Tuesday, June 19, 2012

नोकिया प्योरव्यू ने बहाई ज़ूम की उल्टी गंगा


हम पिछले कुछ दिनों से  नोकिया का नया प्योरव्यू फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।  और एक बात हमें समझ में आ गयी है - यह फोन उन प्राणियों के लिए है जो फोटो खींचने के बाद उसके साथ खींच-तान करते हैं  नहीं, हम यह नहीं कह रहे की इसका इकतालीस मेगापिक्सेल का भारी भरकम कैमरा बेकार है - वह तो वाकई में शानदार तसवीरें खींचता है  लेकिन अगर आप इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको ज़ूम का दीवाना होना पड़ेगा  बाकी कैमरों में आपने ध्यान दिया होगा कि आप चित्र खींचने से पहले ज़ूम करते हैं  प्योरव्यू में कुछ उल्टी गंगा बहती है - यहाँ फायदा चित्र खींचने के बाद ज़ूम करने में है   और वह इसलिए क्योंकि प्योरव्यू की शानदार लेंस इतने सारे तत्त्व साफ़-साफ़ उभार के लाती है कि हमें तो लगता है कि इस फ़ोन से इंसान को फोटो पहले खींचनी चाहिए और तब बैठ कर तय करना चाहिए कि फोटो में क्या रखा जाए, और क्या दफा कर दिया जाए  ऐसा कम से कम एक दर्जन बार हुआ है कि हमने फोटो ली किसी की है लेकिन बाद में देखे पर हमें उसमे कुछ और ही पसंद आया है - और धन्य है प्योरव्यू का सेंसर जिसके कारण हम उसी को फोटो में उभार के ला पाए हैं   

तो अगर आपके पास प्योरव्यू है तो हमारी मानिये और दनादन फोटो खींचिए अरे, सेंसर इतना सारी चीज़ें आपको चित्रों में दिखायेगा कि आपको कुछ न कुछ पसंद ज़रूर ही आ जाएगा,  चाहे आपको चित्र का मुख्य विषय पसंद आये या नहीं! 

नोकिया प्योरव्यू ने बहाई ज़ूम की उल्टी गंगा


हम पिछले कुछ दिनों से  नोकिया का नया प्योरव्यू फोन इस्तेमाल कर रहे हैं  और एक बात हमें समझ में आ गयी है - यह फोन उन प्राणियों के लिए है जो फोटो खींचने के बाद उसके साथ खींच-तान करते हैं  नहीं, हम यह नहीं कह रहे की इसका इकतालीस मेगापिक्सेल का भारी भरकम कैमरा बेकार है - वह तो वाकई में शानदार तसवीरें खींचता है  लेकिन अगर आप इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको ज़ूम का दीवाना होना पड़ेगा  बाकी कैमरों में आपने ध्यान दिया होगा कि आप चित्र खींचने से पहले ज़ूम करते हैं  प्योरव्यू में कुछ उल्टी गंगा बहती है - यहाँ फायदा चित्र खींचने के बाद ज़ूम करने में है   और वह इसलिए क्योंकि प्योरव्यू की शानदार लेंस इतने सारे तत्त्व साफ़-साफ़ उभार के लाती है कि हमें तो लगता है कि इस फ़ोन से इंसान को फोटो पहले खींचनी चाहिए और तब बैठ कर तय करना चाहिए कि फोटो में क्या रखा जाए, और क्या दफा कर दिया जाए  ऐसा कम से कम एक दर्जन बार हुआ है कि हमने फोटो ली किसी की है लेकिन बाद में देखे पर हमें उसमे कुछ और ही पसंद आया है - और धन्य है प्योरव्यू का सेंसर जिसके कारण हम उसी को फोटो में उभार के ला पाए हैं   

तो अगर आपके पास प्योरव्यू है तो हमारी मानिये और दनादन फोटो खींचिए अरे, सेंसर इतना सारी चीज़ें आपको चित्रों में दिखायेगा कि आपको कुछ न कुछ पसंद ज़रूर ही आ जाएगा,  चाहे आपको चित्र का मुख्य विषय पसंद आये या नहीं! 

