलेट और कीबोर्ड के साथ) भार लगभग डेढ़ किलो है, सारे सॉफ्टवेयर टैबलेट और फ़ोन पर एक समान काम नहीं करते, और  लगभग पैसंठ हज़ार रुपयों का  इसका दाम कुछ ज्यादा ही है (उतने में तो आप एक नया आईपैड, एक स्मार्टफ़ोन और एक कीबोर्ड खरीद सकते हैं) - लेकिन हाँ, इस बात की ज़रूर दाद देनी होगी कि आसूस ने एक फ़ोन से ज़बरदस्त मेहनत करवाई है। 

आसूस पैडफ़ोन बिक्री के नए रिकॉर्ड तो नहीं बनायेगे, लेकिन उसने यह ज़रूर सिद्ध कर दिया है कि एक स्मार्टफोन क्या-क्या कर सकता है। अब इसमें और क्या लगोगे, आसूस? 

Sunday, October 7, 2012

प्रोसेसर भैया, आपके कोर कर रहे हैं बोर!



कुछ साल पहले की बात है - सारे कंप्यूटर दिखने में लगभग एक जैसे होते थे. फर्क होता था तो सिर्फ उनके प्रोसेसर और RAM में । अब वही गंगा स्मार्टफ़ोनों की दुनिया में भी बह रही है, और ख़ास कर एंड्रोएड फ़ोनों के मामले में । जब कोई नया एंड्रोएड फोन बाज़ार गर्माता है, तो उसमे ज़्यादातर वही गुण होते हैं जो अन्य उच्च कोटि के एंड्रोएड उपकरणों में होते हैं - बड़ा और शानदार डिस्प्ले, एंड्रोएड का ख़ास संस्करण, अच्छा कैमरा, इत्यादि । जब हम सवाल उठाते हैं की भई, आखिर इसमें कौन सा नया पैंतरा है, तो दस बार में से आठ बार जवाब आता है - हुज़ूर, इसमें फलां कोर का प्रोसेसर है जो हर काम ज़्यादा तेज़ी से करता है ।

शुरू शुरू में यह बात हजम हो जाती थी, लेकिन आजकल हमें इसे पचाने के लिए टेक हाजमोला की ज़रूरते पड़ रही है । क्योंकि सच बात तो यह है कि हमें इन महा कोर युक्त प्रोसेसरों का फायदा पता नहीं चल रहा - चोटी के एंड्रोएड फ़ोन लगभग अब भी उसी गति से दौड़ रहे हैं जितना की दो साल पहले । और उनके कार्यक्षेत्र में कुछ ख़ास विस्तार भी नहीं हुआ है - ज़्यादातर लोग इन फ़ोनों का इस्तेमाल अभी भी इन्टरनेट ब्राउज़िंग, ई-मेल, फेसबुक, ट्विट्टर, खबर बताने वाले ऐप्प्स और कुछ हलके-फुल्के खेलों के लिए ही करते हैं । जिन भारी भरकम कार्यों के लिए डूअल और क्वाड कोर प्रोसेसर बने हैं (HD वीडियो संपादन, भारी ग्राफिक्स वाले खेल) उनका इस्तेमाल अधिक नहीं होता । और क्योंकि संसार के ज़्यादातर एंड्रोएड फ़ोन तेज़ प्रोसेसरों के साथ नहीं आते, अधिकतर सॉफ्टवेयर बनाने वाले भी ऐप्प्स इन्ही के लिए बनाते हैं - आखिर रोटी का सवाल है!

 कुल मिलाकर हमने देखा है कि एक हद के बाद अधिक कोर या गति के प्रोसेसर से हमें कुछ ख़ास फायदा नहीं होता है । हाँ, हम डींग ज़रूर हाँक सकते हैं कि भई हमारे फ़ोन में इतने कोर का प्रोसेसर है जो पलक झपकते फलां काम कर सकता है, लेकिन अगर आप ध्यान से देखें तो इतनी गति आपको धीमे दिखने वाले प्रोसेसर से भी मिल सकती है । कहने का मतलब यह नहीं है कि तेज़ और कई कोर के युक्त प्रोसेसर के फायदे नहीं होते - लेकिन इनका लाभ उठाने के लिए सीमित सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध हैं । क्वाड कोर प्रोसेसर युक्त फ़ोन का हाल आजकल वही है जो दिल्ली के यातायात में फँसी फेरारी कार का है  - वह दिखने और चलने में शानदार है, लेकिन उसे चलाने के लिए सड़क ही नहीं है ! पांच साल पहले आपको पता भी नहीं था कि आपके नोकिया फ़ोन में कौन सा प्रोसेसर है - अजी पहले आईफोन के प्रोसेसर की गति भी किसी को नहीं पता थी। लेकिन वो बढ़िया काम करते थे!

