Thursday, March 29, 2012

फ्री मैंसेजिंग के फ्री तरीके

मोबाइल कम्युनिकेशन में मैसेजिंग का अपना एक अलग ही मजा होता है। चाहे बात सुबह-सुबह अपने प्रिय को गुड मोर्निंग बोलने की हो, दोस्तों को फनी या शरारती एमएसएम भेजने की हो या फिर रात में सुकून से एमएसएस के जरिए किस खास से बात करने की। रात-रात भर उंगलियां मैसेज करती रहती हैं और निगाहें मोबाइल की स्क्रीन पर एकटक टिकी रहती हैं। आमतौर पर कॉल और एसएमएस ऐसी सेवा है जिसका उपयोग लगभग सभी करते हैं। कॉल करने के लिए टॉक टाइम और मैसेज करने के लिए मैसेज पैक भी लेते हैं। इसके बावजूद ऑपरेटर्स मोबाइल उपभोक्ता से मैसेज के पैसे काटने से बाज नहीं आते हैं। कभी नववर्ष, तो कभी वैलेंटाइंस डे पर ऑपरेटर्स अपने उपभोक्ताओं को ठगने का काम करते रहते हैं। भले ही आपने मैसेज पैक ले रखा हो। जैसे ही आप सर्किल के बाहर एसएमएस करते हैं ऑपरेटर्स की चांदी हो जाती है। कॉल के लिए रोमिंग चार्ज तो लगाते ही हैं, वोडाफोन और एयरटेल आदि ऑपरेटर्स एसएमएस भेजने के भी पैसे काटने शुरू कर देते हैं। ऐसे में आपको एसएमएस के लिए लंबा-चैड़ा बिल भरना पड़ता है। इसके अलावा भारत सरकार ने भी एसएमएस सीमित कर रखा है। आप प्रतिदिन अधिकतम 200 एसएमएस ही भेज सकते हैं। मैसेजिंग के इन तमाम कायदे-कानूनों ने मैसेज प्रियों को बांधकर रख दिया है। अगर आप भी कुछ ऐसा ही महसूस कर रहे हैं तो पिफर चुनिए फ्री एसएमएम भेजने के तरीके। इनके द्वारा आप बिना किसी सीमा के अनगिनत एसएमएस कर सकते हैं बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के।
हम यहां कुछ ऐसी स्मार्ट एप्लिकेशंस और सर्विसेज का जिक्र करने जा रहे हैं जो थर्ड पार्टी या मोबाइल निर्माताओं द्वारा तैयारी की गई हैं। जिनके द्वारा आप टैक्स्ट, फोटो, वीडियो, डाक्यूमेंट फाइल्स आदि कहीं भी भेज सकते हैं।

ब्लैकबेरी मैसेजिंग
यह रिसर्च इन मोशन कंपनी के ब्लैकबेरी हैंडसेट की एक खास इनक्रेप्टेड मैसेजिंग सेवा है। इसको बीबीएम सर्विस के नाम से भी जाना जाता है। बीबीएम सर्विस खासकर ब्लैकबेरी उपभोक्ताओं के लिए ही है। दो ब्लैकबेरी हैंडसेट के उपभोक्ता ही बीबीएम के द्वारा मैसेजिंग कर सकते हैं। इसके द्वारा आप दुनिया में कहीं भी आईएम ;इंस्टेंट मैसेजिंग कर सकते हैं। आप इसके द्वारा अनगिनत मैसेज, फोटो आदि के साथ-साथ डाक्यूमेंट फाइल भी भेज सकते हैं। आप इसमें दोस्तों की ग्रुप लिस्ट बना सकते हैं। बीबीएम में ब्राडकास्ट विकल्प का उपयोग करके आप एक मैसेज कान्टेक्ट लिस्ट में मौजूद सभी लोगों को एक ही समय में भेज सकते हैं या एक मैसेज टाइप करके चुनिंदा लोगों को भेज सकते हैं। आप अंग्रेजी व अन्य भाषाओं के साथ हिंदी में भी मैसेजिंस कर सकते हैं। अपना स्टेटस बनाकर प्रोफाइल पर लगा सकते हैं और स्टेटस को अवेलेबल, बिजी या कस्टमाइज भी कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल
इसका उपयोग करने के लिए आपको उन लोगों को बीबीएम की कान्टेक्ट लिस्ट में जोड़ना होगा जिनसे आप मैसेजिंग करना चाहते हैं। कान्टेक्ट लिस्ट में जोड़ने के लिए आपको दूसरे व्यक्ति का पिन नंबर पता होना चाहिए। पिन नंबर आठ अंकों का होता हैं जैसे ‘२५४६rddk। यह पिन एक खास नंबर होता है जो हर ब्लैकबेरी उपयोगकर्ता के पास अलग होता है। आप पिन बारकोड को स्कैन करके भी प्राप्त कर सकते हैं। पिन बारकोड को स्कैन करने के लिए दूसरे व्यक्ति के पिन बारकोड को शो करना होगा, उसके बाद आपको अपने हैंडसेट का पिन बारकोड स्कैन करके पिन नंबर प्राप्त हो जाएगा।

