आया ‘आकाश’ तकनीकी का सबक सिखलाने को। यह सब एक सपने जैसा ही था। भारत में शिक्षा को तकनीकी से जोड़ने की बात कही जा रही थी। कहा जा रहा था कि भारत सरकार छात्रों के लिए एक ऐसा कंप्यूटर तैयार करेगी जो सबसे सस्ती कीमत पर दिया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई -लिखाई डिजिटल हो जाएगी। आज वह सपना हकीकत बनकर सामने आ चुका है। लेकिन इस हकीकत में कितनी सच्चाई है। यह तो आकाश टैबलेट से मिलकर ही जाननी जा सकती है।
तकनीकी गुरु आकाश का स्वागत छात्र-छात्राओं साथ गुरुजनों ने भी किया। अभी आकाश गुरु ने छात्र-छात्राओं को तकनीकी अध्याय पढ़ाना शुरू ही किया था। आकाश जी की मुलाकत उन महारथियों से होने लगी जिन्होंने आकाश की परीक्षा लेनी शुरू कर दी। इन सब महारथियों ने आकाश से अलग-अलग विषय पर चर्चा की। किसी ने परफोर्मेंस के बारे में पूछा तो किसी ने फीचर्स जानने की कोशिश की। मैं यहां आकाश का रिपोर्ट कार्ड आपको नहीं दिखाऊंगा। लेकिन इतना जान लीजिए कि किसी ने आकाश को निल बटे सन्नाटा कहा तो किसी ने इसको बेस्ट टीचर्स आफ द ईयर के लिए चुना।
चर्चा ही चर्चाआकाश टैबलेट ५ अक्टूबर को लॉन्च किया गया। मानव संसाध्न विकास मंत्री कपिल सिब्बल और डाटा विंड कंपनी के सीईओ सुनीत तुली ने इसे दिखाया तो लाखों छात्रों
ने डिजिटल नोट बनाने का और पढ़ने का सपना पूरा होते देखा। वहीं सबसे सस्ता डिवाइस आकाश ने सबको आकर्षित किया। १४ दिन में १४ लाख लोगों ने आकाश टैबलेट को बुक कर दिया।
इतनी बड़ी संख्या में बुकिंग होने के कारण स्टॉक खत्म हो गया। इसके बाद चर्चा चली आकाश मिलने और न मिलने की। जिसके पास आकाश पहुंचा उसने इसकी खूबियों और खामियों पर चर्चा की। भुगतान करने के महीने बाद भी आकाश न मिल पाने पर भी आकाश चर्चा में रहा। लोगों इस आकाश के बेब साइट पर दिए टोल फ्री नंबर पर इतनी कॉल की, कि अब १८०० १८० २१८० नंबर लगता ही नहीं है।
क्यों खरीदें आकाश-आकाश टैबलेट में दो यूएसबी पोर्ट दिए गए हैं। मार्केट में एक यूएसबी पोर्ट की डिवाइस की कीमत इससे ६-७ गुना अधिक है।
- एंडरोयड आपरेटिंग सिस्टम आधरित सबसे सस्ती डिवाइस है।
-डिवाइस में आप वर्ड, एक्सेल और प्रजेंटेशन के लिए पावर पॉइंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। कोई भी डाक्यूमेंट बना सकते है।
-इमेज देखने के लिए सभी पापुलर फारमेट जैसे जेपीजी, जिपफ, पीएनजी, बीएमपी सपोर्ट है।
-पीडीएपफ व्यूअर, टैक्स्ट एडिटर यूट्यूब जैसी प्रीलोडेड एप्लिकेशन
-सीई/आरओएचएस द्वारा प्रमाणित
-२,४९९ रुपए में ७ इंच की टचस्क्रीन डिवाइस कहीं और मिलने वाली नहीं हैं।
सबसे खास बात यह है कि आकाश टैबलेट को भारत सरकार का