जब भी कोई निर्माता अपने उपकरण के प्रोसेसर का भजन जपते हुए आता है, हमें याद आते हैं विश्वप्रसिद्ध प्रोसेसर निर्माता इंटेल के ही माइकल बेल के शब्द: "मैं अपने कंप्यूटर में क्वाड कोर प्रोसेसर इस्तेमाल नहीं करता हूँ, तो फ़ोन में भला क्यों करूंगा?" सोचने की बात है, न?

Saturday, October 6, 2012

फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे




एप्पल के स्टीव जोब्स को चाहे आप देवता समझें या दानव   एक बात को नकारा नहीं जा सकता - उनको उपकरण दिखाने की अदा बखूबी आती थी। उनको ज़रुरत कभी नहीं पड़ी फिल्म स्टारों की या किसी शोर शराबे की। बस फ़ोन ही उनका सबसे बड़ा हीरो था। और उनका आत्मविश्वास दर्शकों को भी यह यकीन दिला देता था कि वो एक मामूली उपकरण नहीं बल्कि कोई दैवीय चीज़ देख रहे हैं। काश हमारे भारतीय CEO भी कुछ ऐसा आलम जमा पाते - उनके पास शानदार उपकरण तो ज़रूर होते हैं लेकिन बड़ी हस्तियों से लैस लौन्चों के शोर शराबे में ये कई बार खो जाते हैं। इस सब शोर में बेचारे कंपनी वाले भी उपकरण को यूँ प्रदर्शित करते हैं जैसे कि यह उनकी मजबूरी है।  

अगर यकीन नहीं होता तो चित्र देखें और अपना अपना सबक सीखें - एक तरफ हैं  सितारे और कंपनी के उच्चतम अधिकारी और उनके साथ है एक उपकरण और औपचारिक मुस्कानें। 

दूसरी तरफ एक अकेला इंसान, एक उपकरण और उसका जुनून । 

आखिर फ़ोन दिखाने की भी एक अदा होती है, प्यारे

दो दो हाथ आईफ़ोन ५ के साथ!


जी हाँ, भले ही आईफ़ोन ५ ने भारत में कदम नहीं रखा हो, हमने आखिर उसके दर्शन कर ही लिये। धन्य हैं हमारे एक मित्र, मनिंदर पाल सिंह जी, जिन्होंने हमें यह मौका दिया। मात्र आधे घंटे के अनुभव से हम फ़ोन के बारे में तो ज़्यादा  टिपण्णी नहीं कर पायेंगे, लेकिन हाँ, हमें यह बेहिचक कह सकते हैं की बनावट के मामले में हमने इतना शानदार फ़ोन पहले कभी नहीं देखा देखा है। 

 और हाँ, जो सज्जन सोचते हैं कि यह कुछ ज्यादा हि लम्बा है, वो पूरी तरह गलत हैं - लम्बाई में आईफ़ोन ५ पिछले आईफ़ोन से बहुत ज़रा सा ही लम्बा है और हमारे हाथ और जेब दोनों में ही बड़े आराम से समा गया। और यह काफी हल्का भी है - इतना हल्का कि आपको लगेगा आप गुज़रे ज़माने का नोकिया ११०० पकडे हैं.  और दस पंद्रह मिनट के प्रयोग के दौरान यह द्रुतगति से काम कर रहा था। यह भारत कब आएगा? यह हो हमें अभी भी पता नहीं - लेकिन इतना ज़रूर कह सकते हैं कि एप्पल ने पुनः डिजाईन के मामले में बाकी खिलाडियों से बाज़ी मार ली है।

हाँ, इसका दाम पचास हज़ार के आस पास ही होगा लेकिन यह लगता उसके लायक है - काश यह हम कई प्लास्टिक-युक्त दामी फ़ोनों के बारे में कह सकते!