वाट्सएप्स
वाट्सएप्स थर्ड पार्टी एप्स है जो लगभग सभी प्लेटफार्म पर आसानी के साथ काम करता है। यह इंस्टेंट मैसेजिंग एप्स है जिसके द्वारा टैक्स्ट, वीडियो, आडियो मीडिया मैसेज और असीमित ईमेज भेज सकते हैं। इसकी सबसे दिलचस्प बात है तरह-तरह की स्माइलिज। आप ग्रुप बना सकते हैं। एक ग्रुप में आप 10 लोगों को जोड़ सकते हैं। आप शार्ट और लांग असीमित मैसेज भेज सकते हैं। आप अपना स्टेटस भी बना सकते हैं। यह एप्स आई-फोन को छोड़कर सभी स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के लिए फ्री है।
कैसे करें इस्तेमाल
वाट्सएप्स का इस्तेमाल करना आसान है। आप इसको आई-फोन, ब्लैकबेरी, एंडरायड, नोकिया किसी भी स्मार्ट में डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड एप्स को इंस्टाल करें। आपको यहां अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा। यह स्वतः आपके मोबाइल में मौजूद कान्टेक्ट लिस्ट में से ऐसे कान्टेक्स चुन लेगी जो पहले से वाट्सएप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब आप फ्री इंस्टेंट मैसेजिंग कर सकते हैं।

आई-मैसेज
यह एप्पल आई-फोन और आई-पैड के लिए फ्री मैसेजिंग एप्स है। इसकी खास बात यह है कि यह एक आम हैंडसेट के इनबाक्स की तरह होता है। कोई भी एसएमएस आपके आई-मैसेज बाक्स में शो करता है। यदि आप किसी को एसएमएस करते हैं और आप नहीं जानते हैं कि आपका दोस्त आईमैसेज उपयोगकर्ता है या नहीं आईमैसेज स्वतः उसको जान लेता है। यदि आपका दोस्त आईमैसेज यूजर है तो यह एसएमएस फ्री हो जाता है। आप वाई-फाई या नेटवर्क द्वारा कनेक्ट कर फ्री मैसेज कर सकते हैं। आई-मैसेज एप्स के साथ इमबिल्ड होता है जिसके द्वारा आप असीमित मैसेज, फोटो, वीडियो, कान्टेक्ट आदि भेज सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल
इसको हैंडसेट में बस इंस्टाल करना होता है। इसके बाद आप कान्टेक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को एसएमएस कर सकते हैं।

