Monday, September 3, 2012

सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज

आरंभिक स्तर में दोहरा सिम स्मार्ट फोन

सैमसंग ने आरंभिक स्तर स्मार्टफोन सेग्मेंट में गैलेक्सी पाकेट डुओज 5302 को पेश करने की घोषणा की है। हालांकि  फिलहाल यह फोन भारत में उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ ही सप्ताह में आने की उम्मीद है। सैमसंग द्वारा लांच किया गया यह सबसे सस्ता दोहरा सिम स्मार्टफोन है। इससे पहले सैमसंग ने गैलेक्सी पाकेट लांच किया था जो आरंभिक स्तर में एंडरायड आधारित फोन है लेकिन इसमें एक ही सिम कनेक्टिविटी है।



गैलेक्सी पाकेट डुओज एस5302 में दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है। बार डिजाइन में पेश किए गए इस फोन में 2.8 इंच की स्क्रीन की कपैसिटिव स्क्रीन है।
एंडरायड आपरेटिंग 2.3 आधारित इस फोन में 832 मेगाहट्र्ज का प्रोसेसर 3जीबी की इंटरनल मैमोरी है। वहीं उपयोग में बेहतर बनाने के लिए इसमें सैमसंग ब्रांड टचविज यूजर इंटरफेस है। सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज एस5302 में 3 जीबी की इंटरनल मैमोरी है और माइक्रोएसडी के माध्यम से इसे 32 जीबी तक बढ़ाई जा सकती है।

सैमसंग गैलेक्सी पाकेट डुओज में गैलेक्सी में 2.0 मेगापिक्सल कैमरा है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग वीजीए रेजल्यूशन पर किया जा सकता है। हालांकि 3जी के बावजूद वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं है। वहीं मनोरंजन के लिए म्यूजिक प्लेयर और एपफएम रेडियो है।

डाटा और इंटरनेट के लिए इसमें वाई-फाई के साथ 3जी है। 3जी के लिए फोन एचएसडीपीए नेटवर्क सपोर्ट है जहां 3.6 एमबीपीएस तक की गति से डाटा का हस्तांतरण कर सकते हैं। भारतीय बाजार में पफोन की कीमत 8,000 रुपए तक होने की उम्मीद है।

सैमसंग नोट 2 की प्री बुकिंग शुरू

इन्फिबीम आन लाइन स्टोर से 38,500 रूपए में की प्रीबुकिंग कर सकते हैं



हाल ही बर्लीन में आयोजित आईएफए समारोह के दौरान गैलेक्सी नोट2 का प्रदर्शन किया गया। फोन में पुराने नोट की अपेक्षा बड़ी स्क्रीन और बेहतर हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन हैं। हालांकि फिलहाल भारत में यह फोन उपलब्ध नहीं है लेकिन इन्फिबीम डाट काम से इसे 38,500 रुपए में प्रीबुक किया जा सकता है।
पुराना नोट में जहां 5.5 इंच की स्क्रीन थी वहीं नए नोट में 5.8 इंच की स्क्रीन दी गई है।
सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 एंडरायड आपरेटिंग 4.1 पर पेश किया गया है। वहीं इसमें 1.6 गीगाहट्र्ज का क्वाडकोर ए9 प्रोसेसर है। सैमसंग गैलेक्सी नोट 2 में मुख्य कैमरा 8 मेगापिक्सल है जबकि सेकेंडरी कैमरा 1.9 मेगापिक्सल का दिया गया हैं जो वीडियो कालिंग के लिए है।  कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई, ब्लूटूथ और यूएसबी है। 3जी के लिए इसमें एचएसडीपीए 21 एमबीपीएस तक सपोर्ट है। नोट 2 में एप्लिकेशन की भी भरमार है। पुराने नोट की तरह इसमें भी स्टायलस है और साथ ही एसपेन फीचर भी मिलेगा। इसके अलवा गूगल स्विट और एसएनएस जैसे फीचर से भी इसे लैस किया गया है। पावर बैकअप के लिए इसमें 3100 एमएएच की बैटरी दी गई है।