Friday, October 5, 2012

दोहरा सिम स्मार्टफ़ोन


Nokia Asha 305

कुछ वर्ष पहले तक दोहरा सिम में स्मार्टफोन नहीं थे लेकिन आज हर बजट में दोहरा सिम स्मार्ट फोन देखे जा सकते हैं।

नोकिया आशा 305- नोकिया आशा 305 को कंपनी ने आरंभिक स्तर में स्मार्टफोन के तौर पर लांच किया है। फोन में दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है जहां एक सिम हाट स्वेपेबल है। टच आधरित इस फोन को कपैसिटिव टच स्क्रीन के साथ पेश किया गया है। फोन में दोनो सिम से डाटा का उपयोग किया जा सकता है। इसमें 10 एमबी इंटरनल मैमोरी के अलावा 64 एमबी का रोम 32 एमबी की रैम दी गई है। इसके अलावा मैमोरी 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। फोन में कमी की बात करें तो 3जी सपोर्ट नहीं है और वाई-फाई भी नहीं दिया गया है। हालांकि बावजूद इसके जीपीआरएस कनेक्टिविटी बेहतर है और 40  लाख गाने डाउनलोड कर सकते हैं। फोन में 2.0 मेगापिक्सल का कैमरा और 1110 एमएएच की बैटरी दी गई है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत 4,600 रुपए है।
खूबी- हाट स्वेपेबल सिम, बेहतर इंटरनेट, स्टाइलिश लुक
खामी- 3जी नदारद, वाई-फाई नहीं, कम एप्लिकेशन

माइक्रोमैक्स निंजा3-
दोहरा सिम स्मार्टफोन सेग्मेंट में माइक्रोमैक्स निंजा3 ए57 देखा जा सकता है। इसमें 3.5 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है। फोन को एंडरायड आपरेटिंग 2.3 पर पेश किया गया है। दोहरा सिम आधरित इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का प्रोसेसर और 3.0 मेगापिक्सल कैमरा है। फोन में दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है।
Micromax Ninja 3 A57
इसके अलावा 256 एमबी रैम और 512 एमबी रोम दिया गया है। इस रेंज में यह पहला फोन है जिसे 1 गीगाहट्र्ज प्रोसेसर के साथ पेश किया गया है। इसकी इंटरनल मैमोरी 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ, 3जी और वाई-फाई है। फोन में 1400 एमएएच की बैटरी दी गई है जहां कंपनी 8 घंटे टाक टाइम 177 घंटे स्टैंडबाय टाइम का दावा करती है। फोन में फेसबुक और ट्विटर जैसे एप्लिकेशन पहले से मौजूद हैं। म्यूजिक के लिए इसमें आडियो प्लेयर के साथ एफएम रेडियो भी दिया गया है। फोन में 3जी सपोर्ट है जहां यह 7.2 एमबीपीएस तक की गति से डाटा का हस्तांतरण करने में सक्षम है। फोन की कीमत 4,999 रुपए है।

खूबी- दो जीएसम सपोर्ट, एसएनएस इंटीग्रेशन, 1गीगाहट्र्ज
प्रोसेसर।
खामी- एक ही सिम पर 3जी सपोर्ट, पुराना आपरेटिंग।

स्माइस एमआई 280-
दोहरे सिम स्मार्टफोन में स्पाइस एमआई 280 भी देखा जा सकता है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधरित इस फोन में 2.8 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है। एमआई280 की इंटरनल मैमोरी 134 एमबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से बढ़ाई जा सकती है।
Spice MI-280
वहीं अच्छी बात यह कही जा सकती है कि इसमें 3.15 एमपी का मुख्य कैमरा है जबकि वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा भी दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी के अलावा वाई-फाई है। इसके अलावा एसएनएस इंटीग्रेशन और जीपीएस सपोर्ट भी है। एमआई 280 में 1000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो स्मार्ट फोन के लिहाज से थोड़ी कम कही जा सकती है। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 4,800 रुपए है।
खूबी- 3जी और वाई-फाई, 3.15 एमपी कैमरा, कपैसिटिव स्क्रीन।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम इंटरनल मैमोरी, कम प्रोसेसर।


बजट 10,000

सैमसंग गैलेक्सी वाई डुओज लाइट
Samsung-Galaxy-S-Duos S7562
हाल में दोहरे सिम स्मार्ट फोन सेग्मेंट में सैमसंग ने गैलेक्सी वाई डुओज लाइट को पेश किया है। पफोन में 2.8 इंच की स्क्रीन दी गई है 320x240 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है। क्वाडबैंड आधारित इस फोन में 3जी सपोर्ट भी है जहां आप तेज इंटरनेट का लाभ ले सकते हैं। डुओज लाइट की इंटरनल मैमोरी 2 जीबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। इसमें 2 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है साथ ही म्यूजिक प्लेयर और एफएम रेडियो भी है। इसमें मेल सपोर्ट है और जीटाक जैसे एप्लिकेशन भी प्रीलोडेट हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 6,990 रुपए है।