निंबज
यह भी एक थर्ड पार्टी एप्स है जो लगभग सभी प्लेटफार्म को सपोर्ट करती है। इसका इस्तेमाल चैटिंग, कालिंग और गेमिंग के लिए किया जाता है। इसमें एन बिल्ड विकल्प दिया गया है। जिसका इस्तेमाल आप गेम खेलने के लिए कर सकते हैं। यह गेम भी सोशल नेटवर्किंग गेम की ही तरह हैं, जिनको आप दूर बैठे दोस्तों के साथ खेल सकते हैं। काल आन निंबज के द्वारा आप फ्री में काल कर सकते हैं। आप यहां पर क्रेडिट खरीद सकते हैं जिनके द्वारा आप सस्ते राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय काल और वीडियो काल कर सकते हैं। आप फाइल्स अटैचमेंट के रूप में पिक्चर, वीडियो और आडियो को भेज सकते हैं। अगर आपकी निंबज प्रफेंड लिस्ट में कोई दोस्त नहीं है तो आप निंबाज के जिम्मी टेस्टबोट से चैट कर सकते हैं और जान सकते हैं कि निंबज किस प्रकार काम करता है। जिम्मी टेस्टबोट आप के सवालों का दिलचस्प जवाब देगा।
कैसे करें इस्तेमाल
कुछ हैंडसेट निंबज प्रीलोडेड एप्स के रूप में होती है जबकि कुछ में आपको डाउनलोड करना पड़ सकता है। डाउनलोड एप्स को इंस्टाल करने के बाद आपको इस पर अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए आप दिशा-निर्देशों को देख सकते हैं। उसके बाद आप कान्टेक्ट लिस्ट या सोशल नेटवर्किंग के दोस्तों को निंबज में जोड़ सकते हैं। कान्टेक्ट खोजने के लिए मेन्यू पर क्लिक करें और जिस दोस्त को एड करना चाहते हैं उसका निंबज यूजरनेम डालें।

कुछ और
सैमसंग ने अपने उपभोक्ताओं के लिए चैट आन एप्लिकेशन लांच किया है। इसे भी इंस्टेंट मैसेजिंग और फ्री चैटिंग के लिए पेश किया गया है। हाल में कंपनी द्वारा लांच किए गए कुछ फोन में यह प्रीलोडेड है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें साधरण जावा आपरेटिंग के अलावा बाडा और एंडरायड आपरेटिंग सपोर्ट भी है। इसके अलावा ईबडी, 16बाई2 मिग33 आदि एप्स भी देख सकते हैं। ये कुछ ऐसी एप्स हैं जिनके द्वारा आप प्रफी एसएमएस का आनंद ले सकते हैं। लेकिन एक बात जिसको याद रखना जरूरी है। ये सारी एप्लिकेशंस जीपीआरएस नेटवर्क या वाई-फाई नेटवर्क पर काम करती हैं। इसलिए डाटा इस्तेमाल करने के पैसे कटेंगे। जिसके जीपीआरएस डाटा कार्ड से साधरण दर ही लगती है।

Friday, March 9, 2012

आज का युग टैबलेट युग

तकनीकी की फितरत हमेशा आगे बढते रहना है. इस विस्तार की बात करें तो एक समय हम सूचना और संचार के लिए रेडियो पर निर्भर थे. यह रेडियो का ज़माना था. उसके बाद तकनीकी हमें टीवी के युग में लेकर गई. वर्तमान में हम कंप्यूटर और मोबाइल के युग में जी रहें हैं और अब हम तकनीकी के सहारे टैबलेट की दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं. जिस तरह मोबाइल कंपनियां टैबलेट की ओर रुख कर रही हैं इसे देखते हुए अगर इसको टैबलेट युग कहें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। टैबलेट का नाम आपने जरुर सुना होगा. पिछले साल दो साल में यह ज्यादा चर्चित रहा है। शायद अब तक टैबलेट आपके सामने से गुजर चुका हो, आपने कहीं इसे देखा हो या फिर इसके बारे में कहीं पढ़ा हो। आकाश टैबलेट आने के बाद यह डिवायस आम होने जा रहा है जहां आप न सिर्फ इसे देखेंगे बल्कि इसका भरपूर उपयोग करेंगे.