Wednesday, June 13, 2012

नोकिया प्योर व्यू, स्मार्ट फीचर या स्मार्ट कैमरा


आज भारतीय बाजार में लांच होने वाले लगभग हर फोन को स्मार्ट फोन बताकर लांच किया जा रहा है। चाहे वो कम बजट का हो या ज्यादा। कोई आपरेटिंग सिस्टम एंडरायड 4.0 की विशेषता बता रहा है तो कोई ब्लैकबेरी ओएस 7.1 की बढ़ाई करते नहीं थक रहा है। लेकिन नोकिया है, जो अपना अलग ही सूर अलाप रहा है। कंपनी 33,899 रुपए में प्योर व्यू 808 स्मार्ट फोन लांच कर रही है लेकिन स्मार्ट फीचर और आपरेटिंग के बारे में बात ही नहीं कर रही। अगर कहीं से भी कोई भी आवाज आई है तो सिर्फ कैमरे के बारे में ही बोला गया है। 41 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर और स्मार्ट फोटोग्रापफी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि 41 एमपी कैमरा सेंसर इस फोन की यूएसपी है लेकिन इसमें अच्छे स्मार्ट फीचर भी हैं। फोन सिंबियन के नवीन आपरेटिंग सिस्टम बैले पर पेश किया गया है और हर तरह के स्मार्ट फीचर से लैस है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि स्मार्ट फोन के इस दौर में सिर्फ मल्टीमीडिया का बात करना कितना सार्थक है?
आपको आज भी नोकिया का कम्यूनिकेटर, एनगेज और एन95 फोन याद होंगे। कंपनी द्वारा लांच किए गए इन फोन ने मोबाइल जगत में ट्रेंड सेटर के रूप में कार्य किया और नोकिया को नई उंचाइयों तक ले जाने में कामयाब रहीं। फीचर फोन के उस दौर में मल्टीमीडिया को हथियार बनाकर कंपनी नंबर एक बनने में कामयाब रही। वहीं आज पफर से कंपनी ने उसी ट्रेंड को अपनाया है।
स्मार्ट फोन के इस दौर में नोकिया का यह नया फंडा कितना कामयाब होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इतना तो जरूर कहा जा सकता है कि प्योर व्यूह के इस कैंपेन को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता।

Wednesday, June 6, 2012

सैमसंग गैलेक्सी एस ३ - इंसानों का फ़ोन, दैवीय दाम




हम कई दिनों से फ़ोन देखते आ रहे हैं, लेकिन हमें यह मानना पड़ेगा कि हमने कभी भी किसी एक फ़ोन के इतने दाम बदलते नहीं देखे हैं जितने सैमसंग के गैलेक्सी एस ३ के (इसके बारे में हमारे लेखक, मुकेश जी, ने हाल ही में टिपण्णी की थी) । बस पिछले ही हफ़्ते सैमसंग ने इसका दाम Rs 43,190 बता कर कई लोगों को चौंका दिया था. खैर, हमें उसी वक़्त कई "जानकारों" ने आश्वस्त किया था कि फ़ोन का दाम बाज़ार में इससे काफी कम होगा

वे सत्य बोल रहे थे। 

लेकिन कितना सत्य, इसका अनुमान तो हम सपनों में भी नहीं लगा सकते थे। क्योंकि फ़ोन के लॉन्च होने के मात्र एक हफ़्ते के अन्दर हमें यह अलग अलग दुकानों में अलग अलग दामों पर मिल रहा है। ख़ुशी की बात यह है कि इनमे से कोई भी औपचारिक दामों के आस पास भी नहीं हैं। विस्मय की बात यह है कि इनमे से कोई एक-दुसरे के आस पास भी नहीं हैं। कोई फ़ोन को चालीस हज़ार रुपयों में बेंच रहा था, तो कोई सैंतीस हज़ार में, और हद तो तब हो गई जब  वेबसाइट सुलेखा.कॉम ने इसे पैंतीस हज़ार रुपयों से भी कम दाम पर बेंचने की सूचना दी। कहते हैं कि सैमसंग के खुद ऐतराज़ जताने पर वेबसाइट ने इस दाम को बाद में अड़तीस हज़ार के आस-पास कर दिया, लेकिन इस सब से एक बात जग-ज़ाहिर हो गयी - सैमसंग गैलेक्सी एस ३ के असली दाम को शायद कोई नहीं जानता इसका औपचारिक दाम है Rs 43,190 और यह आपको दुकानों और वेबसाइटों  में उससे तीन से छह हज़ार रुपयों कम में मिल रहा है

हमें तो अचरज है कि ऐसे फ़ोन का औपचारिक दाम रखा ही क्यों गया, जब उसका इस्तेमाल कोई नहीं कर रहा है।
सैमसंग ने कहा था कि सैमसंग गैलेक्सी एस ३ प्रकृति से प्रेरित था और इंसानों के लिए बना था. इसका दाम हमें लेकिन भगवान से प्रेरित लग रहा है - ऊपरवाले की तरह उसके भी कई रूप नज़र आ रहे हैं. हाँ, दुःख इस बात का है कि इसका दाम इंसानों को ही चुकाना पड़ेगा