खूबी- कपैसिटिव स्क्रीन, 3जी सपोर्ट, क्वाडबैंड।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम प्रोसेसर, 2.0 मेगापिक्सल कैमरा।

माइक्रोमैक्स ए100

हाल में माइक्रोमैक्स ने दोहरा सिम स्मार्ट फोन के तहत ए100 माडल को पेश किया है। फोन की खासियत है इसकी 5.0 इंच की स्क्रीन। कपैसिटिव टच तकनीक के साथ उपलब्ध  इस फोन की स्क्रीन मल्टीटच सपोर्ट करने में सक्षम है। फोन में 4 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है और 512 एमबी का रैम है। इसके अलावा फोन में 5.0 मेगापिक्सल का कैमरा फ्रलैश के साथ उपलब्ध् है। वहीं मुख्य पैनल में वीडियो कालिंग के लिए वीजीए कैमरा है। एंडरायड 4.0 आधारित इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का डुअलकोर प्रोसेसर दिया गया है।
कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। इसके अलावा फेसबुक, ट्विटर और जी टाक जैसी एप्लिकेशन प्रीलोडेड हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 9,650 रुपए है।
खूबी- 5.0 इंच स्क्रीन, 5.0 एमपी कैमरा, डुअल कोर प्रोसेसर।
खामी- एक सिम पर 3जी सपोर्ट, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।

एलजी आप्टिमस एल3 डुअल ई405

आरंभिक स्तर डुअल सिम सेग्मेंट में एलजी ने एल3 डुअल पेश किया है। फोन में 3.2 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन है जिसे 240X320 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस डिवायस में 800 मेगाहट्र्ज का कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और 384 एमबी की रैम है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 3जी, वाई-फाई और ब्लूटूथ है। वहीं बेहतर ग्राफिक्स के लिए एड्रिनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर है। फोन में एक्सलेरो मीटर, प्रोक्सीमिटी सेंसर और जीपीएस सपोर्ट है।  इसके अलावा 3.0 मेगापिक्सल का कैमरा आटोफोकस फीचर के साथ है। कैमरे के साथ फ्रलैश नहीं है। म्यूजिक के लिए आडियो प्लेयर और एफएम रेडियो दिया गया है। भारतीय बाजार में पफोन की कीमत 8,600 रुपए है।
खूबी- दो जीएसएम सपोर्ट, 3.15 मेगापिक्सल कैमरा, 3जी सपोर्ट।
खामी- कम स्क्रीन रेजल्यूशन, पुरानी आपरेटिंग, कैमरे के साथ फ्लश नदारद।

सैमसंग गैलेक्सी वाई डुओज लाइट-
हाल में दोहरे सिम स्मार्ट फोन सेग्मेंट में सैमसंग ने गैलेक्सी वाई डुओज लाइट को पेश किया है। फोन में 2.8 इंच की स्क्रीन दी गई है 320X240 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है। क्वाडबैंड आधारित इस फोन में 3जी सपोर्ट भी है जहां आप तेज इंटरनेट का लाभ ले सकते हैं। डुओज लाइट की इंटरनल मैमोरी 2 जीबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। इसमें 2 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है साथ ही म्यूजिक प्लेयर और एपफएम रेडियो भी है। इसमें मेल सपोर्ट है और जीटाक जैसे एप्लिकेशन भी प्रीलोडेट हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 6,990 रुपए है।
खूबी- कपैसिटिव स्क्रीन, 3जी सपोर्ट, क्वाडबैंड।
खामी- छोटी स्क्रीन, कम प्रोसेसर, 2.0 मेगापिक्सल कैमरा।