नए आकाश में कालिंग फीचर भी।

बहुत जल्द भारत सरकार का आकाश नए रंगरूप और फीचर्स के साथ बाजार में आने वाला है। नए आकाश में सिम सपोर्ट भी है। कालिंग फीचर के साथ यह विश्व का सबसे सस्ता कालिंग फीचर वाला टैबलेट बन गया है। 7 इंच रेजिस्टिव टच स्क्रीन की जगह कपैसिटिव टच स्क्रीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। 366 मेगाहर्ट्ज़ को 1 गीगाहर्ट्ज़ प्रोसेसर के साथ और पावरफुल  बना दिया है। आकाश 2.5 के अन्य फीचर्स की बात करें तो वाई-फाई, इंटरनेट डोंगल सपोर्ट, सिम सपोर्ट, 256 एमबी रेम, 2 जीबी इंटरनल मैमोरी, 32 जीबी तक एक्सटर्नल, 3200 एमएएच बैटरी है। आकाश 2.5 के फीचर्स नए हैं लेकिन कीमत 2276 रुपए ही है। इन सारे फीचर्स के आधार पर हम कहे सकते हैं कि आकाश पर जमी गर्द साफ हो रही है। 

एलजी आप्टिमस एल5 डुअल

एंडरायड आपरेटिंग आधारित इस फोन में 4.0 इंच की स्क्रीन है।

हाल ही में दोहरे सिम एंडरायड स्मार्टफोन सेग्मेंट एलजी ने आप्टिमस एल3  (Optimus L3) को पेश किया था। आप्टिमस एल3 आरंभिक स्तर का फोन है जिसमें एंडरायड आपरेटिंग  के साथ दो जीएसएम नेटवर्क सपोर्ट है। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए कंपनी ने एलजी आप्टिमस एल5 डुअल ई 615 (LG Optimus L5 Dual E615) को पेश करने का मन बनाया है।

फोन में 4.0 इंच की स्क्रीन दी गई है जिसे आईपीएस एलसीडी टेक्नोलाजी के साथ पेश किया गया है। फोन की इंटरनल मैमारी 2.6 जीबी है और 512 एमबी का रैम स्टोरेज दिया गया है। माइक्रोएसडी के माध्यम से फोन मैमोरी को 32 जीबी तक एक्सपेंड किया जा सकता है। एलजी आप्टिमस 5 में 800 मेगाहटर्ज कोर्टेक्स ए5 प्रोसेसर और एड्रीनो 200 ग्राफिक्स प्रोसेसर यूनिट दिया गया है।

मल्टीमीडिया की बात करें तो इसमें 5.0 मेगापिक्सल कैमरा एलईडी फ्लैश के साथ उपलब्ध है। फोन में वीडियो रिकार्डिंग और वीडियो प्लेबैक है लेकिन वीडियो कालिंग के लिए सेकेंडरी कैमरा नहीं दिया गया है।

एलजी आप्टिमस एल5 में गूगल स्विट के अलावा एसएनएस इंटीग्रेशन भी है। कनेक्टिविटी के लिए 3जी, वाई-फाई और ब्लूटूथ है। फोन में एचएसडीपीए सपोर्ट है और डाटा ट्रांस्फर के लिए यह 7.2 एमबीपीएस तक की गति से डाटा हस्तांरण करने में सक्षम है। फोन में आडियो प्लेयर ओर एफएम रेडियो दिया गया है।

एंडरायड आपरेटिंग 4.0 आइसक्रीम सैंडविच (Android Operating 4.0 Icecream Sandwich) आधारित इस फोन को आप्टिमस यूआई 3.0 (LG Optimus UI) से लैस किया गया है। वहीं बेहतर पावार बैकअप के लिए इसमें 1540 एमएएच की बैटरी दी गई हैं। कंपनी 10 घंटे बैटरी बैकअप का दावा करती है। फोन की कीमत 12,9990 रुपए होने की उम्मीद है।