टैबलेट का आगाज़
भारत में पिछले साल भर से टैबलेट सुर्खियों में रहा है लेकिन तकनीक की दुनिया में यह नाम नया नहीं है. लेनेवो और तोशिबा जैसी कंपनियां काफी समय से टैबलेट निर्माण में जुटी हैं. शुरुआत में टैबलेट थोड़े वजनदार और मोनोक्रोम स्क्रीन के साथ थे. वहीं आज टैबलेट का उपयोग बिजनेस क्लास, पत्राकार और तकनीक से जुड़े लोग कर रहे हैं. लेकिन इसके निर्माण का उद्देश्य सिर्फ यही नहीं था. बल्कि इसे सभी वर्ग के बच्चों और शिक्षा के विकास के लिए बनाया गया था. टैबलेट के विकास की कहानी 1960 से शुरू होती है. जहां ऐलेन के ने जिरॉक पालो आल्टो रिसर्च सेंटर में पर्सनल कंप्यूटर फार चिल्ड्रेन आफ आल एज नाम से अवधरणा पेश की। उन्होंने एक पेपर पर टैबलेट का डायग्राम बनाया जिसे डायना बुक का नाम दिया गया था. इसमें इस बात का भी जिक्र किया था कि यह डिवायस शिक्षा के विकास में विशेष रूप से कारगर साबित होगा. यह एक ऐसी किताब होगी जिसके माध्यम से हम आसानी से कहीं भी किसी से जुड़ सकते हैं और शब्दों का संपादन इत्यादि आसान होगा. जब जी चाहा इसे समेटा और चलते बने. टैबलेट की शुरुआत हुई तो कुछ को कीपैड के साथ तो कुछ को स्टायलस के साथ पेश किया गया. जिसे पेन आधरित पीसी भी कहा गया. इनमें वर्चुअल कीबोर्ड नहीं होता था और यह टैबलेट हैंडराइटिंग रिकाग्नेशन सपोर्ट करने में सक्षम थे. इसके बाद धीरे-धीरे इसका विकास किया गया और आधुनिक टैबलेट तैयार किया गया जो उपयोग में आसान होने के साथ कई नवीन फीचर्स से लैस है.

टैबलेट क्यों है खास
मोबाइल और कंप्यूटर के संयोग से टैबलेट का जन्म हुआ. जहां आप मोबिलिटी के साथ कंप्यूटिंग का भी मजा ले सकते हैं. मोबाइल को वर्ड और एक्सेल जैसे फीचर्स से लैस तो कर दिया गया लेकिन छोटी स्क्रीन की वजह से आज भी यह असहज है. ऐसे में टैबलेट में इसका बेहतर रूप से उपयोग किया जा सकता है. वहीं डिजाइनिंग, एडिटिंग और मैसेजिंग भी टैबलेट में मोबाइल की अपेक्षा आसान हो जाते है. बड़ी स्क्रीन की वजह से वीडियो और गेमिंग का अनुभव ही बदल जाता है. आप उन गेम्स का भी मजा ले सकते हैं जो मोबाइल में असहज होते हैं. टैबलेट की मैमोरी क्षमता ज्यादा है. और जहां ज्यादा दिमाग है, जाहिर है, वहां आप ज्यादा चीजें रख सकते
हैं. ज्यादा से ज्यादा एप्लिकेशन, ज्यादा से ज्यादा गेम्स इत्यादि. इन सब खासियतों ने टैबलेट को और भी खास बना दिया. टैबलेट का क्रेज बढ़ाने का सबसे बड़ा श्रेय जाता है एपल को। कंपनी ने वर्ष २०१० एपल आई पैड उतारा था. आईओएस आपरेटिंग आधरित इस टैबलेट को बेहतर टच के साथ पेश किया गया था. इसने टैबलेट का अनुभव ही बदल दिया. मल्टीटच के साथ ज्यादा से ज्यादा एप्लिकेशन का सपोर्ट. अब आप टचस्क्रीन पर कीपैड की तरह टाइप कर सकते
हैं. वहीं एंडरायड आपरेटिंग ने इस क्रेज को और भी बढ़ा दिया. ओपेन आपरेटिंग सिस्टम होने की वजह से एंडरायड के लिए ज्यादा से ज्यादा एप्लिकेशन तैयार किए गए. गूगल द्वारा तैयार इस आपरेटिंग ने टैबलेट निर्माण को और भी आसान बना दिया। यही वजह है कि आज ज्यादातर टैबलेट इसी आपरेटिंग पर आधरित हैं.