माइक्रोमैक्स ए100
हाल में माइक्रोमैक्स ने दोहरा सिम स्मार्ट फोन के तहत ए100 माडल को पेश किया है। फोन की खासियत है इसकी 5.0 इंच की स्क्रीन। कपैसिटिव टच तकनीक के साथ उपलब्ध् इस फोन की स्क्रीन मल्टीटच सपोर्ट करने में सक्षम है। फोन में 4 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई है और 512 एमबी का रैम है। इसके अलावा 5.0 मेगापिक्सल का कैमरा फ्रलैश के साथ उपलब्ध् है। वहीं मुख्य पैनल में वीडियो कालिंग के लिए वीजीए कैमरा है। एंडरायड 4.0 आधारित इस फोन में 1 गीगाहट्र्ज का डुअलकोर प्रोसेसर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। इसके अलावा फेसबुक, ट्विटर और जी टाक जैसी एप्लिकेशन प्रीलोडेड हैं। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 9,650 रुपए है।
खूबी- 5.0 इंच स्क्रीन, 5.0 एमपी कैमरा, डुअल कोर प्रोसेसर।
खामी- एक सिम पर 3जी सपोर्ट, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।

स्पाइस स्टेलर एमआई 425
हाल में स्पाइस ने 1 गीगाहट्र्ज क्वालकाम स्नैप ड्रैगन प्रोसेसर के साथ स्टेलर एमआई 425 माडल भारतीय बाजार में पेश किया है। इसके अलावा इसमें 4.0 इंच की बड़ी सी स्क्रीन दी गई है जो उपयोग में बेहतर है। स्टेलर एमआई425 की इंटरनल मैमोरी 149 एमबी है जो माइक्रोएसडी के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में एक्सलेरो मीटर, प्रोक्सीमिटी सेंसर कंपास है। इसके साथ ही गूगल स्विट प्री इंस्टाल है। इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ दिया गया है। फोन में एसएनएस इंटीग्रेशन है और मेल सपोर्ट भी है। म्यूजिक के लिए आडियो प्लेयर के साथ एफएम रेडियो है।
फोन की कीमत 9,600 रुपए है।
खूबी- 4.0 इंच स्क्रीन, 5.0 मेगापिक्सल कैमरा, 1 गीगाहट्र्ज प्रोसेसर।
खामी- पुराना एंडरायड, कम इंटरनल मैमोरी।

कार्बन ए9
दोहरा सिम एंडरायड स्मार्टफोन में कार्बन ने ए9 माडल पेश किया है। फोन में 3.8 इंच की कपैसिटिव टच स्क्रीन है जो मल्टीटच स्पोर्ट करने में सक्षम है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन की इंटरनल मैमोरी 512 एमबी है। हालांकि मैमोरी कार्ड के माध्यम से इसे 32 जीबी तक बढ़ाया जा सकता है। मल्टीमीडिया के लिए इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ दिया गया है। इसके अलावा वीडियो रिकार्डिंग और प्ले बैक भी सपोर्ट है। बेहतर प्रोसेसिंग के लिए इसमें 1 गीगाहट्र्ज का प्रोसेसेर है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, 3जी और ब्लूटूथ है। इसके अलावा फोन में पफेसबुक, ट्विटर और पुश मेल जैसे एप्लिकेशन प्रीइंस्टाल हैं। फोन 8,900 रुपए में भारतीय बाजार में उपलब्ध् है।
खूबी- 3.8 इंच स्क्रीन, 5.0 मेगापिक्सल कैमरा, 1गीगाहट्र्ज प्रोसेसर।
खामी- पुराना एंडरायड, एचडी वीडियो रिकार्ड नहीं।

बजट 15,000
मोटोरोला डिफाई मिनी एक्सटी320
दोहरे सिम स्मार्ट फोन के तहत मोटोरोला ने डिफाई मिनी पेश किया है। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 600 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर दिया गया है। बार डिजाइन में उपलब्ध् इस फोन में 3.2 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन है। फोन स्क्रीन गोरिल्ला ग्लास कोटेड है जो रगड़ से बेअसर है। इसके अलावा 512 एमबी रैम ओर 512 एमबी रोम दिया गया है। फोन में 3.15 मेगापिक्सल कैमरा फ्लैश के साथ दिया गया है। वहीं अच्छी बात यह है कि वीडियो कालिंग के लिए इसमें सेकेंडरी कैमरा भी है। पफोन में जीपीएस, एजीपीएस सपोर्ट के साथ है। वहीं कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, ब्लूटूथ के अलावा 3जी सपोर्ट है। फोन की कीमत 11,300 रुपए है।
खूबी- डुअल कैमरा, गोरिल्ला ग्लास कोटेड, कपैसिटिव स्क्रीन।
खामी- कम प्रोसेसर, पुराना एंडरायड, छोटी स्क्रीन।