Tuesday, August 7, 2012

स्मार्ट प्रेज़न्टेशन के लिए

प्रोजेक्टर को लेकर सैमसंग गैलेक्सी बीम खास चर्चा में है। और होना भी चाहिए क्योंकि इस फोन की यूएसपी इसकी प्रोजेक्टर तकनीकी है। जिसका इस्तेमाल इनडोर और आउटडोर के लिए किया जा सकता है। इस प्रोजेक्टर फोस से न सिर्फ घर में बल्कि बाहर भी तस्वीरों और वीडियो को प्रजेंटेशन के तौर पर देखा जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी बीम एक खास बात यह भी है कि टॉप पैनल पर प्रोजेक्टर लैंस के बावजूद भी फोन की मोटाई 12.5 एमएम है जो नोकिया प्योर व्यू से कम ही है। यह एंडरायड 2.3 ओएस ;जिंजरब्रेड  और 1 गीगाहर्ट्ज़  का डुअल कोर प्रोसेसर पर काम करता है। इसके मल्टीमीडिया फीचर्स देंखे तो फ्लैश सहित 5 मेगापिक्सल ऑटो फोकस कैमरा और 1.3 मेगापिक्सल सेकेंडरी कैमरे की सुविधा दी गई है। 720पी एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग कई सारे आडियो/वीडियो फारर्मेंट को सपोर्ट करता है। इसके अलावा 768 एमबी रेम, 8जीबी इंटरनल मैमोरी, 32 जीबी एक्पेंडेबल मैमोरी सपोर्ट है। कनेक्टिविटी के लिए 3.0+ एचएस ब्लूटूथ, वाईफाई, एचएसडीपीए व एचएसयूपीए सपोर्ट करता है। इसकी बैटरी 2000 एमएएच की है। 4.0 इंच स्क्रीन के इस फोन की कीमत 29,990 रुपए है।

Monday, July 30, 2012

गाड़ी बुला रही है...

खिलाड़ी कृपया ध्यान दें। अगर आप मोबाइल में  एक ट्रेन गेम का इंतजार कर रहे थे तो यह इंतजार खत्म हो चुका है।
कुछ समय पहले  गूगल प्ले पर ब्रेन एंड पजल श्रेणी में ट्रेक माय ट्रेन पजल गेम पेश किया गया है। अगर आपने व्हेअर इज माय वाटर या शूट द एप्पल पसंद किया तो निश्चित रूप से आपको ट्रेक माय ट्रेन दिलचस्प लगेगा। ट्रेन को समय के साथ सुरक्षित और सही स्थान पर पहुंचने की ज़िम्मेदारी आप पर है। इसको आप छह एपिसोड तक फ्री खेल सकते हैं। प्रत्येक एपिसोड में 12 लेवल हैं। सभी लेवल काफी अच्छे और दिलचस्प हैं। इसमें रेल को सही दिशा देने के लिए आपको सही रेल ट्रक को जोड़ना होगा। जैसे-जैसे आप खेल के साथ आगे बढ़ते जाएंगे। खेल और भी रोचक होता जाता है। अंतिम एपिसोड में मल्टी ट्रेन  के साथ आपको ट्रैक पर नियंत्रण करना होगा। ट्रेन आपस में भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं, इसलिए आपको ट्रेन की गति पर भी नियंत्रण रखना होगा। गति पर नियंत्रण करने के लिए स्क्रीन के बाईं ओर दिए गए प्ले बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रेन रोकने के लिए रेलवे ट्रेक पर लगे सिग्नल का भी उपयोग कर सकते हैं। ट्रेक माय ट्रेन एक पजल गेम है छोटे बच्चों को इसे खेलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन यही परेशानी आपको हल करने में जरूर अच्छी लगेगी। गेम के ग्राफिक्स बहुत अच्छे तो नहीं कहे जा सकते हैं लेकिन साउंड इफेक्ट जैसे कि रेलगाड़ी की आवाज काफी सही है। गेम लगभग सभी एंडरायड फोन को सपोर्ट करता है।

Monday, July 2, 2012

कैसी कैसी स्क्रीन

एमोलेडः एमोलेड का आशय है एक्टिव मैट्रिक्स ऑर्गैनिक लाइट-इमेटिंग डायोट। इस तकनीक का उपयोग टीवी और मोबाइल डिसप्ले के लिए किया जाता है। आज ज्यादातर स्मार्ट फोन के डिसप्ले में इसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सर्वप्रथम इसका उपयोग सैमसंग के फोन में देखने को मिला था। आम स्क्रीन की अपेक्षा इसमें चीजें 20 फीसदी तक ज्यादा स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसके साथ ही बैटरी खपत भी अन्य स्क्रीन की अपेक्षा कम है। इसका विकास खासकर टच आधरित बड़े स्क्रीन वाले फोन के लिए किया गया है।  आज सैमसंग, नोकिया, एलजी, सोनी एरिक्सन और एचटीसी सहित कई कंपनियों द्वारा एमोलेड स्क्रीन का उपयोग किया जा रहा है।