टैबलेट ट्रेंड
आज बाजार टैबलेट से भरे पड़े हैं. फीचर्स से भरे इस डिवायस को जब स्टाइल का साथ मिला तो लोगों ने हाथोहाथ लिया. इसी का परिणाम है कि आज लगभग हर मोबाइल निर्माता टैबलेट की ओर रुख कर रहा है. टैबलेट को प्रचलन में आने का सबसे बड़ा कारण यदि माने तो वह है कनेक्टिविटी. लोगों को हर वक्त इंटरनेट का साथ चाहिए. कंप्यूटर को लेकर चल नहीं सकते और मोबाइल पर स्क्रीन छोटी होने की वजह से बेहतर इंटरनेट सेवा ले नहीं सकते. ऐसे में टैबलेट उनके सामने बेहतर विकल्प होता है. हाथों में डायरी की तरह या कोट की जेब में डालकर निकल पड़े. कनेक्टिविटी के लिहाज से फिलहाल बाजार में दो तरह के टैबलेट उपलब्ध् हैं. एक वाई-फाई और दूसरा 3जी +वाई-फाई. वाई-फाई टैबलेट में सिम का विकल्प नहीं होता है. वाई-फाई टैबलेट में बाकी कार्य तो आप कर सकते हैं लेकिन इंटरनेट का मजा वहीं ले सकते हैं. जहां वाई-फाई हो. वाई-फाई से इंटरनेट कनेक्ट किया और हो गए शुरू. वहीं 3जी+वाई-फाई माडल में आप वाई-फाई से इंटरनेट तो चला ही सकते हैं, साथ ही, इसमें सिम का विकल्प भी होता है. जहां आप राह चलते सिम के माध्यम से इंटरनेट सेवा का लाभ ले सकते हैं. चूंकि यह 3जी आधरित होता है इसलिए हर जीपीआरएस की अपेक्षा तेज गति से इंटरनेट गति पाई जा सकती है. जहां तक टैबलेट ट्रेंड की बात है तो टच स्क्रीन टैबलेट का ही बोलबाला है लेकिन अब टच के साथ कीपैड वाले टैबलेट भी बाजार में आ चुके हैं. अर्थात टच फीचर से यह लैस होगा ही साथ ही आप अलग से कीपैड का उपयोग कर सकते हैं.