समर्थन मिला है। यह पहली ऐसी डिवाइस है जिसको विशेषकर छात्रों के लिए तैयार किया गया है। टैबलेट में एल्डीको बुक रीडर एप्स प्रीलोडेड है। जिसमें आप बुक पढ़ सकते हैं।क्योंकि भारत सरकार इसको सपोर्ट कर रही है तो हम यह भी आशा कर सकते हैं कि आने वाले समय में सरकार इसमें छात्रों के लिए स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम की किताबों को भी जोड़ सकती है।
क्यों न खरीदें आकाशअगर आपके पास वाई-फाई
नेटवर्क उपलब्ध् नहीं है।
रेजिस्टिव टचस्क्रीन
का टच
रिस्पान्स साधरण से भी नीचे है
अगर आपके पास इसपर काम करने के लिए ढेर सा समय है तो इस पर काम करने की सोच सकते हैं। क्योंकि 366 मेगाहर्ट्ज के प्रोसेसर पर काम करता है जो किसी भी एप्लिकेशन को चलाने के लिए काफी समय मांगता है।
टाइपिंग अनुभव
काफी खराब है। आप जो अक्षर टाइप करेंगे शायद वह एक बार में टाइप ही न हो। ऐसे में अगर आपको वाई-फाई से कनेक्ट करने के लिए पासवर्ड डालने की जरूरत पड़ गई तो कापफी समय नेटवर्क से जुड़ में ही लग सकता है।
अगर आप मल्टीटास्किंग की सोच रहा हैं तो एक एप्लिकेशन
को चलाने में ही इसका काम हो जाता है।
तो यह एंडरोयड ओएस पर है लेकिन
एंडरोयड मार्केट आपको नहीं मिलेगा ।
इसकी स्क्रीन कपैसिटिव न हो रेजिस्टिव टच पर है।
इसकी बैटरी की बात करें तो 2100 एमएएच की बैटरी माशा अल्ला है। आपको 25-30 मिनट में इसको चार्ज करना पड़ेगा।
10 मिनट के इस्तेमाल पर यह
काफी गर्म हो जाता है।
आकाश // यूबीस्लेट 7+प्रोसेसर- एआरएम11-366 मेगाहर्ट्ज // कोर्टस्टए8-700 मेगाहर्ट्ज
ओएस- एंडरोयड 2.2 // एंडरोयड 2.3
नेटवर्क - वाई-फ़ाई 802.11बी/जी // वाई-
फाई व जीपीआरएस
स्क्रीन - 7 इंच रेजीस्टिव // 7 इंच रेजीस्टिव
बैटरी - 2100 एमएएच // 3200 एमएएच
कीमत - 2,499 रुपए // 2,999
रुपए
आकाश पर काले बादलमानव संसाध्न मंत्रालय ने आकाश टैबलेट के निर्माण कार्य का जिम्मा डाटा विंड को सौपा था। भारत सरकार ने डाटा विंड को शुरुआत में 1 लाख आकाश टैबलेट बनाने के लिए आर्डर दिया था। अभी डाटा विंड कंपनी 30 हजार ही आकाश टैबलेट ही स्पलाई कर पाई थी और आकाश पर काले बादल छा गए। सरकार ने बाकी 70 हजार टैबलेट पर रोक लगा दी। सरकार ने ऐसा आकाश की खराब क्वालिटी के कारण किया। छात्रों के लिए तैयार किया गया आकाश टैबलेट की सरकार को बहुत सी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसकी बैटरी, टच और स्लो परफोर्मेंस की शिकायत अधिक थीं। सरकार अब आकाश के लिए नए मानक तैयार कर रही है और नए वेंडरों की तलाश भी कर रही है।
देखना यह है कि आकाश की इन सारी खामियों को दूर करने की जिम्मेदारी किसके पास जाती है।
इन सारी चीजों को जानने के बाद आप आकाश जी के बारे में काफी कुछ जान चुके होंगे। अब आप स्वयं निर्णय ले सकते हैं