सोनी एक्सपीरिया टीपो डुअल
सोनी मोबाइल्स ने एक्सपीरिया टीपो डुअल के साथ दोहरे सिम स्मार्टफोन सेग्मेंट में दस्तक दी है। फोन में 3.2 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन दी गई है जो रगड़ अवरोध्क है। एंडरायड आपरेटिंग 4.0 आधारित इस फोन की इंटरनल मैमोरी 2.9 जीबी है जो माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई, ब्लूटूथ और 3जी है। फोन में एचएसडीपीए सपोर्ट है जहां यह 7.2 एमबीपीएस की गति से डाटा का हस्तांतरण करने में सक्षम है। फोन में 800 मेगाहट्र्ज कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और एड्रिनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर है। दोहरा सिम आधारित इस फोन में 2 जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है। फोटोग्राफी के लिए 3.15 मेगापिक्सल कैमरा है लेकिन सेकेंडरी कैमरा नदारद है। फोन की कीमत 10,290 रुपए है।
खूबी- एंडरायड आपरेटिंग 4.0, 3जी, रगड़ अवरोधक स्क्रीन।
खामी- कम प्रोसेसर, छोटी स्क्रीन, 3.2 एमपी कैमरा।

सैमसंग गैलेक्सी एस डुओज एस6702
दोहरा सिम स्मार्टफोन में सैमसंग एस डुओज माडल भी बेहतर है। फोन में 3.5 इंच की कपैसिटिव स्क्रीन है जिसे 320X480 पिक्सल रेजल्यूशन के साथ पेश किया गया है। बेहतर यूजर इंटरफेस के लिए इसे टचविच यूआई से लैस किया गया है। फोन की इंटरनल मैमोरी 3 जीबी है और जो माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है। फोन में 3जी सपोर्ट है जहां 7.2 एमबीपीएस की गति से डाटा का हस्तांतरण कर सकते हैं। वहीं अन्य आधुनिक फीचर से भी यह लैस है जैसे वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी। एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 832 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर है। लोकेशन सेवा के लिए जीपीएस ए-जीपीएस सपोर्ट के साथ उपलब्ध् है। फोन में 1300 एमएएच की बैटरी दी गई। भारतीय बाजार में फोन की कीमत 11,900 रुपए है।
खूबी- 3.5 इंच स्क्रीन, 3जीबी इंटरनल मैमोरी, 3जी सपोर्ट।
खामी- पुराना आपरेटिंग, साधरण स्क्रीन रेजल्यूशन।

Thursday, October 4, 2012

मैजिक पोर्टल्स फ्री Magic Portals Free

मैजिक पोर्टल एक ऐसी जादुई ताकत है जिसका इस्तेमाल करके आप एक जगह से दूसरी जगह जा सकते हैं। इसका इस्तेमाल आप किसी ऑब्जेक्ट  को इधर से उधर करने के लिए भी कर सकते हैं। यह एक पजल गेम है इसलिए आपको खेलने के लिए थोड़ी अकल लगानी होगी। कुछ लेवल दिमाग की अच्छी खासी कसरत भी करेंगे। अगर आप किसी लेवल में फंस जाते हैं तो इस लिंक http://asanteegames.com/magic-portals/walk-through/  पर क्लिक करके समस्या को दूर कर सकते हैं। गेम के सभी लेवल लॉक हैं। एक लेवल को पार करके आप दूसरे को अनलॉक तो कर सकते हैं लेकिन नए चैप्टर को अनलॉक करने के लिए आपको कम से कम 60 प्रतिशत परफोर्मेंस की जरूरत पड़ेगी। हालांकि यहां मैजिक पोर्टल बनाने की कोई सीमा नहीं है लेकिन कम से कम पोर्टल का इस्तेमाल करने पर हाई स्कोर मिलता है। जिसके आधार पर आपको गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पद भी मिलते हैं। गेम में अभी 3 चैप्टर है। एक चैप्टर में 31 नर्मल लेवल और एक ड्रेगन लेवल है। यहां जंप का कोई विकल्प मौजूद नहीं है जो गेम और भी दिलचस्प बनता है। गेम का साउंड और ग्राफिक्स शानदार हैं। डार्क बैकग्राउंड में लाइट्स का काफी शानदार इस्तेमाल किया गया है। इसको आप गूगल प्ले से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।