Sunday, June 3, 2012

Sunday

काश हर दिन संडे होता

‘काश हर दिन संडे होता’ यह बात कोई 5 या छह साल का बच्चा नहीं बोल रहा है जो स्कूल जाने से डरता है। बल्की 32 साल का इंसान बोल रहा है जो अपने परिवार का जीविका चलाने के लिए किसी रोजगार से जुड़ा है।
इन बातों से लोग यही समझ रहे होंगें कि बेचारा काम के बोझ से दबा है और संडे को एक दिन के लिए छुट्टी मिली तो यह कह डाला कि ‘काश हर रोज संडे होता।’ लेकिन ऐसा नहीं है। सातों दिन में संडे ही एक ऐसा दिन है जब हम ऑफिस  में चैन से काम निपटा पाते हैं। आज ही देख लीजिए। एक कूर्सी पर बैठी हिना शांति से अपनी स्टोरी लिख रही है। वहीं दूसरी ओर हर्षिता दो कूर्सियों पर अपने पैर जमाएं लैप टाप पर बिना किसी से कुछ कहे काम कर रही है। अजीत पाराशर को भी पफोन से पफुर्शत मिल जाती है तो चुप-चाप डिजाइनिंग कर लेते हैं। और चैहान साहब भी एक कोने में बैठे यूट्यूब पर कुछ देखते हुए अपना काम निपटा रहे हैं।
यह शांति कितनी प्यारी है। लोग चुप-चाप ढेर सारा काम भी कर लेते हैं और ऑफिस आकर अच्छा भी लगता है। लेकिन इस शांति के बाद जब कल के बारे में सोचता हूं तो पफर चेहरे पर मायूसि होती है और दिल कहता है ‘काश हर दिन संडे होता।?’

Friday, June 1, 2012

Samsung Galaxy S3 Price In India

सैमसंग गैलेक्सी एस३ कीमत को लेकर अफरा तफरी 

सैमसंग गैलेक्सी एस3 को लेकर चर्चा का बाजार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जहां लांच होने से पहले स्मार्ट काल और स्टे आन फीचर को लेकर चर्चा जारी थी वहीं लांच होने के बाद कीमत को लेकर मारा मारी है। कंपनी ने सैमसंग गैलेक्सी एस3 भारतीय बाजार में कीमत 43,180 रुपए तय की है। दाम तो उम्मीद से ज्यादा है ही। लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा अंचभे की बात यह है कि लांच होने से पहले ही फोन 38,990 एसहोलिक पर बेचा जा रहा था वहीं लांच होने के एक घंटे बाद ही कहीं 37,990 में तो कहीं 38,990 में उपलब्ध् था। हांलांकि कंपनी फिलहाल 40 हजार से कम में इसे बेचने के बात से मना कर रही है और स्टोर पर यह 41,500 रुपए में उपलब्ध् है। परंतु क्या करण है जो आन लाइन इतने कम दाम में बेचे जा रहे हैं। आम उपभोक्ता के लिए यह कीमत बहुत बड़ी सवाल खड़ी करती है। सवाल यह बनाता है कि ये सारे ई रिटेलर्स कंपनी के द्वारा तय की गई कीमत से कम पर हैंडसेट कैसे बेच रहे हैं? क्या सैमसंग ने खुद इनके साथ कोई समझौता कर रखा है? अगर हां तो फिर 43,180 पर लांच करने का कोई औचित्य ही नहीं था। फोन को 38 हजार या 39 हजार में ही लांच करना चाहिए था।


होमशाप18 पर सैमसंग गैलेक्सी एस3 की कीमत 38,900 रुपए है.
शापिंग इंडिया टाइम पर सैमसंग गैलेक्सी एस3 की कीमत 39,990 रुपए है.
फीलिपकार्ट पर सैमसंग गैलेक्सी एस3 की कीमत 38,990 रुपए है
ट्रेडस पर सैमसंग गैलेक्सी एस3 की कीमत 38,500 रुपए है. और
ईबे पर सैमसंग गैलेक्सी एस3 की कीमत 38,900 रुपए है.
इन ई-रिटेलर्स का कहना है कि 5-15 दिनों में हैंडसेट कस्टमर को मिल जाएगा।