टैबलेट की बहार
जैसा कि हम बात कर चुके हैं कि पिछले एक साल में ही टैबलेट का जिक्र ज्यादा सुनने को मिला है. लेकिन इस एक साल में ही टैबलेट के क्षेत्र में गजब का बदलाव देखने को मिला है. देखते ही देखते आज टैबलेट आम हो चुका है. चालीस हजार और पचास हजार से शुरू हुआ यह सफर आज 4 हजार तक आ चुका है. मोबाइल की तरह ही इस क्षेत्रा में भी यह अद्भुत बदलाव लाने का श्रेय भारतीय कंपनियों को जाता है . कुछ कुछ समय पहले एपल ने भारतीय बाजार में आईपैड टू उतारा था. तीन माडलों में उपलब्ध् इस डिवायस की कीमत २९,५०० से ३९,५०० तक है और आज एपल आईपैड ३ भी बाज़ार में पेश कर चुका है.वहीं सैमसंग ने टैब माडल उतारा था और हाल ही में कंपनी ने टैब १०.१ भारतीय बाजार में पेश किया है. जिसकी कीमत ३६,२०० है. इसी तरह मोटोरोला जूम, एचटीसी फ्रलायर, ब्लैकबेरी प्लेबुक भी उतारा गया जिनकी कीमत क्रमशः ३९,९९०, ३७,००० और २६,५०० रुपए है. अब आप यही सोच रहे होंगे कि अभी यह कहा गया कि टैबलेट अब आम लोगों के लिए उपलब्ध् है तो यह कीमत तो आम लोगों के लिए नहीं है. लेकिन इस कहानी का दूसरा भाग तो अभी बाकी है. भारत में मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने हाल ही में १२,९९९ रुपए में उतारा है. इसके साथ ही कंपनी ने टैबलेट के लिए विशेष डाटा प्लान भी लांच किया है. भारत की प्रमुख बेसिक फोन निर्माता कंपनी बीटेल ने मोबाइल लांच
करने में भले ही देर कर दी थी लेकिन कंपनी ने टैबलेट की संभावना को जाने नहीं दिया और हाल ही में उसने भी टैबलेट उतारा है जिसकी कीमत ९,९९९ रुपए है. परंतु इन सबको पीछे छोड़ते हुए लक्ष्मी एक्सेस कम्युनिकेशन सिस्टम प्राइवेड लिमिटेड ने ९९ डालर में मैग्नम टैबलेट भारतीय बाजार में उतारा है। भारतीय रुपए के अनुसार इस टैबलेट की कीमत लगभग 4,500 रुपए होगी. भारत सरकार के समर्थन के पेश किया गया आकाश टैबलेट ने इस क्रिन्ती की आग को और दहकने का काम किया. दुनिया का सबसे सस्ता टैबलेट भारतीय बाज़ार में उतरा. आकाश की कीमत २,७५० रुपए है. जल्द ही आपको भारतीय संचार निगम लिमेटेड के तीन टैबलेट मॉडल देखने को मिलेंगे. इनकी कीमत ३,२५० रुपए, १०,९९९ रुपए और १३,५०० है. इस लान्च के साथ ही टैबलेट के बाजार में एक नई जंग शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में अब इससे कहीं सस्ते टैबलेट आपको देखने को मिल सकते हैं.

Thursday, March 1, 2012

पहला क्वाड कोर टेबलेट



भारत में तकनीकी बहुत तेज़ी से अपनी जगह बना रही है. नई-नई तकनीकी लगातार जन्म ले रही है. इसी क्रम में आसुस ने अपना टेबलेट भारतीय बाज़ार में उतरा है. आसुस
ने भारत में ट्रांस्फोर्मेर प्राइम नाम से टेबलेट लॉन्च किया है. यह भारत में पहले क्वाड कोर प्रोसेस्सर आधारित टेबलेट है. यह २.३ पर लेकिन आप ट्रांस्फोर्मेर प्राइम एंडरायड के नवीन वर्जन आइसक्रीम सैंडविच (एंडरायड4) पर अपग्रेड कर सकते हैं . इसकी स्क्रीन १० इंच की है और यह आईपीएस डिस्प्ले पर काम करता है. स्क्रीन का रेज़लूशन १२८० x ८०० है. भारतीय बाज़ार में यह डाक कीबोर्ड के साथ उपलब्ध होगा, डाक कीबोर्ड के द्वारा इसको लैपटॉप के तौर भी इस्तेमाल किया जाता सकता है. ट्रांस्फोर्मेर प्राइम की रेम १जीबी व प्रोसेस्सर १.३ गीगाहर्ट्ज़ का है. ट्रांस्फोर्मेर प्राइम एनविडीया टेग्रा ३ प्रोसेस्सर पर काम करेगा. इसकी इंटरनल मेमोरी ६४ जीबी है. प्राइम का मुख्य कैमरा ८ मेगापिक्सल है जबकि फ्रन्ट १.२एमपी का है. भारत में ट्रांस्फोर्मेर प्राइम की कीमत डाक कीबोर्ड के साथ ४९,९९९ रुपए है.