सुपर एमोलेडः एमोलेड तकनीक का यह उन्नत संस्करण है। इसका उपयोग खासतौर से मोबाइल फोन में देखने को मिलता है। भारत में सैमसंग गैलेक्सी एस पहली डिवायस है जिसमें सुपर एमोलेड डिसप्ले का उपयोग किया गया था। यह तकनीक एमोलेड से ज्यादा एडवांस है और धूप में भी चीजें स्पष्ट दिखाई देती हैं। साधारण स्क्रीन तकनीक से 30 फीसदी तक पावर खपत कम करने में सक्षम है।  सुपर एमोलेड के बाद इसका एचडी संस्करण का उपयोग सैमसंग नोट में देखने को मिला है।

सुपर एमोलेड प्लसः जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह तकनीक एमोलेड और सुपर एमोलेड से ज्यादा एडवांस है। यह न सिर्फ बेहतर डिसप्ले में सक्षम है बल्कि सुपर एमोलेड की अपेक्षा 18 फीसदी तक बैटरी बचत करने में सक्षम है। वहीं सूर्य की रोशनी में भी चीजें बेहतर तरीके से देखी जा सकती हैं। सैमसंग गैलेक्सी एस टू में इसका उपयोग पहली बार देखा गया है।

रेटिना डिसप्लेः डिसप्ले की इस तकनीक का उपयोग खासतौर से एपल डिवायस में देखने को मिला है। सबसे पहले आईफोन 4 में इसका उपयोग किया गया था जिसमें 3.5 इंच का डिसप्ले है। इस तकनीक के तहत डिसप्ले में एक इंच में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। कंपनी दावा करती है कि मनुष्य की आंख के रेटिना में किसी तस्वीर निर्माण में 326 पिक्सल का उपयोग होता है। इस वजह से यह साधारण डिवायस की अपेक्षा ज्यादा बेहतर तरीके से चीजों के प्रदर्शन में सक्षम है। इसके अलावा 80 डिग्री तक स्क्रीन के घुमाव की स्थिति में भी आप चीजों को बेहतर तरीके से देख सकते हैं।

आईपीएसः आईपीएस का आशय है इन प्लान स्विचिंग। कई कंपनियों द्वारा डिसप्ले के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। हिताची लिमिटेड द्वारा यह तकनीक विकसित की गई थी। यह खासतौर से बेहतर डिसप्ले और स्क्रीन घुमाव की स्थिति में भी चीजों के प्रदर्शन के लिए जाना जाता है।

नोवा डिसप्लेः नोवा डिसप्ले का उपयोग सबसे पहले एलजी आप्टिमस ब्लैक में देखने को मिला था। कंपनी दावा करती है कि यह साधरण डिसप्ले से 50 फीसदी तक बैटरी खपत कम करने में सक्षम है। इसकी बेहतर ब्राइटनेस क्षमता डिसप्ले को और भी शानदार बनाती है जिससे ब्राउजिंग क्षमता और डाक्यूमेंट इत्यादि पढ़ने में आपको आसानी हो। साथ ही सूर्य की तेज रोशनी में भी स्क्रीन पर चीजों का प्रदर्शन साफ और स्पष्ट होता है।

क्लिर ब्लैक डिसप्लेः हाल ही में डिसप्ले की यह तकनीक भी बेहद चर्चा में रही है। हाल में नोकिया लुमिया 800 और लुमिया 710 में इस तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक स्क्रीन पर एक ब्लैक लेयर बनाती है  जो बाहर से डिवायस पर पड़ रही किरणों के रिफ्रलेक्शन को रोकती है। जिससे स्क्रीन तेज धूप में भी बेहतर प्रदर्शन कर सके। वहीं ब्लैक लेयर सफेद की अपेक्षा बैटरी खपत को भी कम करता है।

गोरिल्ला ग्लासः गोरिल्ला ग्लास तकनीक को कोर्निंग कंपनी द्वारा तैयार किया गया है। इसका प्रयोग खासतौर से पोर्टेबल इलेक्ट्रानिक डिवायस के लिए किया जाता है। यह स्क्रीन को मजबूती प्रदान करता है जिससे कि गिरने के दौरान टूटे-फूटे न।

ओलियोफोबिक कोटः
इस तकनीक का उपयोग स्मार्ट टचस्क्रीन फोन में देखने को मिल रहा है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यह एक प्रकार की कोटिंग है जो स्क्रीन पर की जाती है। इससे साधरण स्क्रीन के मुकाबले ओलियोफोबिक स्क्रीन थोड़ी सख्त हो जाती है जो स्क्रीन पर बाहरी प्रभाव से हो रहे नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद करता है। जैसे यह टूटने, रगड़ लगने और उंगलियों के निशान इत्यादि को रोकती है।